Home मनोरंजन Big Budget फिल्मों के शोर में कहीं खो तो नहीं गए Bollywood के ये 5 डायमंड? सालों बाद भी देखकर होता है दिल खुश

Big Budget फिल्मों के शोर में कहीं खो तो नहीं गए Bollywood के ये 5 डायमंड? सालों बाद भी देखकर होता है दिल खुश

by Preeti Pal
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Big Budget फिल्मों के शोर में कहीं खो तो नहीं गए Bollywood के ये 5 डायमंड? सालों बाद भी देखकर होता है दिल खुश

Heartwarming Movies: बॉलीवुड के इतिहास में अब तक एक से बढ़कर एक फिल्में बन चुकी हैं. ऐसे में आज आपके लिए उन फिल्मों की लिस्ट लाए हैं, जिन्हें देखकर सालों बाद भी दिल खुश हो जाता है.

08 January, 2026

Heartwarming Movies: इंडियन सिनेमा हमेशा से अपनी बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों और लार्जर-देन-लाइफ स्टोरीज़ के लिए जाना जाता रहा है. हालांकि, चकाचौंध वाली फिल्मों के बीच कुछ ऐसी छोटी और दिल छू लेने वाली कहानियां भी आईं, जिन्होंने ऑडियन्स का दिल जीत लिया. इन फिल्मों ने हमें सिखाया कि मैजिक महंगे एक्शन सीक्वेंस में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी के छोटे-छोटे मूमेंट और खुशियों में छिपा होता है. टाइम के साथ शायद ये फिल्में हमें ज्यादा याद नहीं हैं, लेकिन आज भी जब हम इन्हें देखते हैं, तो ये हमारे चेहरे पर मुस्कान ले आती हैं. यही वजह है कि आज हम आपके लिए बॉलीवुड की उन्हीं फिल्मों की एक छोटी सी लिस्ट लेकर आए हैं.

खोसला का घोंसला

‘खोसला का घोंसला’ एक मिडिल क्लास फैमिली की कहानी है. कमल किशोर खोसला (अनुपम खेर) एक रिटायर्ड आदमी है, जिनका सपना दिल्ली में अपना एक छोटा सा प्लॉट खरीदने है. उनका ये सपना नाइटमेयर में बदल जाता है जब उन्हें पता चलता है कि उनकी जमीन पर खुराना (बोमन ईरानी) नाम के एक प्रॉपर्टी डीलर ने कब्जा कर लिया है. ऐसे में उनके बेटे अपने जुगाडू दोस्तों के साथ मिलकर अपने पिता की ज़मीन दिलाने की प्लानिंग करते हैं. आप इस फिल्म को यूट्यूब पर कभी भी फ्री में देख सकते हैं. इसके अलावा ये नेटफ्लिक्स पर भी मौजूद है.

भेजा फ्राई

‘भेजा फ्राई’ की कहानी एक शाम की है जो म्यूज़िक कंपोज़र रंजीत थडानी (रजत कपूर) के घर पर सेट है. रंजीत थोड़े घमंडी हैं और उन्हें लोगों का मजाक उड़ाना पसंद है. वो अपने दोस्तों के साथ एक डिनर पार्टी रखते हैं और एंटरटेनमेंट के लिए भारत भूषण (विनय पाठक) को बुलाते हैं, जो एक इनकम टैक्स इंस्पेक्टर और उभरते हुए सिंगर हैं. रंजीत को अंदाजा नहीं था कि भारत की ईमानदारी और मासूमियत उनके खुद के होश उड़ा देगी. भारत भूषण की सीधी बातें रंजीत की बेचैनी बढ़ा देती हैं. आप इस कॉमेडी फिल्म को भी यूट्यूब पर देख सकते हैं.

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इकबाल

‘इकबाल’ (श्रेयस तलपड़े) एक छोटे से गांव का एक ऐसा लड़का है जो न सुन सकता है और न बोल सकता है. फिर भी वो इंडियन क्रिकेट टीम के लिए खेलने का सपना देखता है. उसकी जिंदगी तब बदलती है जब उसकी मुलाकात मोहित (नसीरुद्दीन शाह) से होती है, जो कभी एक क्रिकेटर हुआ करते थे. अपनी बहन खदीजा और मां के सपोर्ट से इकबाल सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ने लगता है. ये फिल्म अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है.

मालामाल वीकली

लक्ष्मणपुर गांव में रहने वाले लीलाराम (परेश रावल) को पता चलता है कि गांव के एंथनी की लॉटरी लग गई है. हालांकि, लॉटरी लगने की खुशी में वो मर जाता है. जब लीलाराम एंथनी के हाथ से वो टिकट निकालने की कोशिश करते हैं, तो बल्लू (ओम पुरी) उन्हें देख लेते हैं. पैसे के लालच में दोनों मिलकर कांड करने की कोशिश करते हैं. मगर धीरे-धीरे पूरा गांव इस राज में शामिल हो जाता है. इसके बाद झूठ का ऐसा सिलसिला शुरू होता है जो आपको हंसने पर मजबूर कर देता है. आप इसे भी यूट्यूब पर देख सकते हैं.

फंस गए रे ओबामा

‘फंस गए रे ओबामा’ एक बढ़िया कॉमेडी फिल्म है. ओम शास्त्री (रजत कपूर) एक एनआरआई हैं जो अमेरिका में रिसेशन की वजह से कर्ज में डूब जाते हैं. वो अपनी पुश्तैनी ज़मीन बेचने भारत आते हैं, लेकिन यहां उनकी किडनैपिंग हो जाती है. किडनैपर्स को लगता है कि ओम बहुत अमीर हैं. गैंग का लीडर मुकेश (संजय मिश्रा) खुद बड़े ही अजीब और कन्फ्यूज किस्म का है. आप इस फिल्म का लुत्फ अमेज़न प्राइम वीडियो पर घर बैठे उठा सकते हैं.

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