Petrol Price: भारत में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 20 मार्च से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई हैं, जबकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सामान्य पेट्रोल और डीजल की दरें अपरिवर्तित बनी हुई हैं.
Petrol Price: भारत में प्रीमियम पेट्रोल की कीमत 20 मार्च से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई हैं, जबकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सामान्य पेट्रोल और डीजल की दरें अपरिवर्तित बनी हुई हैं. यह बढ़ोतरी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा बेचे जाने वाले XP95 पेट्रोल, पावर पेट्रोल और स्पीड पेट्रोल जैसे हाई ऑक्टेन ईंधन वेरिएंट पर लागू हुई हैं. अलग-अलग जगहों पर मूल्य वृद्धि 2.09 रुपये से 2.35 रुपये प्रति लीटर के बीच रही. कुछ पेट्रोल पंपों पर XP95 की कीमत अब लगभग 101.80 रुपये प्रति लीटर है. अन्य प्रीमियम ईंधन के लिए भी इसी तरह की बढ़ोतरी की गई है. इन हाई ऑक्टेन ईंधनों को बेहतर माइलेज वाले विकल्पों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, इनका उपयोग चुनिंदा वाहनों में किया जाता है और कुल ईंधन खपत में इनकी हिस्सेदारी कम होती है.
सामान्य पेट्रोल और डीजल के नहीं बढ़े दाम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली में प्रीमियम 95-ऑक्टेन पेट्रोल की कीमत 99.89 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 101.89 रुपये हो गई है. इसके साथ ही दिल्ली में थोक या औद्योगिक डीजल की कीमतें 87.67 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 109.59 रुपये हो गईं. दिल्ली में एक लीटर सामान्य पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये पर बनी हुई है, जबकि समान ग्रेड डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर आता है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि प्रीमियम श्रेणी में कुछ वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश में बेचे जाने वाले कुल पेट्रोल का मुश्किल से 2-4 प्रतिशत है. आम आदमी के लिए कीमत में कोई वृद्धि नहीं हुई है.
सरकार की वैश्विक स्थिति पर नजर
उन्होंने कहा कि मूल्य निर्धारण संबंधी निर्णय तेल कंपनियां स्वतंत्र रूप से लेती हैं क्योंकि पेट्रोल और डीजल मूल्य निर्धारण को क्रमशः 2010 और 2014 में नियंत्रण मुक्त कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि यह मूल्य निर्धारण तेल विपणन कंपनियों द्वारा तय किया जाता है. सरकार पेट्रोल और डीजल की कीमत को नियंत्रित नहीं करती है. सरकार वैश्विक तेल बाजारों पर कड़ी नजर रख रही है, लेकिन खुदरा ईंधन की कीमतें बढ़ाने की तत्काल कोई योजना नहीं है. उम्मीद है कि तेल विपणन कंपनियां फिलहाल मौजूदा लागत दबाव को झेल लेंगी. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता सभी उपभोक्ताओं को ऊर्जा उपलब्ध कराना है, जो हम संकट के दौरान कर रहे हैं. अब तक हमने कीमत नहीं बढ़ाई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने भी औद्योगिक डीजल की कीमत में 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है, जिससे इनपुट लागत बढ़ गई है.
ये भी पढ़ेंः सावधान! त्योहार पर जहरीला हुआ कुट्टू का आटा: UP के दो जिलों में हड़कंप, ADM सहित 50 बीमार
News Source: PTI
