UP Exports To BRICS Nations: उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक है. यहां लोकसभा की सबसे अधिक 80 सीटें हैं. यहां की जनसंख्या देश के अन्य राज्यों से सबसे अधिक है. भारत के इतने बड़े राज्य होने के नाते यहां की सरकार इसके विकास को लेकर बड़ा ध्यान देती है. प्रदेश के विकास में यहां के व्यापार की हिस्सेदारी सबसे अधिक हिस्सेदारियों में से एक है.
इस बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है. यूपी की योगी सरकार ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ अपने व्यापार को काफी तेजी के साथ आगे बढ़ा रहा है. बता दें कि ब्रिक्स देशों के समूह में भारत के अलावा ब्राजील, चीन, रूस, साउथ अफ्रीका, सऊदी अरब, इजिप्ट, यूएई, ईरान, इथोपिया, इंडोनेशिया शामिल हैं. इनके अलावा कई पार्टनर देश भी हैं.
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि वह ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश संबंधों को मजबूत कर रही है. सरकार ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों को राज्य का कुल निर्यात 5.36 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गया है.
यूपी सरकार के मंत्री ने क्या बताया?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट मुताबिक, आगरा में आयोजित ब्रिक्स एमएसएमई फोरम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि राज्य कई देशों को मशीनरी, वस्त्र, चमड़ा, कालीन और कीमती पत्थरों का निर्यात करता रहा है. उन्होंने बताया कि यूपी के द्वारा कुल निर्यात में से लगभग 3.938 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान ब्रिक्स सदस्य देशों को निर्यात किया गया, जबकि 1.429 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सामान सहयोगी देशों को निर्यात किया गया.
बता दें कि आगरा में आयोजित तीन दिवसीय ब्रिक्स एमएसएमई फोरम में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ एमएसएमई अधिकारी भी शामिल हुए. इस दौरान मंत्री चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का एमएसएमई क्षेत्र रोजगार, इनोवेशन और आर्थिक विकास का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभरा है, जिसमें राज्य में लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं और लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं.
सरकार की इन योजनाओं की बड़ी भूमिका
यूपी के मंत्री ने कहा कि राज्य की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना ने स्थानीय प्रतिभा और पारंपरिक शिल्पों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद की है. बताया गया कि ओडीओपी योजना के तहत 20,000 से अधिक लोगों को लगभग 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सहायता प्रदान की गई है, जिससे 3.16 लाख रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं. मंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पर भी प्रकाश डाला, जिसके तहत 4.41 लाख से अधिक पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.
सरकार ने बताया कि राज्य ने युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान भी शुरू किया है. इस योजना के तहत, बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और इसका लक्ष्य 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है. सरकार के बयान में कहा गया कि राज्य में PLEDGE योजना के तहत MSME पार्क विकसित किए जा रहे हैं और बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम प्रदान करने के लिए 12 जिलों में पार्कों को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है.
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News Source: PTI
