NEET Paper Leak: सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले के मुख्य साजिशकर्ता को पुणे से गिरफ्तार किया है. आरोपी रसायन विज्ञान का प्रोफेसर है. अधिकारियों ने बताया कि लातूर का मूल निवासी और रसायन विज्ञान का प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी उस पैनल का हिस्सा था जिसने वर्षों तक NEET प्रश्न पत्र तैयार किया था.
NEET Paper Leak: सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले के मुख्य साजिशकर्ता को पुणे से गिरफ्तार किया है. आरोपी रसायन विज्ञान का प्रोफेसर है. अधिकारियों ने बताया कि लातूर का मूल निवासी और रसायन विज्ञान का प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी उस पैनल का हिस्सा था जिसने वर्षों तक NEET प्रश्न पत्र तैयार किया था. उन्होंने बताया कि कुलकर्णी को पुणे में उसके आवास से गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों ने कहा कि आरोपी प्रोफेसर ने अपने आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाएं आयोजित की. अप्रैल, 2026 के आखिरी सप्ताह के दौरान प्रोफेसर ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को इकट्ठा किया था. मनीषा को 14 मई को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था.
कोचिंग कक्षाओं में हल किए गए प्रश्न
अधिकारी ने कहा कि आरोपियों ने इन कोचिंग कक्षाओं के दौरान विकल्पों और सही उत्तरों के साथ प्रश्न हल किए. अधिकारी ने कहा कि निर्धारित प्रश्न छात्रों द्वारा अपनी नोटबुक में हाथ से लिखे गए थे और 3 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से बिल्कुल मेल खाते थे. गुरुवार को एजेंसी ने धनंजय लोखंडे को अहिल्यानगर से और उसकी सहयोगी मनीषा वाघमारे को पुणे से गिरफ्तार किया. सीबीआई ने पाया कि लोखंडे को वाघमारे से पेपर मिला था और उसने इसे नासिक स्थित शुभम खैरनार को दे दिया. खैरनार ने इसे यश यादव को दे दिया. यश ने इसे आगे प्रसारित किया.
जयपुर से तीन गिरफ्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जयपुर से तीन व्यक्तियों मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को गिरफ्तार किया है, साथ ही यादव को गुरुग्राम से और खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया है. खैरनार यश यादव के संपर्क में था. उसने अप्रैल में यश को बताया कि मांगीलाल बिवाल अपने छोटे बेटे के लिए लीक हुए NEET (UG) 2026 प्रश्नों की व्यवस्था करने के लिए 10-12 लाख रुपये देने को तैयार है. खैरनार ने यादव के साथ 500 से 600 प्रश्न साझा किए, जिससे एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में सीट पाने के लिए पर्याप्त अंक सुनिश्चित हो सके. मांगीलाल बिवाल ने कथित तौर पर यादव से पेपर खरीदा था, जो राजस्थान के सीकर में NEET कोचिंग से उसके बड़े बेटे विकास बिवाल को जानता था.
10 लाख रुपये में तय हुआ था सौदा
अधिकारियों ने बताया कि मांगीलाल बिवाल और यादव के बीच सौदा 10 लाख रुपये में हुआ था. मांगीलाल बिवाल ने पेपर अपने बेटे को दिया और आगे रिश्तेदारों के बीच वितरित किया. अधिकारियों ने कहा कि यादव ने विकास बिवाल को और अधिक नेट अभ्यर्थियों को ढूंढने के लिए कहा ताकि वे प्रश्न बेचकर कुछ पैसे वसूल कर सकें. एजेंसी को आपत्तिजनक चैट, लीक हुए प्रश्न पत्र और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं. अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई हटाए गए डेटा को प्राप्त करने के लिए उपकरणों की फोरेंसिक जांच करेगी. संघीय एजेंसी ने पेपर लीक की जांच के लिए एफआईआर दर्ज की है और टीमों का गठन किया है.
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News Source: PTI
