Stock Market Update: लगातार 4 दिनों तक गिरावट देखने के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने आखिरकार राहत की सांस ली. सुबह से ही बाजार में खरीदारी का माहौल नजर आया. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने शानदार रिकवरी दिखाई. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा चढ़ा. वहीं, दिन बढ़ने के साथ इसकी तेजी और मजबूत होती गई. करीब 11:40 बजे सेंसेक्स 722 अंक से ज्यादा उछलकर 76,875 के लेवल के आसपास कारोबार कर रहा था. दूसरी तरफ, निफ्टी भी 24,000 का लेवल को पार करने में कामयाब रहा. वैसे, बाजार में आज की इस वापसी के पीछे सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई वजह हैं.
एशियाई बाजारों की तेजी
भारतीय बाजार को सबसे पहले एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत मिले. हांगकांग का हेंग सेंग करीब 2 प्रतिशत चढ़ा. वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 1.3 प्रतिशत ऊपर रहा और जापान का निक्की 225 भी 1 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुआ. चीन का शंघाई कम्पोजिट भी हरे निशान में कारोबार करता दिखा. इससे पहले अमेरिकी बाजारों ने भी गुरुवार को मजबूत तेजी दिखाई थी. वॉल स्ट्रीट में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त ने एशियाई बाजारों का मूड पॉजिटिव बनाया. इसका फायदा भारतीय बाज़ार को भी मिला.
फेड की दरों को लेकर राहत
बाजार की तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व से जुड़ी उम्मीदें भी रहीं. फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयान के बाद निवेशकों को संकेत मिला कि अगर महंगाई से जुड़े आंकड़े राहत देते हैं तो अगली नीति बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने का समर्थन किया जा सकता है. जब अमेरिका में ब्याज दरें तेजी से बढ़ने की आशंका कम होती है, तो भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है. यही वजह है कि इस खबर ने वैश्विक इक्विटी बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया.
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इंडिया विक्स में गिरावट
शेयर बाजार का डर मापने वाला इंडेक्स इंडिया विक्स भी 4 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर करीब 10.85 पर पहुंच गया. विक्स में गिरावट का मतलब आमतौर पर ये माना जाता है कि निवेशकों के बीच मार्केट को लेकर घबराहट कुछ कम हुई है. पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार लगातार दबाव में था. ऐसे में शुक्रवार को विक्स का नीचे आना निवेशकों के लिए एक और पॉजिटिव साइन बना.
रुपये में मजबूती
भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले थोड़ा मजबूत हुआ. रुपया 5 पैसे की बढ़त के साथ 94.46 के स्तर तक पहुंच गया. हालांकि, तेल की कीमतों पर नजर रखना अभी भी जरूरी है. कच्चा तेल करीब 0.48 प्रतिशत बढ़कर 95.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. महंगा कच्चा तेल भारत जैसे बड़े देश के लिए चिंता का विषय बना रह सकता है.
इन शेयरों ने दिखाई ताकत
सेंसेक्स के बड़े शेयरों में बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडिगो, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टाइटन, अडानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, HDFC बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. वहीं, एक्सिस बैंक, एटरनल, ICICI बैंक और एशियन पेंट्स कुछ दबाव में रहे. बाजार में खासतौर पर कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में तेज खरीदारी दिखाई दी. SEBI द्वारा डेरिवेटिव सेटलमेंट प्राइस मैकेनिज्म में बदलाव पर विचार किए जाने के संकेत के बाद BSE के शेयर में करीब 4.5 प्रतिशत की तेजी देखी गई. एंजल वन में 5 प्रतिशत से ज्यादा उछाल आया. वहीं, ग्रो में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII गुरुवार को करीब 2,345 करोड़ रुपये के शेयर बेचने वाले रहे. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने बाजार को मजबूत सहारा दिया और करीब 4,977 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. देखा जाए तो, शुक्रवार का दिन निवेशकों के लिए राहत लेकर आया. 4 दिनों की गिरावट के बाद बाजार ने साफ संदेश दिया कि निवेशकों का भरोसा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और अमेरिका-ईरान की टेशन आगे भी बाजार की चाल तय करेंगे.
News Source: PTI
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