Seva Sankalp Abhiyan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ बुधवार को अपने महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंची. वाराणसी से करीब 500 बाइकर्स पवित्र गंगाजल लेकर वडनगर पहुंचे. यहां ऐतिहासिक और प्राचीन हाटकेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया. इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला. इस विशेष यात्रा में शामिल युवा बाइकर्स वाराणसी से अपने साथ गंगाजल लेकर गुजरात के वडनगर पहुंचे थे. वडनगर पहुंचने के बाद सभी बाइकर्स ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पवित्र गंगाजल से भगवान महादेव का अभिषेक किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे.
देश की खुशहाली, लोक कल्याण की कामना
‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ को केवल एक बाइक यात्रा के तौर पर नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इसे वाराणसी और वडनगर के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने वाली पहल के रूप में भी प्रस्तुत किया गया. वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि वडनगर उनका जन्मस्थान है. ऐसे में काशी से गंगाजल लेकर वडनगर पहुंचना और हाटकेश्वर महादेव को अर्पित करना इस यात्रा को विशेष महत्व देता है. बाइकर्स ने हाटकेश्वर महादेव के समक्ष पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली, लोक कल्याण और राष्ट्र की प्रगति की मंगलकामना की. इस दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. पारंपरिक धार्मिक विधियों के साथ भगवान महादेव की आराधना की गई. सेवा संकल्प अभियान के तहत शुरू की गई यह यात्रा सेवा, श्रद्धा और सामाजिक संकल्प का संदेश देती नजर आई.
सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनी सेवा यात्रा
यात्रा में शामिल युवाओं ने अनुशासन और समर्पण के साथ अपनी यात्रा पूरी की. वाराणसी से शुरू होकर गुजरात के वडनगर तक पहुंची इस यात्रा ने अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों को जोड़ने का संदेश भी दिया. हाटकेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल से जलाभिषेक के बाद पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया. करीब 500 बाइकर्स की मौजूदगी और धार्मिक आयोजन ने इस कार्यक्रम को विशेष बना दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू हुए विभिन्न सेवा कार्यों की कड़ी में ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ को एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है. काशी की पवित्र गंगा से लाया गया जल जब वडनगर के प्राचीन हाटकेश्वर महादेव को अर्पित किया गया, तो यह आयोजन श्रद्धा, सेवा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बन गया.
