Home Top News दिल्ली में 7.36 करोड़ का बड़ा साइबर फ्रॉड: बैंक मैनेजर समेत 6 गिरफ्तार, खुलवाए 37 फर्जी खाते

दिल्ली में 7.36 करोड़ का बड़ा साइबर फ्रॉड: बैंक मैनेजर समेत 6 गिरफ्तार, खुलवाए 37 फर्जी खाते

by Sanjay Kumar Srivastava 23 October 2026, 6:06 PM IST
23 October 2026, 6:06 PM IST
दिल्ली में 7.36 करोड़ का बड़ा साइबर फ्रॉड: बैंक मैनेजर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, मजदूरों के खुलवाए 37 फर्जी खाते

Cyber Fraud: दिल्ली में 7.36 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया. दिल्ली पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 37 संदिग्ध बैंक खाते शामिल थे. इन खातों में देशभर में दर्ज 99 शिकायतों से जुड़े 7.36 करोड़ रुपये जमा किए गए थे. पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने इस मामले में एक बैंक शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने दिहाड़ी मजदूरों से उनके KYC दस्तावेज और हस्ताक्षर हासिल किए. इसके बाद उनका इस्तेमाल करके बैंक खाते खुलवाए. इन खातों में आई रकम का एक हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया गया था.

सरस्वती विहार और त्रिनगर शाखा में जमा थे रुपये

जांच में पता चला कि एक निजी बैंक की सरस्वती विहार शाखा में 17 और त्रिनगर शाखा में 20 संदिग्ध खाते मौजूद थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये खाते देशभर में दर्ज 99 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े पाए गए, जिनमें कुल 7.36 करोड़ रुपये जमा हुए थे. यह मामला तब सामने आया जब ‘म्यूल’ खातों के डेटा की जांच की गई, जिसमें त्रिनगर शाखा ऐसे खाते खोलने के एक संदिग्ध केंद्र के रूप में उभर कर आई. एक खाते की शुरुआती जांच से पता चला कि उसका धारक, जिसकी पहचान राहुल के रूप में हुई है, न तो कभी बैंक शाखा गया था और न ही उसने खाता खोलने के लिए कोई आवेदन किया था. उसी शाखा के दो अन्य संदिग्ध खातों से जुड़े पतों की भी पुष्टि नहीं हो सकी.

एक आरोपी बाबा हरिदास नगर से गिरफ्तार

अधिकारी ने आगे बताया कि जांच के बाद 17 जून को एक FIR दर्ज की गई और मामले की छानबीन शुरू हुई. जांच के दौरान, त्रिनगर शाखा के 17 और खातों की पड़ताल की गई. पुलिस ने पाया कि खाता धारकों के पते फर्जी थे, और उनके फोटो या KYC दस्तावेज भी आमने-सामने (व्यक्तिगत रूप से) नहीं लिए गए थे. इससे एक बड़े गिरोह के शामिल होने का संदेह पैदा होता है, जिसमें बैंक कर्मचारी और अन्य आरोपी शामिल हो सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि तकनीकी जांच से जांचकर्ता मयंक कपूर उर्फ ​​रिंकू (35) तक पहुंचे, जो संदिग्ध खातों को संचालित करता था. उसे दिल्ली के बाबा हरिदास नगर से गिरफ्तार किया गया.

दिहाड़ी मजदूरों के नाम पर लिए सिम कार्ड

पूछताछ के दौरान कपूर ने बताया कि उसने दिहाड़ी मजदूरों के नाम पर सिम कार्ड का इंतजाम किया था. उसने मोबाइल फोन पर उनसे संपर्क करके, लोन पास कराने का झांसा देकर उनके KYC दस्तावेज और तस्वीरें हासिल कीं. इसके बाद, सोशल मीडिया के जरिए ये दस्तावेज और तस्वीरें इकट्ठा की गईं और इनका इस्तेमाल बैंक खाते खोलने के लिए किया गया. पुलिस ने बताया कि कपूर, सरस्वती विहार स्थित एक प्राइवेट बैंक की शाखा के मैनेजर शोभित अग्रवाल (38) के संपर्क में आया. आरोप है कि अग्रवाल ने खाताधारकों की मौजूदगी के बिना ही उनके खाते खुलवाने में मदद की. इन खातों में खाताधारकों के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे. बाद में, अग्रवाल ने कपूर की मुलाकात त्रि नगर शाखा के मैनेजर सुशांत कुमार से कराई.

लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, सात चेक बुक बरामद

बैंक कर्मचारियों की मदद से आरोपी ने सरस्वती विहार में लगभग 17 और त्रि नगर में 20 ‘म्यूल अकाउंट्स’ खुलवाए. पुलिस को यह भी पता चला कि सेल्स टीम के सदस्यों मनोज, अंकुर, फातिमा और पंकज ने कुछ खाते तैयार किए, जिन्हें बाद में दो ब्रांच मैनेजरों ने मंजूरी दे दी. अधिकारी ने बताया कि पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद पुलिस ने अग्रवाल और सेल्स टीम के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने कहा कि तलाशी के दौरान टीम को एक लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, सात चेक बुक, सात डेबिट कार्ड, 60,000 रुपये नकद और लगभग 150 ग्राम सोने के गहने मिले. इसके अलावा, पुलिस ने अलग-अलग लोगों के 63 आधार कार्ड, 60 पैन कार्ड और 55 पासपोर्ट साइज फोटो भी जब्त किए, जिनका इस्तेमाल बैंक खाते खोलने के लिए किया जाना था.

सावधान! मुंबई में रिटायर्ड ऑफिसर को CBI का डर दिखाकर ऐंठे 1.27 करोड़, 8 दिन तक रखा दहशत में

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?