Assam News : असम की राजनीति में हिमंता बिस्वा सरमा एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कोर्ट में 500 करोड़ का मानहानि केस ठोक दिया है और कहा कि अगर सबूत नहीं दे पाए तो मानहानि राशि देनी होगी.
Assam News : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं गौरव गोगोई, भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दायर करवा दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने का काम किया और इन्होंने मेरे खिलाफ झूठे आरोप भी लगाए हैं. इसी बीच गुवाहाटी की एक कोर्ट ने कांग्रेस के इन नेताओं को सीएम सरमा के खिलाफ बदनाम करने वाले बयान से रोक दिया है. पिटीशनर के वकील की बात सुनने के बाद सीनियर डिवीजन नंबर-1 के सिविल जज नयनज्योति सरमा ने बुधवार को ‘एड-इंटरिम इंजंक्शन’ आदेश दिया. इस आदेश के तहत कांग्रेस के तीनों के साथ-साथ असमिया अखबार को “कोर्ट में पेश होने तक पिटीशनर के बारे में मानहानि वाले मटीरियल को पब्लिश करने से रोक दिया है.
एसेट्स की करते रहे हैं घोषणा
नयनज्योति सरमा ने अपने आदेश में कहा कि कोर्ट का मानना है कि अगर ‘एड-इंटरिम इंजंक्शन’ का आदेश पास नहीं किया जाता है, तो इससे न्याय पूरी तरह खत्म हो जाएगा. अब कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च को रखी है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने कहा कि CM के वकील ने दलील दी है कि उनकी और उनके परिवार की सभी प्रॉपर्टी और एसेट्स की डिटेल्स 2001 से उनके द्वारा लड़े गए सभी चुनावों के एफिडेविट में फाइल की गई हैं. इसके अलावा राज्य सरकार के नियमों के मुताबिक मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रियों और सीनियर अधिकारियों को हर साल अपनी एसेट्स की घोषणा करनी होती है और सरमा रेगुलर के तौर पर ऐसा करते हैं.
कांग्रेस राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है
वहीं, AG ने कहा कि मुख्यमंत्री 30 से ज्यादा सालों से रेगुलर इनकम टैक्स असेसीज भी रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के आरोपों के उलट, उनकी सारी संपत्ति, प्रॉपर्टी और एसेट्स इनकम टैक्स फाइलिंग, रजिस्टर ऑफ सोसाइटीज, असर सरकार के रिकॉर्ड और इलेक्शन एफिडेविट में दिखाई देती है. सैकिया ने कहा कि सब कुछ सार्वजनिक होने के बाद भी कांग्रेस ने बेबुनियाद आरोप लगाए. साथ ही विपक्षी पार्टी को इस बात की जानकारी कहां से मिली कि 12 हजार बीघा जमीन सीएम और उनके परिवार के पास है. AG ने यह भी बताया कि सरमा को 2021 में उनकी पार्टी के MLA’s ने एकमत से नेता ने चुना था और इसलिए कांग्रेस के दूसरे आरोप भी पूरी तरह झूठे मनगढ़ंत और राज्य के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की है. बता दें कि राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है. उन्होंने कहा कि यही वजह है कांग्रेस सीएम को बदनाम करके राजनीति लाभ उठाने की कोशिश कर रही है.
इसके अलावा राज्य में HBS टैक्स जैसा कुछ भी नहीं है, जिस तरह का कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है. कांग्रेस सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री सरमा पर बेबुनियाद आरोप लगाने का काम कर रही है. वहीं, सीएम ने अपनी पिटीशन में कहा कि कांग्रेस नेताओं को सबूतों के साथ कोर्ट में आरोप साबित करने चाहिए और अगर वे ऐसा करने में नाकाम हो जाते हैं तो उन्हें 500 करोड़ रुपये का हर्जाना देना चाहिए. दूसरी तरफ सैकिया ने कहा कि कोर्ट ने पिटीशनर के जमा किए गए सभी डॉक्टूमेंट्स की जांच करने के बाद अंतरिम रोक का ऑर्डर दे दिया है.
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News Source: PTI
