Fake IAS: इंदौर के 5-स्टार होटल में एक युवक ने अपने 16 दोस्तों के साथ पार्टी की. साथ ही संगीत का भी लुत्फ उठाया. जब भारी भरकम बिल चुकाने की बात आई तो युवक ने होटल के रिसेप्शन पर कर्मचारियों पर रौब जमाना शुरू कर दिया. उसने खुद को इंदौर में IAS अधिकारी बताया और होटलकर्मियों को दबाव में लेना चाहा. होटलकर्मियों को धमका कर युवक वहां से चला गया. जाते समय उसने कर्मचारियों से कहा कि उसका पर्सनल असिस्टेंट (PA) दो घंटे बाद बिल का भुगतान कर देगा. जब काफी समय बीतने के बाद भी बिल का भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारियों को शक हुआ.
रौब गालिब करना पड़ा भारी
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर में खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बताकर एक फाइव स्टार होटल में पार्टी करने और बिना बिल चुकाए वहां से चले जाने वाले 28 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि इस युवक ने अपने घर पर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर (ज़िला कलेक्टर) के पद वाला एक नकली नेमप्लेट भी लगा रखा था. सहायक पुलिस आयुक्त पराग सैनी ने बताया कि आरोपी की पहचान गुजरात के अहमदाबाद के रहने वाले हिमांशु पांचाल के तौर पर हुई है. पांचाल ने हाल ही में इंदौर के एक फाइव स्टार होटल में 16 लोगों के लिए पार्टी दी थी. बिल चुकाते समय उसने खुद को IAS अधिकारी बताकर अपना रसूख दिखाया और होटल से चला गया. कहा कि बिल मेरा PA चुकाएगा.
घर के बाहर लगा था नकली नेमप्लेट
सैनी ने बताया कि पांचाल ने होटल के कर्मचारियों से कहा था कि उसका पर्सनल असिस्टेंट (PA) दो घंटे बाद बिल का भुगतान कर देगा. उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस लसूड़िया पुलिस स्टेशन इलाके में पांचाल के किराए के घर पहुंची और घर के बाहर IAS राज सोनी नाम और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर पद वाला एक नकली नेमप्लेट पाया. वह लसूड़िया के ओमैक्स सिटी-1 में ‘शुभ आंगन प्रीमियम’ में किराए पर रह रहा था. अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पांचाल यह साबित नहीं कर पाया कि वह किस बैच का अफसर है. इसके अलावा वह कोई दस्तावेज़ भी नहीं दिखा सका कि वह एक IAS अधिकारी है.
गुजरात में भी दर्ज है धोखाधड़ी का मामला
सैनी ने बताया कि आरोपी को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204 के तहत मामला दर्ज किया गया, जो सरकारी कर्मचारी होने का ढोंग करने से संबंधित है. उन्होंने आगे बताया कि पांचाल के खिलाफ गुजरात में पहले से ही धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है और मामले की विस्तृत जांच चल रही है. जांच अफसरों को पता चला कि पंचाल लगभग एक महीने पहले उस घर में रहने आया था और उसने करीब 15 दिन पहले नकली नेमप्लेट लगाई थी. इससे पहले वह अहमदाबाद की एक IT कंपनी में काम करता था. पुलिस को यह भी पता चला कि 23 मई, 2026 को गुजरात के गांधीनगर के अडालज पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला (FIR) दर्ज किया गया था.
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News Source: PTI
