Grahan Shuddhikaran Vidhi: ग्रहण के दौरान कुछ विशेष कामों को करना वर्जित माना जाता है और ग्रहण खत्म होने के बाद शुद्धीकरण करना चाहिए. यहां जानें शुद्धीकरण कैसे करना है.
25 February, 2026
इस साल होली का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा, लेकिन होली पर चंद्र ग्रहण का साया भी पड़ने वाला है.ग्रहण केवल एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि हिंदू धर्म में इसे अशुभ माना जाता है. ग्रहण के दौरान कुछ विशेष कामों को करना वर्जित माना जाता है और ग्रहण खत्म होने के बाद पूजा करके घर का शुद्धीकरण करना चाहिए. कई लोगों को ग्रहण काल, उसकी सावधानियां और शुद्धीकरण के बारे में जानकारी नहीं होती, ऐसे में लोग अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि चंद्र ग्रहण कब लगेगा और ग्रहण के बाद घर का शुद्धीकरण कैसे करना है.

कब लगेगा चंद्र ग्रहण
इस साल चंद्र ग्रहण फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि यानी होलिका दहन के दिन पड़ रहा है. पंचांग के अनुसार 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगेगा. चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर लगेगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट पर खत्म होगा. बता दें, ग्रहण लगने से पहले ही उसका सूतक काल शुरू हो जाता है. सूतक लगने के बाद कोई भी धार्मिक या शुभ काम नहीं करना चाहिए. सूतक चंद्र ग्रहण के 9 घंटे बाद ही लग जाता है. ऐसे में 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 23 मिनट से शुरू हो जाएगा और चंद्र ग्रहण खत्म होने के साथ खत्म होगा. बता दें, इस चंद्र ग्रहण की छाया उत्तर-पूर्वी क्षेत्र, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगी.
ग्रहण के दौरान क्या न करें.
हिंदू मान्यता में सूतक काल को अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय कुछ कामों को करना वर्जित है. सूतक लगने के बाद खाना बनाना, भोजन करना, पूजा पाठ करना और कोई शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. सूतक लगने से पहले मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं. सूतक के दौरान चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और यात्रा नहीं करनी चाहिए. इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को चांद नहीं देखना चाहिए और घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. तुलसी के पौधे में दैवी लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए इसे भी नहीं छूना चाहिए. इस समय मानसिक और शारीरिक शुद्धता बनाए रखने के लिए लोग मन में भगवान का नाम लेते हैं. हालांकि बच्चों और बुजुर्गों को सूतक नियमों में छूट दी जाती है.
ऐसे करें शुद्धीकरण

- चंद्र ग्रहण खत्म होने के बाद आप सबसे पहले गंगाजल के पानी से स्नान करें
- ग्रहण के बाद मंदिर की साफ-सफाई करें और धूप-दीया जलाकर विधि विधान से पूजा-पाठ करें.
- घर में नमक वाले पानी से पोछा लगाएं. इसके बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें.
- घर में बचे हुए खाने को हटा दें और ताजा भोजन बनाएं. अगर ऐसा नहीं कर सकते तो बचे हुए खाने में तुलसी के पत्ते डाल दें, जिससे वह शुद्ध हो जाए.
- ग्रहण के बाद सफेद चीजें जैसे दूध,चावल या तिल का दान करें.
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