Home Latest News & Updates फ्रिज, नीला ड्रम, कुकर…, जब इश्क बना कातिलाना, मोहब्बत में मर्डर के इन 5 मामलों ने देश की रूह कंपा दी

फ्रिज, नीला ड्रम, कुकर…, जब इश्क बना कातिलाना, मोहब्बत में मर्डर के इन 5 मामलों ने देश की रूह कंपा दी

by Neha Singh 8 July 2026, 4:48 PM IST (Updated 8 July 2026, 4:51 PM IST)
8 July 2026, 4:48 PM IST (Updated 8 July 2026, 4:51 PM IST)
Brutal Murder Stories

Brutal Murder Stories: समाज में भावनाएं मरती जा रही है. प्यार के नाम पर केवल रिश्तों का सौदा किया जा रहा है. हर दिन अपराध की नई सीमाएं गढ़ी जा रही हैं. हर दिन हत्या का नया तरीका सामने आ रहा है, जिसे सुनकर लगता है कि अब लोगों में इंसानियत की जगह गुस्से और फरेब ने ले ली है. प्यार, भरोसा और अपनापन किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव मानी जाती है, लेकिन हाल के सालों में कुछ सनसनीखेज हत्याओं ने इन भावनाओं पर ही सवाल उठा दिए हैं. कहीं पर किसी पत्नी ने पति का कत्ल कर दिया तो कहीं किसी लड़के ने अपनी गर्लफ्रेंड की हत्या का जाल बुना.

कहा जाता है प्यार और परिवार के लिए लोग दुनिया से लड़ जाते हैं, लेकिन अब ऐसे खौफनाक अपराध हो रहे हैं, जिनमें लोग अपने नए प्यार को पाने के लिए अपने पति या पत्नी की हत्या करना बेहतर समझते हैं. इन घटनाओं ने शादी जैसे पवित्र रिश्ते को लेकर लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है. ऐसे में किसी पर भरोसा करना मुश्किल है. आज हम आपको देश के कुछ सबसे डरावने हत्याकांड के बारे में बताएंगे, जिन्हें सुनकर आपका अपने पार्टनर पर भरोसा डगमगा जाएगा.

श्रद्धा वाकर मर्डर केस

27 साल की श्रद्धा वाकर महाराष्ट्र के मलाड में एक कॉल सेंटर में काम करती थी. बंबल ऐप के जरिए उसकी मुलाकात आफताब अमीन पूनावाला से हुई. आफताब भी वसई का रहने वाला था. संयोग से वे दोनों एक ही कॉल सेंटर में काम भी करते थे. दोनों की दोस्ती हुई और धीरे-धीरे प्यार हो गया. श्रद्धा ने आफताब पर भरोसा किया और उसके साथ जिंदगी भर रहने के लिए तैयार हो गई, लेकिन उसे जरा भी भनक नहीं थी कि उसकी मोहब्बत एक दिन उसकी जिंदगी खत्म कर देगी.

2019 में वह अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ आफताब के साथ रहने चली गई. उसका परिवार इंटरफेथ रिश्ते और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के खिलाफ थे. श्रद्धा ने अपने परिवार से सारे रिश्ते तोड़ दिए. साउथ दिल्ली के महरौली में रहते थे. 2-3 साल में आफताब के प्यार का झूठा नाटक सामने आने लगा तो, दोनों में लड़ाई-झगड़ा शुरु हो गया. इसी घरेलु विवाद में आफताब ने श्रद्धा को रास्ते से हटाने का प्लान बना लियाी. 18 मई 2022, यह वो दिन था जब आफताब ने जल्लाद बनकर श्रद्धा की हत्या कर दी.

हत्या का खुलासा करीब छह महीने बाद हुआ, जब श्रद्धा के पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई. श्रद्धा के दोस्तों ने नोटिस किया मई के बाद से उसके सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ पोस्ट हुआ और उसका फोन भी बंद है. दोस्तों ने इसकी जानकारी पिता विकास वाकर को दी. पिता ने दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई. जब पुलिस ने श्रद्धा का बैंक अकाउंट खंगाला तो पता चला कि उसके अकाउंट से आफताब के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किया गया. मोबाइल लोकेशन ट्रेस करके पुलिस ने 12 नवंबर 2022 को आफताब को हिरासत में ले लिया. इसके बाद हत्या की पूरी साजिश सामने आई.

आफताब ने श्रद्धा का गला घोंट दिया और उसकी बॉडी के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने अपने घर पर 300 लीटर के फ्रिज में करीब तीन हफ्ते तक रखा. किसी को शक न हो, इसलिए वह इन टुकड़ों को एक-एक करके फेंकता रहा. जंगल में मिली हड्डियों का DNA श्रद्धा के पिता के DNA से पूरी तरह मैच हो गया. जांच में यह सामने आया कि आफताब ने इंटरनेट और क्राइम शोज की मदद से हत्या की पूरी प्लानिंग की. इस हत्याकांड से पूरे देश में सनसनी मच गई थी.

प्रेशर कुकर में उबाली बॉडी

इससे भी भयानक घटना मुंबई से सामने आई. 7 जून 2023 को गीता नगर, फेज 7 में एक बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 704 से लोगों को बदबू आने लगी. लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. पुलिस टीम पहुंची और डोरबेल बजाई. मनोज साने ने दरवाजा खोला. वह पुलिस को देखकर डर गया. जैसे ही दरवाजा खुला, पुलिस को तेज बदबू आई. मनोज ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया. जब पुलिस ने मनोज से इस घटना के बारे में पूछा, तो वे भी हैरान रह गए. पुलिस फ्लैट में घुसी, तो उन्हें एक औरत का पैर मिला. पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली लेकिन पैर के अलावा कुछ नहीं मिला. जब पुलिस ने मनोज साने (56) से पूछताछ की, तो उसने बताया कि यह उसकी लिव-इन-पार्टनर सरस्वती का पैर है. पुलिस को किचन में एक गंदा, बदबूदार कुकर भी मिला. जब उससे कुकर के बारे में पूछा गया तो पुलिसवालों के भी होश उड़ गए.

मनोज ने 36 साल की सरस्वती की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर आरी से उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए और उन्हें धीरे-धीरे ठिकाने लगाना शुरू कर दिया. हैरानी की बात यह है कि उसने टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए एक अजीब तरीका अपनाया. वह टुकड़ों को कुकर में उबालता और फिर उन्हें ठिकाने लगा देता. उबालने के बाद, वह टुकड़ों को पीसकर टॉयलेट में बहा देता ताकि किसी को हत्या के बारे में पता न चले. लोकल लोगों ने पुलिस को बताया कि साने को पिछले दो-तीन दिनों से इलाके में आवारा कुत्तों को खाना खिलाते देखा गया था.

ब्लू ड्रम मर्डर

मेरठ के ब्लू ड्रम मर्डर केस ने भी लोगों को हैरान कर दिया. मेरठ की मुस्कान रस्तोगी अपनी छह साल की बेटी और अपने पति सौरभ राजपूत के साथ रहती थी. मुस्कान और सौरभ की लव मैरिज हुई थी. सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करता था और ज्यादातर अपने काम से बाहर ही रहता था. इसी दौरान मुस्कान अपने बचपन के दोस्त साहिल शुक्ला के संपर्क में आई. दोनों की पुरानी दोस्ती अफेयर में बदल गई. मार्च 2025 में जब सौरभ घर लौटा, तो मुस्कान और साहिल ने उसे मारने का प्लान बनाया. मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं और जब वह बेहोश हो गया, तो उन्होंने उसे चाकू मारकर मार डाला. 3 मार्च 2025 की रात को मर्डर करने के बाद, दोनों ने बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए उसे नीले रंग के ड्रम में डाल दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने सीमेंट का घोल डालकर उसे सील कर दिया. अगले ही दिन मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए घूमने चले. इस दौरान वे सौरभ के फोन से उसके परिवार को गुमराह करने के लिए मैसेज भेजते रहे ताकि कोई उन पर शक न करे.

कई दिनों तक सौरभ से संपर्क न होने पर घरवालों ने पुलिस में शिकायत दर्ज गई, जिसके बाद पुलिस ने सौरभ को ढूंढना शुरु किया. पुलिस और परिवार का दबाव लगातार बढ़ता गया और जांच मुस्कान तक पहुंच गई, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी थी. 18 मार्च 2025 को मुस्कान ने अपनी मां के सामने सौरभ की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद मां ने पुलिस को खबर दी और मेरठ पुलिस ने सील किया हुआ कमरा खोलकर नीला कंक्रीट ड्रम बरामद किया. ड्रम को काटने पर, अंदर सौरभ राजपूत की कटी-फटी लाश मिली. इसके बाद 19 मार्च 2025 को पुलिस ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला दोनों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया. गिरफ्तारी के समय मुस्कान गर्भवती थी, उसने जेल में ही बेटी को जन्म दिया.

हनीमून मर्डर

इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी ने 11 मई, 2025 को बड़े अरमानों के साथ सोनम रघुवंशी से शादी की थी. कुछ दिनों बाद ही वे दोनों हनीमून के लिए मेघालय निकल गए. लेकिन हनीमून डेस्टीनेशन ही राजा रघुवंशी के लिए डेथ डेस्टीनेशन बन गया. मेघालय पहुंचने के बाद अचानक दोनों का अपने परिवार वालों से कॉन्टैक्ट टूट गया. कई दिनों तक कोई जानकारी न मिलने पर परिवार ने पुलिस से मदद मांगी. लोकल पुलिस और रेस्क्यू टीम ने कपल की तलाश शुरू की. कुछ दिनों बाद राजा की बॉडी एक गहरी खाई से मिली, जबकि सोनम का कहीं पता नहीं चला. शुरू में इस मामले को एक एक्सीडेंट या लूट माना गया, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी पूरी तरह बदल गई.

सोनम फोटो शूट के बहाने 23 मई को राजा को ऊंची पहाड़ियों पर लेकर गई थी, जहां पहले से ही कॉन्ट्रैक्ट किलर्स उनका इंतजार कर रहे थे. वहां पहुंचने पर हमलावरों ने राजा पर चाकू से वार किया और उसे पहाड़ी से धक्का दे दिया. पुलिस ने मोबाइल लोकेशन डेटा, CCTV फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की. जांच में पता चला कि राजा की मौत एक्सीडेंट नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या थी. पुलिस के मुताबिक, सोनम ने अपने कथित प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी. मर्डर को एक्सीडेंट जैसा दिखाने के लिए पहले से प्लान की गई साजिश के तहत हनीमून के लिए मेघालय चुना गया. कुछ दिनों बाद सोनम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली, जहां उसने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. इसके बाद, पुलिस ने उसके कथित प्रेमी और दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ और टेक्निकल सबूतों से पूरी घटना का पता चला. फिलहाल कोर्ट में केस चल रहा है और सोनम को कोर्ट से जमानत मिल गई है.

400 फीट की ऊंचाई से मंगेतर को दिया धक्का

पुणे के रहने वाले बिजनेसमैन केतन अग्रवाल मर्डर केस इन दिनों सुर्खियों में है. अपनी शादी का इंतजार कर रहे केतन अग्रवाल को उसकी मंगेतर ने ही बेरहमी से मार दिया. सोशल मीडिया और परिवारवालों की नजरों में सिया और केतन एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन सिया के दिमाग में केतन को हत्या की प्लानिंग चल रही थी. दोनों सोशला मीडिया पर बहुत खुश दिखते थे, घूमते-फिरते थे. केतन सिया को सर्प्राइज दिया करता था. नवंबर में दोनों की शादी होने वाली थी, जिसकी पूरी तैयारियां हो चुकी थी. 17 करोड़ का पैलेस शादी के लिए बुक किया गया था, लेकिन परिवार के सारे अरमान आंसुओं में बदल गए. सिया अपने बर्थडे के दिन केतन को जबरदस्ती भरपुर के लोहागढ़ किले पर ले गई. वहां जाकर उसने केतन को 400 फीट की ऊंचाई से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

सिया ने परिवार वालों को इसे एक एक्सीडेंट के रूप में बताया. उसने कहा कि फोटो खींचने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह गिर गया. घटना के बाद जब पुलिस ने सिया से पूछताछ की, तो वह बार-बार अपना बयान बदलती रही कि केतन कैसे गिरा. इसके अलावा, लोहागढ़ किले की उस खास जगह पर ढलान इतनी खतरनाक नहीं थी कि कोई आसानी से फिसल सके, जिससे पुलिस का शक और गहरा हो गया. पुलिस ने किले के नीचे से ऊपर तक CCTV फुटेज की जांच की, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई. जून की चिलचिलाती गर्मी में भी, हुडी पहने एक संदिग्ध युवक केतन और सिया का पीछा कर रहा था. जांच में पता चला कि यह आदमी सिया का सीक्रेट प्रेमी चेतन चौधरी था. फुटेज में सिया चेतन को अजीब इशारे भी करती दिखी. इससे पुलिस को कन्फर्म हो गया कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या की है. सख्ती से पूछताछ करने पर सिया ने अपना जुर्म कबूल कर दिया. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है.

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