Largest Poducer of Hing: भारतीय रसोई में हींग के बिना खाना अधूरा रहता है. दाल से लेकर सरसो के साग तक, इसकी खुशबू हर डिश में जान डाल देती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हींग सबसे ज्यादा किस देश में होती है?
25 February, 2026
भारतीय रसोइयों में दाल का तड़का हो या कचौड़ी का मसाला, बिना हींग के सब अधूरा लगता है. इसकी तीखी खुशबू और स्वाद खाने में जान डाल देता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस हींग को हम इतने चाव से खरीदते हैं और अपने खाने में इस्तेमाल करते है, वो असल में आती कहां से है? अगर आपको लगता है कि भारत ही इसका सबसे बड़ा प्रोड्यूसर है, तो आप गलत हैं. दरअसल, दुनिया में हींग का सबसे बड़ा सुल्तान हमारा पड़ोसी देश अफगानिस्तान है. ऐसे में आज जानते हैं कि, कैसे एक पहाड़ी देश दुनिया भर की रसोई को अपनी खुशबू से महका रहा है.

हींग का नंबर 1 प्रोड्यूसर
हींग कोई बीज या फल नहीं है, बल्कि ये ‘फेरूला’ नाम के पौधे की जड़ों से निकलने वाला एक खास गोंद है. अफगानिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा हींग उत्पादक देश है क्योंकि वहां का क्लाइमेट इसके लिए एकदम परफेक्ट है. अफगानिस्तान का पथरीला इलाका, ऊंचे पहाड़ और ड्राई क्लाइमेट फेरूला के पौधों के पनपने के लिए बेस्ट है. यहां की मिट्टी और मौसम में वो बात है जो हींग की क्वालिटी को सबसे ज्यादा स्ट्रॉन्ग और असरदार बनाती है.
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कैसे होती है पैदावार?
अफगानिस्तान के नॉर्थ और साउथ हिस्सों में हींग की खेती बड़े लेवल पर की जाती है. यहां की ग्रामीण आबादी पीढ़ियों से ट्रेडिशनल तरीकों से हींग निकाल रही है. वैसे, ये काम आसान नहीं है, बल्कि बहुत मेहनत वाला प्रोसेस है. किसान पौधों की जड़ों को सावधानी से काटते हैं और वहां से निकलने वाले लिक्विड पदार्थ को इकट्ठा करते हैं. बाद में इसे सुखाकर वो सख्त हींग तैयार की जाती है जिसे हम बाजारों में देखते हैं.

‘हींग’ कनेक्शन
ये एक दिलचस्प फैक्ट है कि दुनिया की सबसे ज्यादा हींग अफगानिस्तान में पैदा होती है, लेकिन उसे खाने वाला सबसे बड़ा देश भारत है. भारत अपनी जरूरत की लगभग 90 प्रतिशत हींग अफगानिस्तान से ही इम्पोर्ट करता है. इंडियन फूड, खासकर वेजिटेरियन डिशेस में हींग की जो जगह है, उसने अफगानिस्तान के लिए भारत को सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बना दिया है.
अनसुने फैक्ट्स
आपको जानकर हैरानी होगी कि हींग कोई मसाला नहीं, बल्कि राल यानी गोंद है. कम ही लोग जानते हैं कि कच्ची हींग की खुशबू इतनी तेज होती है कि कोई उसे बर्दाश्त न कर पाए, लेकिन जैसे ही ये गरम तेल या घी के संपर्क में आती है, इसकी महक एकदम बदल जाती है और खाने को लाजवाब बना देती है.
आयुर्वेद से कनेक्शन
आयुर्वेद में हींग को डाइजेशन और सांस की बीमारियों के लिए रामबाण माना गया है. पेट की गैस हो या अपच, हींग का एक छोटा सा टुकड़ा मैजिक की तरह काम करता है. वैसे, अच्छी क्वालिटी की हींग निकालने के लिए बहुत पेशेंस की जरूरत होती है. जड़ों से गोंद निकालने के प्रोसेस में कई हफ्तों का टाइम लग जाता है.

मार्केट में बढ़ती साख
अफगानिस्तान न सिर्फ भारत बल्कि मिडिल ईस्ट और यूरोपीय देशों को भी हींग सप्लाई करता है. इसकी इंटरनेशनल डिमांड हमेशा बनी रहती है क्योंकि फूड इंडस्ट्री और दवाओं में इसका कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है. हालांकि, भारत ने अब हिमाचल प्रदेश और लद्दाख जैसे ठंडे इलाकों में हींग की खेती शुरू कर दी है. मगर अफगानिस्तान को इस मामले में चुनौती देना फिलहाल मुश्किल है. अगली बार जब आप दाल तड़का खाएं, या घर पर बनाएं, तो याद रखिएगा कि ये स्वाद अफगानिस्तान से होकर आपकी थाली तक पहुंचा है.
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