Home Latest News & Updates जंगल में कत्ल, 24 साल की फरारी और फिर बना दर्जी : दिल्ली पुलिस ने मानेसर से शातिर कातिल को ऐसे दबोचा

जंगल में कत्ल, 24 साल की फरारी और फिर बना दर्जी : दिल्ली पुलिस ने मानेसर से शातिर कातिल को ऐसे दबोचा

by Sanjay Kumar Srivastava 27 September 2026, 5:47 PM IST
27 September 2026, 5:47 PM IST
जंगल में कत्ल, 24 साल की फरारी और फिर बना दर्जी : दिल्ली पुलिस ने मानेसर से शातिर कातिल को ऐसे दबोचा

Delhi Crime: हत्या के 24 साल बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आरोपी फिरोज उर्फ ​​ख्वाजा (48) को गुरुग्राम के मानेसर से गिरफ्तार कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने साल 2002 में दक्षिण दिल्ली के जंगली इलाके में अपने 35 वर्षीय परिचित की पत्थरों से सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. वारदात को अंजाम देने के बाद से वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था. बीते दो सालों से वह अपनी पहचान छिपाकर मानेसर की एक रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्री में दर्जी का काम कर रहा था. आखिरकार, दिल्ली पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे धर दबोचा. कलाम अंसारी की हत्या के सिलसिले में ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था.

2002 में जंगल में मिला था शव

पुलिस अधिकारी ने कहा कि 18 फरवरी 2002 को तुगलकाबाद किले के पास दिल्ली के जंगल से लगभग 35 वर्षीय युवक का बुरी तरह सड़ा-गला शव बरामद किया गया था. शव पत्थरों से ढका हुआ था और पीड़ित का सिर बेरहमी से कुचला गया था. बाद में मृतक की पहचान बिहार के पश्चिम चंपारण निवासी अंसारी के रूप में हुई. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंसारी 2001 में फिरोज के साथ काम की तलाश में दिल्ली आया था. जांच में फिरोज के भाई साहबजान से जुड़ा एक पुराना पारिवारिक विवाद भी सामने आया, जिसकी शादी अंसारी के गांव की एक महिला से हुई थी. पुलिस के अनुसार, साहबजान का अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा था. बाद में उसने अंसारी के घर के सामने आत्महत्या कर ली.

पत्थर से कुचल दिया था सिर

पुलिस ने बताया कि फिरोज को शक था कि उसके भाई की आत्महत्या के हालात के लिए अंसारी का परिवार जिम्मेदार है और उसने बदला लेने की बात कही थी. आरोप है कि 15 फरवरी, 2002 को फिरोज अंसारी को तुगलकाबाद के पास जंगल में ले गया और पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी. इसके बाद वह बिहार लौट आया और फरार होने से पहले अंसारी के ठिकाने के बारे में गलत जानकारी दी. क्राइम ब्रांच ने उसे खोजने के लिए नई कोशिश शुरू की और पिछले दो महीनों में करीब 30 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें कई बार बिहार जाना भी शामिल था.

गारमेंट फैक्ट्री में कर रहा था कामं

टीमों ने पुराने रिकॉर्ड की जांच करके और लगातार फील्ड वर्क के ज़रिए सुरागों का पीछा करके उसकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई. आखिरकार पुलिस को पता चला कि फिरोज IMT मानेसर में एक गारमेंट फैक्ट्री में काम कर रहा है. फैक्ट्री पर नज़र रखने और उसकी पहचान पक्की करने के बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद फिरोज ने अपने पैतृक गांव से संपर्क तोड़ लिया था और अपनी पहचान व ठिकाने छिपाते हुए अलग-अलग जगहों पर रहने लगा था. वह शादीशुदा है और उसके चार बच्चे हैं.

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