Three Language Policy Update: CBSE ने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है. सीबीएसई ने एक्स पर नई गाइडालाइंस पोस्ट की हैं, जिसमे सारी कन्फ्यूजन को क्लियर कर दिया गया है. सीबीएसई ने साफ किया है कि थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी क्लास 10वीं पर लागू नहीं होगी. इस साल 7वीं, 8वीं और 9वीं क्लास का बैच दो विदेशी भाषा पढ़ सकता है और इन्हें क्लास 10 में जाने पर तीसरी भाषा का बोर्ड एक्जाम नहीं देना पड़ेगा.
सीबीएसई ने क्या बदलाव किया
- क्लास 10 के मौजूदा बैच को नई भाषा पॉलिसी नहीं माननी होगी.
- क्लास 7, 8 और 9 के मौजूदा बैच जिन्होंने पहले ही 2 विदेशी भाषाएं ले ली हैं, वे एक और भारतीय भाषा (भारतीय भाषा) के साथ वही जारी रखेंगे.
- क्लास 7, 8 और 9 में पढ़ने वाले मौजूदा बैच को क्लास 10 में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी.
- ग्रेड के हिसाब से रिसोर्स मटीरियल समय पर उपलब्ध कराया जाएगा.
CBSE issues guidelines on the three-language policy.
— Press Trust of India (@PTI_News) June 29, 2026
•The current batch of class X will not have to follow the new language policy.
• For the current batches studying in class VII, VIII and IX would not be required to give board examination in third language when they… pic.twitter.com/EbfmnPiIDw
उदाहरण से समझें
सीबीएसई ने उदाहरण देते हुए समझाया है कि 2026-27 के दौरान क्लास X में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के लिए कोई बदलाव नहीं होगा, और वे दो भाषाओं का पुराना सिस्टम जारी रखेंगे. इस बैच को कोई तीसरी भाषा लेने की जरूरत नहीं है.
क्लास 9 (2026-27) में पढ़ने वाला हर स्टूडेंट तीन भाषाएं पढ़ेगा. इन तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होंगी. उदाहरण के लिए अगर स्टूडेंट पहले से ही दो भारतीय भाषाएं पढ़ते हैं जैसे हिंदी + तमिल, तब अपनी तीसरी भाषा के तौर पर वे कोई अन्य भारतीय भाषा या विदेशी भाषा चुन सकते हैं.
अगर स्टूडेंट एक भारतीय भाषा और एक विदेशी भाषा पढ़ते हैं, जैसे तमिल + इंग्लिश, तब तीसरी भाषा के तौर पर वह कोई भी भारतीय भाषा चुन सकते हैं (R3).
क्लास 9 (2026-27) में पढ़ने वाला स्टूडेंट अगर पहले से ही दो विदेशी भाषाएं पढ़ता हैं, जैसे- इंग्लिश + फ्रेंच, तब केवल इस साल के बैच को यह छूट मिलती है कि वे तीसरी भाषा के तौर पर किसी एक भारतीय भाषा को चुन सकते हैं.
इस साल से लागू है थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) के मुताबकि 2026 से क्लास 6 से थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी लागू की गई है, हालांकि अब क्लास 7, 8, 9 और 10 के बच्चों को बड़ी थोड़ी राहत दी गई है. नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 में थ्री-लैंग्वेज फॉर्मूला यह सलाह देता है कि स्टूडेंट्स तीन भाषाएं सीखें, जिनमें से कम से कम दो भारत की होनी चाहिए. यह फॉर्मूला सरकारी और प्राइवेट दोनों स्कूलों पर लागू होता है, जिससे राज्यों को बिना किसी दबाव के भाषाएं चुनने की फ़्लेक्सिबिलिटी मिलती है.
News Source: PTI
