Papmochni Ekadashi 2026: चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता हैं. माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से जाने-अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं. यहां जानें कब है पापमोचनी एकादशी और इसका शुभ मुहूर्त.
13 March, 2026
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का खास महत्व है. हर महीने में 2 एकादशी आती हैं यानी साल भर में कुल 24 एकादशी आती हैं. हर एकादशी का अपना धार्मिक महत्व होता है. चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता हैं. माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा के साथ व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से जाने-अनजाने में किए गए सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और जीवन में सुख और शांति आती है. यह व्रत करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है और भक्तों को आध्यात्मिक लाभ मिलता है. आइए जानते हैं इस साल पापमोचनी एकादशी कब है, साथ ही पूजा का तरीका और शुभ मुहूर्त भी.

पापमोचनी एकादशी कब है?
इस साल पापमोचनी एकादशी की तारीख को लेकर कई लोगों में कंफ्यूजन है. कुछ लोग कहते हैं कि यह 14 मार्च है, जबकि कुछ लोग कहते हैं कि यह 15 मार्च है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र कृष्ण एकादशी तिथि 14 मार्च को सुबह 8:10 बजे शुरू होगी और 15 मार्च को सुबह 9:16 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के नियमों के अनुसार, इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत रविवार, 15 मार्च को रखा जाएगा.
शुभ मुहूर्त
शुभ मुहूर्त की बात करें तो इस दिन पूजा और प्रार्थना के लिए कई शुभ मुहूर्त तय किए गए हैं.
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:55 बजे से 5:43 बजे तक रहेगा, जो पूजा और जाप के लिए बहुत शुभ माना जाता है.
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा.
- विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से 3:18 बजे तक रहेगा
- गोधुली मुहूर्त शाम 6:27 बजे से 6:51 बजे तक रहेगा.
पूजा विधि

पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर गंगाजल से स्नान करें. इसके बाद साफ कपड़े पहनें. घर के मंदिर की साफ सफाई करके भगवान विष्णु की प्रतिमा को स्थापित करें. इसके बाद व्रत करने का संकल्प लें. भगवान के सामने धूप और दीया जलाएं. भगवान विष्णु का मिठाई और तुलसी के पत्ते अर्पित करें. इसके बाद विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें. दिनभर व्रत रखें भगवान को स्मरण करें. शाम को भगवान विष्णु और तुलसी की आरती करें. अगले दिन सुबह व्रत पूजा करके प्रसाद बांटे और व्रत का पारण करें.
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