Rajya Sabha : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और बीजेपी नेता तरुण चुघ समेत आठ सांसदों ने सोमवार को राज्य सभा सदस्य के रूप में शपथ ली. राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें चैंबर में शपथ दिलाई. खरगे दूसरी बार कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए हैं. वहीं, शपथ ग्रहण के दौरान चैंबर में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश,सदन के नेता जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, लॉ मिनिस्टर अर्जुन राम मेघवाल, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद रहीं.
ये हैं वह आठ राज्य सभा सदस्य
खरगे और चुघ के अलावा छह अन्य सदस्यों में जितेंद्र मेघजीभाई कंजारिया और मानसिंह मेरामन परमार (गुजरात), एम नागराजा (कर्नाटक), राजेंद्र हीरालाल जैन (महाराष्ट्र), अधिकारिमयुम शारदा देवी (मणिपुर) और अलका सिंह (राजस्थान) शामिल हैं.
सभापति के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया
इसी बीच मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि एक बार फिर से राज्य सभा सदस्य के रूप में शपथ लेना और उच्च सदन में प्रतिपक्ष नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए गर्व का विषय है. खरगे ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि वह लोकतंत्र के इस मंदिर में जनता की चिंताओं, आकांक्षाओं और आवाज को पूरी बुलंदी के साथ उठाऊंगा. इस दौरान उन्होंने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और उपसभापति हरिवंश के प्रति निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
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लगातार 9 बार जीता MLA का चुनाव
बता दें कि नेता प्रतिपक्ष 83 वर्षीय खरगे इससे पहले लोकसभा और कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. खरगे ने साल 1972 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीता था और इसके बाद वह लगातार 9 बार विधायक का चुनाव जीतकर सदन पहुंचते रहे. इस दौरान उन्होंने कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को संभाला. साथ ही 1999 से 2004 तक खरगे विधानसभा में प्रतिपक्ष नेता भी रहे. इसके बाद वह 2009 और 2014 में कर्नाटक के गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र से लोकसभा पहुंचे.
पहली बार कब पहुंचे राज्यसभा?
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के दूसरे कार्यकाल में मल्लिकार्जुन खरगे ने रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी. वह 2014 से 2019 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे. वहीं, अक्टूबर 2022 में वह कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए और पार्टी के 98वें अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इसके अलावा खरगे साल 2020 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए और इसके बाद वह प्रतिपक्ष नेता बनाए गए.
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