Forest Ranger Murder: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. अवैध खनन रोकने गए फ़ॉरेस्ट रेंजर को माफियाओें ने कुचलकर मार डाला. हत्या की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. घटनास्थल पर आलाधिकारी पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह दबिश देनी शुरू कर दी. राजस्थान के प्रतापगढ़ ज़िले में अवैध खनन रोकने की कोशिश कर रहे एक फ़ॉरेस्ट रेंजर को खनन माफियाओं ने कुचलकर मार डाला.
छोटी सादड़ी वन क्षेत्र में हो रहा था अवैध खनन
यह घटना सोमवार देर रात छोटी सादड़ी वन क्षेत्र में हुई, जब अवैध खनन की सूचना मिलने पर फ़ॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत और एक फ़ॉरेस्ट गार्ड मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि फ़ॉरेस्ट रेंजर सिंह ने मिट्टी ले जा रहे एक डंपर को रोकने की कोशिश की, तभी ड्राइवर ने उन्हें टक्कर मारी और उनकी मोटरसाइकिल के साथ उन्हें काफी दूर तक घसीटा और फिर भाग गया. अधिकारियों ने बताया कि घायल रेंजर को अस्पताल ले जाया गया. बाद में निम्बाहेड़ा के ज़िला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
एक JCB और एक ट्रैक्टर जब्त
डिविज़नल फ़ॉरेस्ट ऑफ़िसर (DFO) सुरेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि विभाग को वन क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना मिली थी और कार्रवाई के लिए एक टीम मौके पर गई थी. अग्रवाल ने कहा कि एक JCB और एक ट्रैक्टर ज़ब्त कर लिया गया है और डंपर को ज़ब्त किया जाना बाकी है. हम घटना की जांच कर रहे हैं. जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग ने चुंडावत को ‘शहीद’ का दर्जा देने की मांग की है. अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद डंपर ड्राइवर और खुदाई में शामिल JCB ऑपरेटर मौके से भाग गए.
बीजेपी सरकार में खनन माफिया बेखौफः कांग्रेस
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी में अवैध खनन रोकने गए वन विभाग के रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत को डंपर से कुचलने और इलाज के दौरान उनकी मौत की खबर बेहद दुखद है. यह सिर्फ़ एक अधिकारी की हत्या नहीं है बल्कि यह राजस्थान में कानून-व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती है. सवाल यह है कि राज्य में खनन माफ़िया इतने बेखौफ़ कैसे हो गए हैं कि उसे अधिकारियों की जान लेने से भी डर नहीं लगता? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार का ध्यान सिर्फ़ जनता के जनादेश को लूटने और लोकतंत्र की हत्या करने पर है. कानून-व्यवस्था बनाए रखना और खनन माफ़ियाओं पर लगाम लगाना सरकार की प्राथमिकता नहीं है.
