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नोएडा के स्कूलों में 5 साल के लिए यूनिफॉर्म बदलने पर रोक, उल्लंघन पर रद्द हो सकती है मान्यता

by Sanjay Kumar Srivastava
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नोएडा के स्कूलों में 5 साल के लिए यूनिफॉर्म बदलने पर रोक

Noida School: नोएडा के स्कूलों में 5 साल के लिए यूनिफॉर्म बदलने पर रोक लगा दी गई है. इसका उल्लंघन करने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है.

Noida School: नोएडा के स्कूलों में 5 साल के लिए यूनिफॉर्म बदलने पर रोक लगा दी गई है. इसका उल्लंघन करने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है. जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में छात्र हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं.समिति ने आदेश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूल अपनी फीस में अधिकतम 7.23 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि नहीं कर सकेंगे. साथ ही स्कूल अब अभिभावकों को किसी विशिष्ट विक्रेता से किताबें, वर्दी, जूते या अन्य स्टेशनरी खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे. उत्तर प्रदेश शुल्क विनियमन अधिनियम, 2018 के तहत लिए गए इन निर्णयों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

फीस वृद्धि पर नकेल

जिला शुल्क नियामक समिति ने अपने आदेश में कहा है कि स्कूल छात्रों को विशिष्ट विक्रेताओं से किताबें, वर्दी, जूते या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेंगे. स्कूलों को शिक्षण और सीखने के लिए एनसीईआरटी पुस्तकों के उपयोग को प्रोत्साहित करना चाहिए. प्रशासन ने स्कूलों को पांच शैक्षणिक वर्षों की निरंतर अवधि के भीतर वर्दी बदलने से भी रोक दिया है. इसमें कहा गया है कि किसी भी प्रस्तावित बदलाव के लिए जिला शुल्क नियामक समिति से पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता होगी. स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे हर साल निर्धारित पाठ्यपुस्तकों में बदलाव न करें और अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर शुल्क वृद्धि का विवरण अपलोड करें.

शिकायत के लिए ईमेल आईडी जारी

बयान में कहा गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) प्लस 5 प्रतिशत के बराबर शुल्क वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है, जिससे 2026-27 सत्र के लिए 7.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय की गई है. शिकायतों के लिए एक ईमेल आईडी feecommitteegbn@gmail.com जारी की गई है, जिस पर माता-पिता और हितधारक शुल्क वृद्धि या अन्य अनियमितताओं से संबंधित रिपोर्ट कर सकते हैं. समिति ने उल्लंघन के लिए दंड की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें पहले अपराध के लिए 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और अतिरिक्त फीस की वापसी, दूसरे अपराध के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना और तीसरे उल्लंघन के लिए स्कूल की मान्यता वापस लेने की सिफारिश के साथ-साथ अन्य दंडात्मक उपाय भी शामिल हैं.

उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई

बयान में आगे कहा गया है कि स्विमिंग पूल संचालित करने वाले स्कूलों को सक्षम अधिकारियों से आवश्यक अनुमति, अनापत्ति प्रमाण पत्र और वार्षिक पंजीकरण प्राप्त करना होगा. संस्थानों को जहां ऐसी सुविधाएं मौजूद हैं वहां लड़कों के लिए पुरुष प्रशिक्षक और लड़कियों के लिए महिला प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी करनी चाहिए. इसमें कहा गया है कि जिले के सभी स्कूलों को इन दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ऐसा नहीं करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

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News Source: PTI

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