CJP Protest : दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रही कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की प्रमुख मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार तत्काल प्रभाव से लें. इसके बाद तमाम मुद्दों पर चर्चा होगी. हालांकि, अभी तक 20 जुलाई को हुए चलो संसद मार्च के बाद भी ऐसी स्थिति नहीं बन पाई है कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें. मामला यह है कि मोदी सरकार में ऐसे बहुत कम मामले हैं कि विपक्ष और जन आंदोलन के दबाव में किसी मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा है. इसी बीच कांग्रेस भी शिक्षा मंत्री की इस्तीफे की मांग जोरों से उठा रही है. पार्टी ने सड़क से लेकर संसद तक अपनी आवाज को बुलंद कर दिया है.
इस्तीफे के बाद होगी चर्चा : कांग्रेस
नीट पेपर लीक को जारी पूरे देश में विरोध के प्रदर्शन के बीच कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर बने रहने पर कोई भी बहस निरर्थक होगी. कांग्रेस ने कहा कि राष्ट्रव्यापी भावना को देखते हुए प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. इसके अलावा विपक्ष की दूसरी पार्टियों ने भी प्रधान के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है. इसी बीच राज्यसभा में प्रतिपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन में कहा था कि NEET पर चर्चा शुरू होने से पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देना होगा.
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कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में विरोध
दूसरी तरफ सोनिया गांधी, राहुल गांधी और खरगे समेत कांग्रेस नेताओं और दूसरे पार्टी के सांसदों ने संसद परिसर के अंदर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि 2015 का मानसून सत्र मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले को लेकर बर्बाद हो गई थी. उस वक्त तत्कालीन मुख्यमंत्री को बचाया गया था और अब एक बार फिर से नीट मामले में बीजेपी शिक्षा मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है.
संसद की कार्यवाही हो रही है स्थगित
साल 2015 में मानसून सत्र भी विरोध प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया था और अब नीट को लेकर संसद की कार्यवाही स्थगित हो रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए संसद में कोई भी बहस बेनतीज साबित होगी. पूरे देश की भावना और मांग साफ है कि प्रधानमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. कांग्रेस नीट पेपर लीक की वजह से प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है और सरकार विपक्ष पर पहले से शर्त रखनी की मांग कर रही है.
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