Virat Kohli: विराट कोहली ने अपने करियर में कई शानदार पारियां खेली हैं और रनों का विशाल पहाड़ खड़ा किया है. कई मौकों पर उन्होंने हारे हुए मैचों का रुख भी पलटकर टीम को जीत दिलाई है. वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा. इतना कुछ हासिल करने के बावजूद विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और विश्व कप 2023 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली हार की कसक विराट कोहली के लिए अब भी बनी हुई है. अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम को एक बार फिर विश्व कप का खिताब जिताने का है. यही वजह है कि उनकी नजर 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप पर टिकी है.
हालांकि, इस बार विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। ऐसे में भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों के सामने इन परिस्थितियों में खुद को साबित करने और मजबूत चुनौती का सामना करने की जिम्मेदारी होगी.
सबसे ज्यादा 2019 का हार ने तोड़ा
विश्व कप 2019 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार ने विराट कोहली को झकझोर दिया था. बारिश की वजह से यह मैच दो दिनों तक चला. इस दौरान कीवी ने बोर्ड पर 8 विकेट के नुकसान पर 239 रन लगा दिए थे. इसके जवाब में भारतीय टीम 221 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. साथ ही महेंद्र सिंह धोनी का रन आउट होना इस मुकाबले की सबसे बड़ी घटना थी और उसी के बाद साफ हो गया था कि भारत सेमीफाइनल से ही बाहर हो जाएगा. यह पल कोहली के लिए 2015 से भी ज्यादा खतरनाक था. उन्होंने बताया था कि बारिश की वजह से मैच रुकना और उसके अगले नई गेंद से न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का सामना करना बहुत कठिन साबित हुआ था.
मानसिक रूप से परेशान हो गया था
रन मशीन ने एक साक्षात्कार में कहा था कि 2019 हमारे लिए एक बड़ा झटका था. 240 रनों का लक्ष्य था और फिर बारिश हो गई. अगर मैच उसी दिन पूरा होता तो तस्वीर पूरी बदली हुई होती. लेकिन नई गेंद से कीवी गेंदबाज टूटकर पड़े थे और उन्होंने किसी बल्लेबाज को पिच पर सही से नहीं टिकने दिया था. किंग कोहली ने कहा कि मैं बुरी तरह टूट गया था और आने वाले कुछ महीनों तक मानसिक रूप से काफी परेशान भी रहा था.
2023 की हार ने भी तोड़ा
2023 विश्व कप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था और अभी तक कोई टीम को हरा नहीं पाई थी. फाइनल मैच शुरू होने से पहले तक कहा जा रहा था कि भारत विश्व कप आसानी से जीत जाएगा और कोई भी टीम उसको नहीं हरा पाएगी. खास बात यह थी कि उस वक्त टीम के हर एक खिलाड़ी का बल्ला आग उगल रहा था. खासकर रोहित शर्मा रनों की बारिश कर रहे थे और उनके साथ किंग कोहली भी अपने बल्ले से सामने वाली टीम के गेंदबाज को मैदान पर दौड़ाने का काम कर रहे थे. उस टूर्नामेंट में हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था.
कोहली ने कहा कि पूरा विश्व कप शानदार था और टीम का माहौल काफी बेहतर था. आप लोग देख रहे थे कि सभी देश के लिए खेल रहे थे. हर किसी को लग रहा था कि यह हमारा विश्व कप है. हालांकि, अहमदाबाद में शुरू हुआ मैच काफी निराशाजनक रहा और उसमें भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था. उस पल को स्वीकार करना आसान नहीं था और ऐसी हार के बाद आप उस वक्त के बारे में सोचते रहते हैं.
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