NTA Exam and Functioning: राजधानी दिल्ली में इस समय माहौल गरमाया हुआ है. पेपर लीक से भड़के छात्र सरकार से जवाबदेही मांगने के लिए जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह सब नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)- UG 2026 परीक्षा के लीक होने के बाद हुआ. 3 मई, 2026 को नीट परीक्षा आयोजित हुई थी. परीक्षा में गड़बड़ी के पुख्ता सबूत मिलने के बाद इसे 21 मई को रद्द कर दिया. इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) करती है. इसके बाद जनता में NTA के प्रति गुस्सा भड़क गया और उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. नीट पेपर लीक के बाद छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ और यह अभी तक जंतर-मंतर पर चल रहा है.
केंद्र सरकार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जांच एजेंसी CBI ने NEET परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक की बात मान ली है और दोषियों को पकड़ने की प्रक्रिया चल रही है. दूसरी तरफ युवाओं में गुस्से की आग अभी तक जल रही है. ऐसे में जानना जरूरी है कि जिस संस्था की लापरवाही के कारण यह पेपर लीक हुआ, वह असल में क्या है, कैसे काम करती है, इस पर किन परीक्षाओं का जिम्मा है और यह छात्रों तक प्रश्न पत्र कैसे पहुंचाती है. इस खबर में आपको इन सब सवालों के जवाब मिलेंगे.

क्या है NTA?
NTA या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी भारत सरकार द्वारा गठित एक स्वायत्त और आत्मनिर्भर परीक्षा संगठन है. यह पूरी तरह से शिक्षा मंत्रालय के अधीन आता है, जिसकी कमान एक महानिदेशक के हाथ में होती है. महानिदेशक को सरकार द्वारा नियुक्त किया जाता है. इसका प्रमुख काम उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और फेलोशिप के लिए देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कराना है.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को टेस्ट की तैयारी से लेकर टेस्ट डिलीवरी और टेस्ट मार्किंग तक, हर स्तर पर सबसे अच्छी सुविधाओं का इस्तेमाल करके सभी मामलों को हल करने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके साथ ही NTA का काम मौजूदा स्कूलों और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में से ऐसे पार्टनर संस्थाओं की पहचान करना है, जिनके पास सही इंफ्रास्ट्रक्चर हो और जो उनके एकेडमिक रूटीन पर बुरा असर डाले बिना ऑनलाइन/ऑफलाइन एग्जाम आयोजित करने में मदद करेंगे. NTA का काम मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल करके सभी विषयों के लिए एक क्वेश्चन बैंक बनाना है. बता दें, एनटीए सिर्फ नीट नहीं, बल्कि देश की 15 प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाएं आयोजित कराता है.
कौन सी परीक्षाएं आयोजित करता है NTA
NEET-UG (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) – नीट-यूजी देश के सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में MBBS ,BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग कोर्सेज में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा है.
JEE-Main (जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन)- यह भी NTA आयोजित करती है. देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे NITs, IITs और सरकारी तकनीकी कॉलेजों में B.E./B.Tech और B.Arch कोर्सेज में एडमिशन के लिए कराई जाती है. यह जेईई एडवांस के लिए क्वालीफाइंग राउंड भी है.
CUET-UG ( कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट)- यह परीक्षा देश के सभी केंद्र विश्वविद्यालयों (जैसे डीयू, बीएचयू, जेएनयू और एएमयू समेत) और अन्य प्राइवेट विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए कराई जाती है.
CUET-PG (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट)- केंद्रीय एवं अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों में M.A., M.Sc., M.Com जैसे पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में प्रवेश के लिए यह एग्जाम होता है.
UGC-NET (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) – भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने के लिए पात्रता निर्धारित करने और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) यानी PhD के लिए सरकारी फेलोशिप पाने के लिए यह परीक्षा दी जाती है.
CSIR-UGC NET (वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद)- विज्ञान और तकनीकी विषयों (जैसे रासायनिक, भौतिक, गणितीय, जीवन विज्ञान) में भारतीय विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर और JRF फेलोशिप की एलिजिबिलिटी के लिए यह परीक्षा दी जाती है.
CMAT (कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट) – यह AICTE द्वारा मान्यता प्राप्त परीक्षा है. देश के सैकड़ों शीर्ष बिजनेस स्कूलों और मैनेजमेंट संस्थानों में MBA और PGDM कोर्सेज में प्रवेश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है.
GPAT – ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट फार्मेसी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा यानी M.Pharma कोर्सेज में प्रवेश के लिए और योग्य छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए है.
JIPMAT – यह एक इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्राम है. यह परीक्षा 12 वीं के तुरंत बाद IIM जम्मू और IIM बोधगया में 5 साल के इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्रोग्राम (BBA + MBA) में सीधे प्रवेश के लिए है.
NCHM JEE – नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट संयुक्त प्रवेश परीक्षा देश के शीर्ष सरकारी और निजी होटल प्रबंधन संस्थानों में B.Sc. में प्रवेश के लिए आयोजित कराई जाती है.
NIFT प्रवेश परीक्षा – यह भारत के सबसे प्रतिष्ठित फैशन संस्थान NIFT में फैशन डिजाइनिंग , टेक्नोलॉजी और मास्टर कोर्सेज में दाखिले के लिए है.
AISSEE (अखिल भारतीय सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा)- यह परीक्षा देश भर के सैनिक स्कूलों में क्लास 6 और क्लास 9 में मेधावी छात्रों को एडमिशन देने के लिए है, ताकि उन्हें भविष्य की रक्षा सेवाओं (एनडीए/सेना) के लिए तैयार किया जा सके.
ICAR (AIEEA-PG) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- यह देश के कृषि विश्वविद्यालयों में मास्टर डिग्री प्रोग्राम (PG) और अनुसंधान छात्रवृत्ति के लिए आयोजित एक अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा है.
SWAYAM – मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए एनटीए यह परीक्षा आयोजित कराता है.
NTET – मेडिकल फील्ड में पोस्टग्रेजुएट्स के लिए शिक्षण पेशे में आने के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाती है.

कैसे पेपर बनाता है NTA
पैनल बनाना- पेपर तैयार करने के लिए सबसे पहले देश की टॉप यूनिवर्सिटीज, IITs, और अन्य संस्थानों से वरिष्ठ प्रोफेसरों का एक पैनल बनाया जाता है. इन प्रोफेसरों को दिल्ली में NTA के मुख्यालय में सीक्रेट जगह पर करीब एक सप्ताह के लिए रखा जाता है. यहां आने से पहले उनके मोबाइल, लैपटॉप और सभी डिजिटल गैजेट जब्त कर लिए जाते हैं. सीक्रेट जगह पर उन्हें सिर्फ NCERT की किताबें और संदर्भ सामग्री दी जाती है.
क्वेश्चन बैंक और एल्गोरिदम चुनना- प्रोफेसर सीधे एक फाइनल पेपर नहीं बनाते. अगले चरण में वे सैकड़ों मुश्किल, मीडियम और आसान सवालों का एक बड़ा डेटाबेस या “क्वेश्चन बैंक” बनाते हैं. एग्जाम से कुछ समय पहले, एक खास कंप्यूटर एल्गोरिदम इस क्वेश्चन बैंक से रैंडम तरीके से सवाल चुनकर पेपर तैयार करता है. इसलिए, NTA के सीनियर अधिकारियों को भी आखिरी मिनट तक सही सवालों का पता नहीं चलता. चीटिंग रोकने के लिए, सवालों को रीऑर्डर करके पेपर के कई अलग-अलग सेट जैसे, सेट A, B, C, और D बनाए जाते हैं.
डिजिटल एन्क्रिप्शन और प्रिंटिंग सिक्योरिटी- इन तैयार प्रश्न पेपर की डिजिटल फाइलें हैकिंग को रोकने के लिए पूरी तरह से कोडेड और पासवर्ड से सुरक्षित होती हैं. इसके बाद इन फाइलों को देश भर में बहुत सुरक्षित और चुनिंदा गोपनीय प्रिंटिंग प्रेस में भेजा जाता है. पेपर लीक के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए, नए सरकारी नियमों के तहत, अब परीक्षा से कुछ दिनों पहले ही प्रिंटिंग की जाती है.
डिलीवरी- प्रिंटिंग पूरी होने के बाद, देश भर के अलग-अलग राज्यों और शहरों में प्रश्न पत्र को ट्रांसपोर्ट करने के लिए सबसे हाई लेवल की सिक्योरिटी अपनाई जाती है. खास रूट्स पर ट्रांसपोर्टेशन के लिए भारतीय वायु सेना के एयरक्राफ्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है. एयरपोर्ट से लोकल बैंक स्ट्रॉन्ग रूम तक पेपर्स ले जाने वाले ट्रकों में GPS ट्रैकर्स और डिजिटल लॉक्स लगाए जाते हैं, जिन्हें दिल्ली में हेडक्वार्टर से 24 घंटे लाइव मॉनिटर किया जाता है ताकि रास्ते में कोई उन्हें रोक न सके.
डेस्ट तक पहुंचाना- एग्जाम की सुबह, सीलबंद प्रश्न पेपर सीधे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) या ऑथराइज्ड बैंकों के सुरक्षित स्ट्रांग रूम से निकाला जाता है. वहां से उन्हें मजिस्ट्रेट या नोडल ऑफिसर की कड़ी निगरानी में सीधे एग्जाम सेंटर तक पहुंचाया जाता है. एग्जाम शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले, एग्जाम हॉल के अंदर मौजूद दो स्टूडेंट्स और इनविजिलेटर के सामने गवाह के तौर पर साइन लिए जाते हैं और फिर प्रश्न पेपर वाला मेन लिफाफा काटा जाता है. इसके तुरंत बाद मिक्स प्रश्न पत्र सीधे स्टूडेंट्स के डेस्क पर बांट दिए जाते हैं.
हालांकि इतनी सुरक्षा के बावजूद भ्रष्टाचारी अधिकारी पेपर लीक करने में सफल हो जाते हैं. यह शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य के लिए बेहद गंभीर मुद्दा है. इस साल नीट पेपर लीक से 23 से 24 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं. डिप्रेशन के कारण 12 छात्रों ने आत्महत्या कर ली.
2017 में हुई NTA की स्थापना
NTA को US की ETS (एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस) की तर्ज पर बनाया गया था. इसे बनाने का आइडिया सबसे पहले 1992 में नेशनल पॉलिसी ऑन एजुकेशन 1986 के एक्शन प्लान में आया था, जिसमें एक नेशनल लेवल की टेस्टिंग एजेंसी बनाने की सिफारिश की गई थी. 2010 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) के डायरेक्टरों वाली एक कमेटी ने स्वायत्तता और पारदर्शिता पक्का करने के लिए कानून बनाकर एजेंसी बनाने की सिफारिश की थी. NTA बनाने का ऐलान 2017 में किया गया था, जिसके बाद कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी थी. एनटीए से पहले अलग-अलग सरकारी संस्थाएं और बोर्ड अपनी-अपनी परीक्षाएं करवाती थीं. इससे पहले सीबीएसई ही नीट, जेईई और यूजीसी-नेट की परीक्षा आयोजित कराता था. वहीं कॉलेज एडमिशन के लिए सभी यूनिवर्सिटीज अपनी-अपनी परीक्षाएं आयोजित कराती थीं. मैनेजमेंट और फार्मेसी कोर्सेज के लिए AICTE परीक्षा लेता था.
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