Donald Trump: ईरान के सरकारी टीवी पर, कम से कम दो चैनलों के एंकर लाइव प्रोग्राम के दौरान हथियारों से लैस दिखाई दिए. उनमें से एक, हुसैन हुसैनी ने अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड के एक नकाबपोश सदस्य से हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली.
Donald Trump: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अभी भी खत्म होता नहीं दिख रहा है. इसके कारण इन दोनों देशों के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बीते 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध और तनाव के बीच बाधित है. इस समुद्री रास्ते से विश्व की करीब 20 फीसदी एनर्जी सेक्टर की चीजों जैसे तेल, गैस आदि की सप्लाई की जाती है. फारस और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग 33 किमी चौड़ा और करीब 167 किमी लंबा है. इसके बाधित हो जाने से भारत समेत दुनिया के कई देशों में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं और आशंका है कि अगर अमेरिकी-ईरान संघर्ष खत्म नहीं होता है तो इनके दाम और भी बढ़ सकते हैं.
इस बीच ईरान को अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा है कि ईरान के लिए समय तेजी से बीत रहा है. ट्रंप की इस चेतावनी ने एक बार फिर से दुनिया और इसके बाजारों को चिंता में डाल दिया है. बीते दिनों ट्रंप ने वॉरशिप पर अमेरिकी सैन्य अधिकारी के साथ खड़े हुए अपनी एक एआई तस्वीर भी शेयर की थी. इसमें उन्होंने लिखा था, “यह तूफान से पहले की शांति थी.” अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका, तेहरान पर बड़े हमले की तैयारी में है? उधर इजरायल ने भी अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर फिर से हमले की बात कही है.
ईरान का कुछ नहीं बचेगा- ट्रंप
बता दें कि बीते दिनों ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया था क्योंकि उन्हें वह पसंद नहीं आया था. लेकिन अभी का जो ताजा अपडेट है, वह ईरान की टेंशन को बढ़ाने वाला है. ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा है कि उनका कुछ भी नहीं बचेगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा है, “ईरान के लिए समय तेजी से बीत रहा है और उन्हें जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए, वरना उनका कुछ भी नहीं बचेगा.” अमेरिकी प्रेसिडेंट की इस पोस्ट ने यह आशंका बढ़ा दी है कि अमेरिका, तेहरान पर फिर से बड़ा हमला कर सकता है. हमले की शुरुआत की आशंका और भी बढ़ गई है क्योंकि इजरायल ने भी इस ओर ही इशारा किया है.

नए सिरे से युद्ध छिड़ने का खतरा
28 फरवरी को अमेरिका-ईजरायल ने ईरान पर हमले की शुरुआत की थी. इस शुरुआती हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. उसके बाद ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी थी. उसने खाड़ी देशों समेत अन्य देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था. उसके बाद ईरान व अमेरिका-इजरायल में तनाव के साथ जंग छिड़ गई थी. हालांकि, अनिश्चितकाल के लिए अमेरिका की ओर से इस जंग को लेकर सीजफायर जारी है, लेकिन इस दौरान कई जगहों पर हमले की खबरें आ रही हैं.
रविवार 17 मई को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र को ड्रोन निशाना बनाया गया, जिससे उसके परिसर में आग लग गई. किसी के घायल होने या विकिरण रिसाव की कोई खबर नहीं है, लेकिन इससे ईरान के साथ हुए युद्धविराम की अनिश्चितता के बीच नए सिरे से युद्ध छिड़ने का खतरा बढ़ गया है.
हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार- इजरायली पीएम
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इजरायल और अमेरिका, ईरान पर फिर से हमले की तैयारी कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इजरायली सैन्य अधिकारी ने बताया कि इजरायल संभावित हमलों को फिर से शुरू करने के संबंध में अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने गोपनीय सैन्य तैयारियों पर चर्चा करने के कारण नाम न छापने की शर्त पर बात की. वहीं, रविवार को अपने मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के मामले में “हमारी आंखें भी खुली हैं” और “हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं.” इजरायली पीएम ने रविवार को ट्रंप से भी फोन पर बातचीत की.
ईरान के सरकारी टीवी पर हथियार के साथ एंकर
वहीं, ईरान के सरकारी टीवी पर, कम से कम दो चैनलों के एंकर लाइव प्रोग्राम के दौरान हथियारों से लैस दिखाई दिए. उनमें से एक, हुसैन हुसैनी ने अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड के एक नकाबपोश सदस्य से हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी ली. हुसैनी ने संयुक्त अरब अमीरात के झंडे पर गोली चलाने की एक्टिंग की. एक अन्य चैनल पर, मोबिना नासिरी ने कहा कि तेहरान के वनाक स्क्वायर में एक सभा से उन्हें एक हथियार भेजा गया था. उन्होंने कहा, “इस मंच से, मैं घोषणा करती हूं कि मैं इस देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने को तैयार हूं.”
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News Source: PTI
