Sridevi Song: बॉलीवुड में कई गाने अपने म्यूज़िक, लिरिक्स और खूबसूरत लोकेशन की वजह से यादगार बनते हैं. लेकिन कुछ गानों की कहानी कैमरे के पीछे भी उतनी ही दिलचस्प होती है जितनी पर्दे पर दिखाई देती है. ऐसा ही एक एवरग्रीन गाना है ‘मेघा रे मेघा रे’, जिसे आज भी बारिश का मौसम आते ही लोग गुनगुनाने लगते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस गाने की शूटिंग के दौरान ऐसा चमत्कार हुआ था, जिसने पूरी फिल्म यूनिट को हैरान कर दिया था?
शूटिंग में हुआ चमत्कार
श्रीदेवी की फिल्म ‘लम्हे’ का ये गाना पहले से हुई प्लान के मुताबिक नकली बारिश में शूट होना था. सेट तैयार था, बारिश के लिए मशीनें लग चुकी थीं और पूरी टीम कैमरा रोल होने का इंतजार कर रही थी. लेकिन जैसे ही कैमरा ऑन हुआ, मौसम ने ऐसी करवट बदली कि नकली बारिश की जरूरत ही नहीं पड़ी. अचानक आसमान में बादल घिर आए और तेज़ असली बारिश शुरू हो गई. कहते हैं कि उस पल सेट पर मौजूद हर शख्स कुछ सेकंड के लिए हैरान रह गया. डायरेक्टर यश चोपड़ा ने बिना एक पल गंवाए सिर्फ एक बात कही, कैमरा चलता रहने दो, ऐसे पल दोबारा नहीं मिलते. बस फिर क्या था, श्रीदेवी ने भी बारिश की उन असली बूंदों में ऐसा डांस किया कि, ‘मेघा रे मेघा रे’ हमेशा के लिए अमर हो गया.
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राजस्थान की खूबसूरती
राजस्थान के खूबसूरत मांडवा में शूट हुए इस गाने में नेचर और सिनेमा का ऐसा कॉम्बिनेशन देखने को मिला, जिसे किसी टेक्निक से दोबारा तैयार करना शायद मुमकिन नहीं था. यही वजह है कि स्क्रीन पर दिखने वाली हर बारिश की बूंद बिल्कुल असली फील होती है और गाने को एक अलग ही इमोशन्स देती है. वैसे भी श्रीदेवी का नाम आते ही ‘हवा हवाई’, ‘मैं तेरी दुश्मन’ और उनके शानदार एक्सप्रेशन याद आ जाते हैं. लेकिन ‘मेघा रे मेघा रे’ में उन्होंने सिर्फ अपने डांस से नहीं, बल्कि अपनी एक्टिंग और बारिश के साथ तालमेल से भी ऑडियन्स का दिल जीत लिया था.
लता मंगेशकर की आवाज़
इस एवरग्रीन गाने को सुरों की मलिका लता मंगेशकर ने अपनी आवाज़ दी. वहीं, इला अरुण ने इसमें राजस्थानी टच दिया. गाने के लिरिक्स गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे और संगीतकार जोड़ी शिव-हरि ने इसे ऐसी धुनों से सजाया कि ये हर बारिश के मौसम की पहचान बन गया. आज भी जब पहली बारिश की बूंदें धरती को छूती हैं, तो कानों में सबसे पहले ‘मेघा रे मेघा रे’ की धुन ही बजती है. शायद यही वजह है कि ये गाना सिर्फ एक मूवी सॉन्ग नहीं, बल्कि इंडियन सिनेमा के उन सुनहरे पलों में शामिल है, जहां किस्मत, नेचर और आर्ट ने मिलकर इतिहास रचा था.
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