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India के इस शहर में उगता है सफेद सोना, नमक से चलती है यहां की दुनिया; करोड़ों में होता है कारोबार

by Preeti Pal
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India के इस शहर में उगता है सफेद सोना, नमक से चलती है यहां की दुनिया; करोड़ों में होता है कारोबार

Salt Capital of India: नमक के बिना जिंदगी का कोई मतलब नहीं हैं. हर घर में नमक का बड़ा रोल है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत का ऐसा कौन सा शहर है, जो सॉल्ट कैपिटल ऑफ इंडिया कहा जाता है. अगर नहीं, तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है.

18 May, 2026

भारत में खाने की बात हो और नमक का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. हर रसोई में मौजूद नमक सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करता, बल्कि दवाइयों, बिजनेस और कई जरूरी चीजों में भी इसका बड़ा रोल है. भारत दुनिया के सबसे बड़े नमक उत्पादक देशों में शामिल है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की “सॉल्ट कैपिटल” यानी नमक की राजधानी किस शहर को कहा जाता है? अगर आपके मन में गुजरात का नाम आया है, तो आप पार्शियली सही हैं. राज्य के तौर पर गुजरात सबसे ज्यादा नमक बनाता है, लेकिन शहर की बात करें तो ये खास पहचान किसी और शहर को मिली हुई है.

सॉल्ट कैपिटल ऑफ इंडिया

दरअसल, तमिलनाडु के तूतीकोरिन यानी थूथुकुडी को सॉल्ट कैपिटल ऑफ इंडिया कहा जाता है. तमिलनाडु के दक्षिणी तट पर बसा थूथुकुडी पिछले 100 सालों से भारत के नमक बिजनेस का बड़ा सेंटर बना हुआ है. बंगाल की खाड़ी के कोरोमंडल तट पर बसा ये शहर अपने गर्म और ड्राई क्लाइमेट की वजह से नमक बनाने के लिए परफेक्ट जगह है. यही वजह है कि इसे भारत की “सॉल्ट कैपिटल” कहा जाता है.

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मौसम का कमाल

थूथुकुडी में हर साल मार्च से लेकर अक्टूबर के बीच तक काफी गर्म और ड्राई मौसम रहता है. नमक बनाने के लिए समंदर के पानी को सुखाकर उसमें से नमक निकाला जाता है. इसके लिए तेज धूप और ज्यादा वाष्पीकरण जरूरी होता है. यहां का मौसम इस प्रोसेस के लिए बिल्कुल परफेक्ट माना जाता है. यही वजह है कि यहां बड़े लेवल पर नमक प्रोड्यूस होता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस जिले में करीब 25 हजार एकड़ जमीन नमक उत्पादन के लिए इस्तेमाल की जाती है. इन बड़े नमक के खेतों में समंदर या अंडरग्राउंड सोर्सेस से पानी लाकर जमा किया जाता है. फिर धूप में पानी सूखने के बाद सफेद नमक के क्रिस्टल तैयार होते हैं. दूर-दूर तक फैले नमक के मैदान इस शहर की पहचान बन चुके हैं.

पहली फैक्ट्री

थूथुकुडी सिर्फ नमक बनाने में ही आगे नहीं है, बल्कि यहां साउथ इंडिया की पहली आयोडाइज्ड नमक फैक्ट्री भी स्थापित की गई थी. ये फैक्ट्री एस.के.एस.सी. नटराजन के नेतृत्व में शुरू हुई थी. आयोडीन वाला नमक हेल्थ के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. इस पहल ने पूरे दक्षिण भारत में सॉल्ट बिजनेस को नई दिशा दी. नमक बिजनेस की वजह से ये शहर रोजगार का भी बड़ा सेंटर बन चुका है. यहां हजारों लोग नमक उत्पादन, स्टोरेज, पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और एक्सपोर्ट जैसे कामों से जुड़े हुए हैं. थूथुकुडी का पोर्ट भी सॉल्ट बिजनेस में बड़ी भूमिका निभाता है, जहां से देश और विदेशों तक नमक भेजा जाता है.

तीसरे नंबर पर भारत

अगर आंकड़ों की बात करें तो थूथुकुडी हर साल करीब 12 लाख टन नमक का उत्पादन करता है. तमिलनाडु में बनने वाले कुल नमक का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी शहर से आता है. वहीं पूरे भारत के कुल नमक उत्पादन में तमिलनाडु की हिस्सेदारी करीब 12 प्रतिशत है. हालांकि गुजरात अभी भी देश का सबसे बड़ा नमक उत्पादक राज्य है. ये अकेले ही लगभग 76 प्रतिशत नमक बनाता है. दुनिया में नमक बनाने के मामले में भारत तीसरे नंबर पर आता है. चीन और अमेरिका के बाद भारत का नाम इस लिस्ट में शामिल है. वैसे, इंडियन सॉल्ट की डिमांड सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, जापान और मालदीव जैसे देशों में भी है.

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