Gold-Silver Market on Janmashtami: जन्माष्टमी के पावन पर्व पर मंदी के माहौल से गुजर रहे सोना-चांदी बाजार में एक बार फिर रौनक देखने को मिली. जन्माष्टमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने लड्डू गोपाल को लेकर ज्वेलरी शोरूम पहुंचे. किसी ने कान्हा के लिए सोने की बूटी खरीदी, तो किसी ने चांदी के आभूषणों से उनका श्रृंगार करवाया. बाजार में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने लगी और ज्वेलरी बाजार में भी जन्माष्टमी को लेकर खास उत्साह नजर आया. जन्माष्टमी के मौके पर श्रद्धालुओं के लिए लड्डू गोपाल सिर्फ भगवान नहीं, बल्कि घर के छोटे बच्चे के समान होते हैं. यही वजह है कि जन्माष्टमी पर कान्हा के श्रृंगार के लिए लोग विशेष तैयारियां करते हैं. कई श्रद्धालु अपने लड्डू गोपाल को गोद में लेकर ज्वेलरी शोरूम पहुंचे और उनके लिए सोने-चांदी के आभूषण खरीदे. शोरूम में कई लोग कान्हा के लिए सोने की बूटी, चेन और अन्य छोटे आभूषण पसंद करते नजर आए. कुछ परिवारों ने अपने साथ लाए लड्डू गोपाल को नए आभूषण पहनाकर उनका विशेष श्रृंगार भी किया.
जन्माष्टमी पर लगी रौनक
जन्माष्टमी के दिन सोना-चांदी के भाव ऊंचे रहने के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखाई दी. आज 22 कैरेट सोने का भाव 10 ग्राम के लिए 1 लाख 42 हजार 910 रुपये रहा. वहीं, चांदी का भाव 1 किलो के लिए 2 लाख 36 हजार रुपये रहा. सोने-चांदी के दाम ऊंचे होने के बावजूद धार्मिक आस्था से जुड़ी खरीदारी पर इसका खास असर देखने को नहीं मिला. श्रद्धालुओं का कहना है कि जन्माष्टमी के दिन कान्हा का श्रृंगार करना उनके लिए आस्था और खुशी का विषय है.
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सोने की बूटी से शुभ शुरुआत
जन्माष्टमी के मौके पर कुछ ज्वेलरी शोरूम की तरफ से भी विशेष पहल की गई. शोरूम में अपने लड्डू गोपाल को लेकर आने वाले श्रद्धालुओं को कान्हा के श्रृंगार के लिए विशेष सुविधा दी गई. कई कान्हा को शोरूम की तरफ से मुफ्त में सोने की बूटी पहनाई गई. इस दौरान शोरूम में लड्डू गोपाल के साथ पहुंचे परिवारों में खास उत्साह दिखाई दिया. सोने की बूटी पहनाने के बाद कान्हा का श्रृंगार देखकर श्रद्धालु भी काफी खुश नजर आए. पिछले कुछ समय से सोना-चांदी बाजार में मंदी का माहौल देखा जा रहा है. ऐसे में जन्माष्टमी के मौके पर ग्राहकों की बढ़ी हुई आवाजाही कारोबारियों के लिए राहत लेकर आई. ज्वेलरी शोरूम में बढ़ती भीड़ के कारण बाजार में भी रौनक देखने को मिली. कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान धार्मिक आस्था से जुड़ी खरीदारी हमेशा महत्वपूर्ण रहती है. जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के आभूषणों की मांग बढ़ने से बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला. जन्माष्टमी पर अपने लड्डू गोपाल का श्रृंगार करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि वे कान्हा को अपने परिवार के सदस्य और बेटे की तरह मानते हैं. इसलिए उनके लिए कपड़े, मुकुट, हार और सोने-चांदी के आभूषण खरीदना उनके लिए सिर्फ खरीदारी नहीं, बल्कि आस्था का हिस्सा है. कई परिवारों ने कहा कि जन्माष्टमी के दिन कान्हा को नए आभूषण पहनाकर उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आने की कामना की जाती है.
कारोबारियों के चेहरे पर खुशी
श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण से सभी के कल्याण की प्रार्थना भी की. जन्माष्टमी के दिन बाजार में बढ़ी भीड़ और ग्राहकों की आवाजाही से ज्वेलरी कारोबारियों के चेहरे पर भी खुशी दिखाई दी. लंबे समय से चल रहे मंदी के माहौल के बीच त्योहार के दिन बिक्री और ग्राहकों की बढ़ी संख्या ने व्यापारियों को राहत दी. व्यापारियों के मुताबिक, लड्डू गोपाल के लिए छोटे आकार के सोने और चांदी के आभूषणों की विशेष मांग देखने को मिली. श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार कान्हा के लिए आभूषण खरीदते नजर आए. जन्माष्टमी के मौके पर बाजार में एक तरफ भगवान कृष्ण की भक्ति दिखाई दी, तो दूसरी तरफ सोना-चांदी कारोबार में आई रौनक ने व्यापारियों को भी उत्साहित किया. कुल मिलाकर, जन्माष्टमी के पावन पर्व ने मंदी के माहौल के बीच सोना-चांदी बाजार में नई रौनक भर दी. गोद में लड्डू गोपाल को लेकर शोरूम पहुंचते श्रद्धालु, कान्हा को सोने की बूटी और चांदी के आभूषण पहनाकर किया जा रहा श्रृंगार और बाजार में बढ़ती भीड़ ने जन्माष्टमी के दिन बाजार का माहौल भक्तिमय बना दिया.
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