Home Top News प्रधान के बाद अब BCI चेयरमैन का इस्तीफा मांगेंगे दिपके? ट्रोलिंग के बाद मनन मिश्रा ने पलटा फैसला

प्रधान के बाद अब BCI चेयरमैन का इस्तीफा मांगेंगे दिपके? ट्रोलिंग के बाद मनन मिश्रा ने पलटा फैसला

by Neha Singh 14 August 2026, 8:51 AM IST (Updated 14 August 2026, 8:59 AM IST)
14 August 2026, 8:51 AM IST (Updated 14 August 2026, 8:59 AM IST)
Nalsar and BCI Row

Nalsar and BCI Row: सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और कॉकरोच जनता पार्टी के मुहिम छेड़ने के बाद BCI के चेयरपर्सन मनन कुमार मिश्रा ने अपना फैसला पलट दिया है. BCI के चेयरमैन और BJP MP मनन कुमार मिश्रा ने NALSAR यूनिवर्सिटी के लॉ छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने का अपना फैसला पूरी तरह वापस ले लिया है. विवाद बढ़ने के बाद, बार काउंसिल ने अब सभी स्टेट बार काउंसिल को 2026 बैच के छात्रों को नॉर्मल तरीके से वकील के तौर पर एनरोल करने की इजाजत देने का निर्देश दिया है. साथ ही उन्होंने छात्रों की जांच करने का फैसला भी वापस ले लिया है.

नए नोटिफिकेशन में क्या बोला BCI

नए नोटिफिकेशन में पहले के आदेश में बदलाव करते हुए कहा गया कि “ज़्यादातर” छात्र बेगुनाह थे और कुछ लोगों के कथित गलत काम के लिए उन्हें परेशान नहीं किया जाना चाहिए. BCI चेयरमैन मिश्रा ने कहा कि उनके मेंबर्स ने पहले जारी किए गए लेटर पर अच्छी तरह से चर्चा की और स्टूडेंट्स के एनरोलमेंट से जुड़े निर्देश को बदलने का एकमत से फैसला किया. मनन मिश्रा ने कहा, “सभी स्टूडेंट्स अपनी पसंद के स्टेट बार काउंसिल में नामांकन करने के हकदार होंगे. साथ ही हमने मिलकर तय किया कि इस मामले में किसी भी जांच की जरूरत नहीं है और यह चैप्टर अब बंद हो गया है. पूरा मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है. हमारा मकसद यह पक्का करना था कि लॉ छात्रों का न्यायपालिका के साथ कोई टकराव न हो.”

इससे पहले, नामांकन पर रोक लगाने के साथ बीसीआई ने NALSAR यूनिवर्सिटी से कॉन्वोकेशन में CJI सूर्यकांत के शामिल होने के खिलाफ कैंपेन से जुड़े जिम्मेदार लोगों की पहचान करने वाली रिपोर्ट मांगी थी. हालांकि अब मामला पूरी तरह से खत्म हो गया है.

क्या है पूरा मामला

हैदराबाद की NALSAR यूनिवर्सिटी के छात्रों के एक ग्रुप ने वाइस-चांसलर, रजिस्ट्रार और इंस्टीट्यूशन के प्रोफेसरों को लेटर लिखकर यूनिवर्सिटी के कॉन्वोकेशन में चीफ गेस्ट के तौर पर CJI को बुलाने के प्रस्ताव का विरोध किया था. यह विरोध पिछले महीने जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के एक्शन से जुड़ी याचिका की सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत के बयान के कारण पैदा हुआ, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, “प्लीज हमारा समय बर्बाद न करें. हमारे पास ये वीडियो देखने का समय नहीं है.”

यूनिवर्सिटी में सीजेआई के विरोध के बाद, BCI ने यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर रोक लगा दी थी. हालांकि, इस ऑर्डर का सोशल मीडिया पर कड़ा विरोध हुआ. CJP ने तो मनन मिश्रा के खिलाफ कैंपेन भी चलाया. विवाद बढ़ने पर, BCI को कल देर रात अपना ऑर्डर वापस लेना पड़ा.

BCI चेयरमैन के खिलाफ CJP ने खोला मार्चा

वहीं दूसरी ओर, सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की बात कही है. दिपके ने एक्स पोस्ट में लिखा “क्या मनन मिश्रा के इस्तीफे का समय आ गया है?” इससे पहले भी उन्होंने मनन कुमार के खिलाफ कई पोस्ट किए. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने लिखा ” हो गया, युवाओं के लिए एक और बड़ी जीत! लेकिन जवाबदेही की तलाश जारी रहेगी.

अभिजीत दिपके का अब गांवों के सरकारी स्कूलों पर फोकस, इस दिन से शुरू होगा राष्ट्रव्यापी अभियान

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?