Rupee Falls to Record Low: पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से भारत समेत दुनिया के कई देशों की स्थिति काफी प्रभावित हुई है. इससे सबसे अधिक नुकसान दुनिया के एनर्जी सेक्टर और इसकी सप्लाई को हुआ है. तेल और गैस को लेकर विश्व भर के लिए काफी अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित है.
Rupee falls: भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार गिरावट देखी जा रही है. यह बीते कुछ दिनों से हर रोज गिरावट का एक नया रिकॉर्ड ही बना रहा है. इस बीच आज सोमवार को बाजार खुलते ही डॉलर के मुकाबले रुपये में एक बार फिर से गिरावट दर्ज की गई है. यह अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. मार्केट के खुलने के कुछ समय बाद भारतीय रुपया 96.25 पर कारोबार करते हुए दिखा. बीते कई दिनों से रुपये में कमजोरी देखी जा रही है. आइए इसके ताजा भाव के साथ गिरावट की वजहों को एक्सपर्ट्स के जरिए जानते हैं.
Rupee falls: 44 पैसे की गिरावट
पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से भारत समेत दुनिया के कई देशों की स्थिति काफी प्रभावित हुई है. इससे सबसे अधिक नुकसान दुनिया के एनर्जी सेक्टर और इसकी सप्लाई को हुआ है. तेल और गैस को लेकर विश्व भर के लिए काफी अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित है और ईरान-अमेरिका के लिए जंग की जगह बन गई है. हजारों की संख्या में तेल-गैस लदे जहाज इस रास्ते को पार करने का इंतजार कर रहे हैं.
इस बीच कच्चे तेल के बढ़ते दाम, ग्लोबल अनिश्चितता और मजबूत डॉलर ने भारतीय करेंसी रुपया को प्रेशर में ला दिया है. आज सोमवार को रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 44 पैसे की गिरावट देखी गई. यह 44 पैसे गिरकर अब तक से अपने रिकॉर्ड सबसे निचले स्तर 96.25 पर आ गया है. आज रुपया 96.19 पर खुला और डॉलर की तुलना में पिछले बंद भाव से 44 पैसे की गिरावट के साथ 96.25 पर आ गया. बता दें कि शुक्रवार को रुपया 95.81 पर बंद हुआ था.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें, मजबूत अमेरिकी डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव ने मिलकर उभरते बाजारों की करेंसी के लिए एक कठिन माहौल बना दिया है. इस वजह से रुपया अब स्पष्ट रूप से उस तनाव को दिखा रहा है.
वहीं, सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “अभी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर का मजबूत होना रुपये के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं. हालांकि, बाजारों के लिए अच्छी खबर यह है कि सरकार और आरबीआई दोनों ने स्थिति को और बिगड़ने से पहले ही संभालने के लिए सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं.”
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी
बीते शुक्रवार को आरबीआई ने विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर राहत वाली खबर दी थी. केंद्रीय बैंक ने बताया था कि 8 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी हुई. यह 6.295 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़कर 696.988 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है.
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News Source: PTI
