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इश्क, ठगी और महंगे गिफ्ट: वैलेंटाइन वीक में डेटिंग ऐप्स के जरिए लगा रहे लाखों की चपत

by Sanjay Kumar Srivastava
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इश्क, ठगी और महंगे गिफ्ट: वैलेंटाइन वीक में डेटिंग ऐप्स के जरिए लगा रहे लाखों की चपत

Valentine Week Fraud: मध्य प्रदेश के इंदौर में जहां एक ओर लोग प्यार के इस मौसम में रिश्ते जोड़ रहे हैं, वहीं ठग डेटिंग ऐप्स का फायदा उठाकर लाखों की ठगी कर रहे हैं.

Valentine Week Fraud: मध्य प्रदेश के इंदौर में वैलेंटाइन वीक के दौरान साइबर ठगों की सक्रियता चरम पर है. जहां एक ओर लोग प्यार के इस मौसम में रिश्ते जोड़ रहे हैं, वहीं ठग डेटिंग ऐप्स का फायदा उठाकर लाखों की ठगी कर रहे हैं. क्राइम ब्रांच ने विशेष सलाह जारी कर लोगों को सावधान किया है. वैलेंटाइन वीक में जहां लोग रिश्तों की शुरुआत कर रहे हैं, वहीं साइबर ठग इस मौके को ठगी के सीजन में बदल चुके हैं. डेटिंग ऐप्स पर दोस्ती, फिर गिफ्ट और मुलाकात के नाम पर लोगों से हजारों-लाखों की ठगी हो रही है. हालात को देखते हुए खुद क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. सबसे बड़ी बात यह है कि वैलेंटाइन वीक में इस तरह की वारदातें सबसे अधिक सामने आ रही हैं.

ठगों की कार्यप्रणाली

वैलेंटाइन वीक शुरू होते ही साइबर ठगों की सक्रियता तेज हो गई है. प्यार और दोस्ती की तलाश में लगे लोगों को निशाना बनाकर ठग डेटिंग ऐप्स जैसे टिंडर, बंबल या हिंगे पर फर्जी प्रोफाइल बना रहे हैं. आकर्षक तस्वीरें लगाकर, मीठी-मीठी बातें करके और भरोसे की भावुक कहानियां सुना कर पहले नजदीकियां बढ़ाई जाती हैं. ठग अक्सर खुद को बड़े शहरों जैसे मुंबई, दिल्ली या विदेश में हाई-प्रोफाइल जॉब करने वाला अमीर शख्स बताते हैं, जैसे आईटी प्रोफेशनल, बिजनेसमैन या एनआरआई. लगातार चैटिंग, वीडियो कॉल और व्हाट्सएप पर शेयरिंग से भावनात्मक बंधन बनाया जाता है ताकि पीड़ित बिना सोचे-समझे भरोसा कर ले. जैसे ही विश्वास पक्का होता है, ठग बहाने बनाने लगते हैं. कभी गिफ्ट भेजने का झांसा देकर कस्टम ड्यूटी मांगते हैं, तो कभी होटल बुकिंग, ट्रिप प्लान या मेडिकल इमरजेंसी का ड्रामा रचते हैं. कई बार ‘तुम्हारे नाम पर महंगा गिफ्ट कस्टम में अटक गया, फीस दो तो डिलीवर हो जाएगा’ कहकर तुरंत UPI या बैंक ट्रांसफर करवाते हैं. भावनाओं और डर के दबाव में लोग 10 हजार से लेकर 5-10 लाख तक गंवा देते हैं. पैसे मिलते ही ठग गायब हो जाते हैं, नंबर ब्लॉक, प्रोफाइल डिलीट.

इंदौर में दर्जनों मामले

इंदौर शहर में इस वीक के दौरान दर्जनों शिकायतें सामने आ चुकी हैं. युवा छात्र, प्रोफेशनल्स और अकेले रहने वाले लोग मुख्य टारगेट हैं. एक केस में 25 साल के इंजीनियर ने बताया कि डेटिंग ऐप पर मिली ‘रिया’ ने दो हफ्ते चैट के बाद कहा कि उसके पापा ने सरप्राइज गिफ्ट (आइफोन) भेजा है, लेकिन कस्टम क्लियर करने के लिए 25 हजार चाहिए. पैसे भेजे, फिर 50 हजार और मांगे गए. इस तरह कुल 1.2 लाख गंवाए. दूसरा मामला एक 32 वर्षीय महिला का, जिसे ‘अमित’ नामक प्रोफाइल ने वीडियो कॉल पर प्रपोज किया, फिर वैलेंटाइन डेट के लिए फ्लाइट बुकिंग का बहाना बनाकर 80 हजार ऐंठे. क्राइम ब्रांच को मिली शिकायतों में 70% वैलेंटाइन से जुड़ी हैं. सबसे बड़ी समस्या यह है कि पीड़ित बदनामी और शर्म के डर से शिकायत नहीं करते. लड़के फंस गए समझकर चुप रहते हैं, लड़कियां प्रेमी ने धोखा दिया मानकर. इससे ठगों के हौसले बुलंद हो जाते हैं. इंदौर क्राइम ब्रांच के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में साइबर फ्रॉड के केस पिछले साल से 40% ज्यादा हैं.

क्राइम ब्रांच की विशेष एडवाइजरी

खतरे को भांपते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने विशेष एडवाइजरी जारी की है. लोगों से अपील है कि अनजान प्रोफाइल पर कभी आंख मूंदकर भरोसा न करें. निजी जानकारी जैसे आधार, पैन, बैंक डिटेल्स, OTP या फोटो शेयर न करें. अगर कोई जल्दबाजी में नजदीकी बढ़ा कर पैसे मांगे तो तुरंत ब्लॉक करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं. हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें. पुलिस ने जीरो ट्रस्ट पॉलिसी अपनाने को कहा है. किसी पर भी 100% भरोसा न करें. डेटिंग ऐप्स पर वेरिफाइड प्रोफाइल ही चेक करें, रिव्यू पढ़ें. पैसे मांगने पर परिवार या दोस्त से सलाह लें. अगर फ्रॉड हो गया, तो 24 घंटे के अंदर बैंक को सूचित करें, पैसे रिकवर होने के चांस बढ़ जाते हैं. क्राइम ब्रांच की 4 टीमें सक्रिय हैं, जो IP ट्रेसिंग और मनी ट्रेल से ठगों को पकड़ रही हैं. इस संबंध में क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वैलेंटाइन वीक में साइबर ठग सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं. हमने 15 दिन में 20 से ज्यादा केस रजिस्टर किए हैं, जिनमें 50 लाख से अधिक की ठगी हुई. लोग भावनाओं में बहकर फंस जाते हैं. हमारी एडवाइजरी का पालन करें. अनजान पर भरोसा न करें. शिकायत जरूर करें. बदमाशों को पकड़ने में मदद मिलेगी. हमारी टीमें 24 घंटे काम करती है.

इस तरह से होती है ठगी

गिफ्ट स्कैम: तुम्हारे लिए डायमंड रिंग/गैजेट भेजा है. कस्टम फीस दे दो.

ट्रिप स्कैम: वैलेंटाइन पर गोवा चलें, टिकट बुक हो गया है. शेयरिंग कॉस्ट दो.

इमरजेंसी स्कैम: मां बीमार है. ऑपरेशन के लिए 30 हजार urgently चाहिए.

ब्लैकमेल स्कैम: न्यूड फोटो मांगकर बाद में रिश्वत लूटना.
ये सभी भारत-विदेश आधारित गैंग चलाते हैं, जो VPN और फेक सिम से ऑपरेट करते हैं.

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

प्यार के इस मौसम में सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है. डेटिंग ऐप्स पर प्रोफाइल चेक करें. रिवर्स इमेज सर्च से चेक करें कि फोटो असली है या चोरी की. वीडियो कॉल पर बैकग्राउंड नोटिस करें. कभी भी अजनबी को पैसे न भेजें. बच्चों को पैरेंट्स सतर्क करें. सोशल मीडिया पर जागरूकता कैंपेन चल रहे हैं. इंदौर पुलिस ने स्कूल-कॉलेज में वर्कशॉप भी शुरू किए हैं. अगर फ्रॉड हो तो पैनिक न करें. तुरंत रिपोर्ट करें.

बनी राष्ट्रीय समस्या

यह समस्या राष्ट्रीय है. NCRB डेटा के अनुसार, 2025 में रोमांस स्कैम से 5000 करोड़ की ठगी हुई. वैलेंटाइन वीक में 30% इजाफा. युवाओं में मानसिक तनाव, डिप्रेशन बढ़ रहा है. सरकार साइबर सेल मजबूत कर रही है. इंदौर जैसे शहरों में AI टूल्स से फर्जी प्रोफाइल डिटेक्ट हो रही हैं. फिर भी जागरूकता जरूरी है. एक क्लिक से जिंदगी भर की कमाई उड़ सकती है. सावधान रहें, प्यार हो तो रियल लाइफ में ढूंढें.

  • इंदौर से अखलेश सैन की रिपोर्ट

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News Source: Press Trust of India (PTI)

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