Strawberry Capital of India: कुछ फ्रूट्स ऐसे होते हैं, जिन्हें हर कोई खाना पसंद करता है. ऐसा ही एक फल है स्ट्राबेरी. लेकिन आप उस जगह के बारे में जानते हैं, जिसे स्ट्राबेरी कैपिटल कहा जाता है?
11 February, 2026
अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें सर्दियों की धूप में लाल और रसीली स्ट्राबेरी खाना पसंद है, तो आपको अपनी अगली ट्रिप की प्लानिंग अभी से कर लेनी चाहिए. दरअसल, भारत के नक्शे पर एक ऐसी जगह है जिसे ‘स्ट्राबेरी कैपिटल ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के खूबसूरत हिल स्टेशन महाबलेश्वर की. यहां की फिजाओं में सिर्फ ताजी हवा ही नहीं, बल्कि स्ट्राबेरी की भीनी-भीनी खुशबू भी घुली रहती है.

स्ट्राबेरी लवर्स की जन्नत
महाबलेश्वर को ‘स्ट्राबेरी कैपिटल ऑफ इंडिया’ का खिताब ऐसे ही नहीं मिला. इसके पीछे सालों की कड़ी मेहनत और यहां के किसानों का पसीना बहा है. तब जाकर ये छोटे सा हिल स्टेशन स्ट्राबेरी का गढ़ बना है. सालों पहले जब यहां कोई बड़े कैफे या रेस्टोरेंट नहीं हुआ करते थे, तब भी यहां से गुजरने वाले टूरिस्ट अपने साथ ताजी स्ट्राबेरी के डिब्बे और घर पर बने जैम की बोतलें ले जाना नहीं भूलते थे. आज आलम ये है कि यहां की सड़कों पर जगह-जगह सजे स्ट्राबेरी के स्टॉल इस शहर की पहचान बन चुके हैं.

स्ट्राबेरी का जादू
महाबलेश्वर और स्ट्राबेरी का रिश्ता किसी इंसान ने नहीं, बल्कि नेचर ने बनाया है. यहां का हल्का कोल्ड क्लाइमेट, साफ हवा और सबसे खास यहां की उपजाऊ लाल मिट्टी, ये सब मिलकर स्ट्राबेरी की खेती के लिए एकदम सही माहौल तैयार करते हैं. दशकों पहले शुरू हुआ ये सफर आज इतना बड़ा हो चुका है कि महाबलेश्वर की स्ट्राबेरी को इसकी मिठास और बेहतरीन क्वालिटी के लिए ‘जीआई टैग’ (Geographical Indication) भी मिल चुका है.
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ये चीज़ें भी हैं फेमस
वैसे सिर्फ फ्रूट्स ही नहीं, बल्कि महाबलेश्वर के डेयरी फार्म्स से मिलने वाला ताजा दूध और मलाई भी काफी फेमस है. अगर आप महाबलेश्वर में हैं और आपने वहां की मशहूर ‘स्ट्राबेरी विद क्रीम’ नहीं खाई, तो आपकी जर्नी अधूरी ही रहेगी. इसके अलावा महाबलेश्वर सिर्फ अपने बागानों के लिए ही मशहूर नहीं है. यहां की शांति, धुंध से ढके पहाड़, खूबसूरत नदियां और झीलें किसी का भी मन मोह सकती हैं. आप यहां के घने जंगलों में सैर कर सकते हैं, झील में नाव चलाने का आनंद ले सकते हैं या बस किसी सनसेट पॉइंट पर बैठकर नेचर के खूबसूरत नजारों को निहार सकते हैं. इसके अलावा यहां का लोकल खाना भी अपनी एक अलग पहचान रखता है, जिसमें हाथ से बने मसालों का स्वाद मिलता है.

कब और कैसे पहुंचें?
वैसे तो महाबलेश्वर साल भर घूमने लायक जगह है, लेकिन स्ट्राबेरी का असली मजा लेना है तो दिसंबर से मार्च के बीच जाना सबसे बेस्ट है. यही वो टाइम है जब सर्दियों की गुलाबी ठंड के साथ खेतों में लाल रसीली फसल तैयार होती है. मानसून में ये जगह पूरी तरह हरी-भरी हो जाती है. अगर आप यहां हवाई जहाज से जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो, सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पुणे इंटरनेशनल है. वहां से आप टैक्सी या बस के जरिए आसानी से महाबलेश्वर पहुंच सकते हैं. इसके अलावा ट्रेन के सफर के लिए सबसे पास का रेलवे स्टेशन सतारा है. साथ ही आप पुणे या वाथर स्टेशन से भी यहां आसानी से पहुंच सकते हैं.
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