Home Latest News & Updates RBI ने बढ़ाया ब्याज, फिर भी रुपया हुआ बेहाल! डॉलर और महंगे क्रूड ने बिगाड़ा पूरा खेल

RBI ने बढ़ाया ब्याज, फिर भी रुपया हुआ बेहाल! डॉलर और महंगे क्रूड ने बिगाड़ा पूरा खेल

by Preeti Pal 7 October 2026, 7:03 PM IST (Updated 7 October 2026, 7:06 PM IST)
7 October 2026, 7:03 PM IST (Updated 7 October 2026, 7:06 PM IST)
RBI ने बढ़ाया ब्याज, फिर भी रुपया हुआ बेहाल! डॉलर और महंगे क्रूड ने बिगाड़ा पूरा खेल

RBI Repo Rate: भारतीय रुपये को मजबूत करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने ब्याज दर बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया. लेकिन बाजार में इसका असर उम्मीद के मुताबिक नहीं दिखा. बुधवार को RBI ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत यानी 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की, जिसके बाद रेपो रेट बढ़कर 5.50 प्रतिशत हो गई. इसके बावजूद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 96.78 के आसपास पहुंच गया. रुपये की हालत इसलिए भी है क्योंकि आमतौर पर ब्याज दर बढ़ने से देश की करेंसी को मजबूती मिलती है. दरें बढ़ने पर रुपये में निवेश करना इन्वेस्टर्स को अट्रैक्ट कर सकता है. लेकिन इस बार कच्चे तेल की महंगाई, मजबूत डॉलर, बढ़ती ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और आयातकों की डॉलर की मांग ने RBI के फैसले का असर फीका कर दिया.

96.85 तक फिसला रुपया

बुधवार को रुपया करीब 96.42 प्रति डॉलर पर खुला था. कारोबार के दौरान ये 96.85 के निचले स्तर तक पहुंच गया. शाम करीब 3:30 बजे यह 96.78 के आसपास कारोबार कर रहा था. करेंसी एक्सपर्ट केएन डे के मुताबिक, RBI की दर बढ़ाने के बाद रुपये का करीब 50 पैसे कमजोर होना बिल्कुल भी नॉर्मल नहीं है. उन्होंने कहा कि आयातकों की तरफ से डॉलर की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है. बाजार में डॉलर खरीदने की होड़ ने रुपये पर दबाव और बढ़ा दिया.

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कच्चे तेल ने बढ़ाई टेंशन

रुपये के लिए सबसे बड़ी चिंता इस समय महंगा कच्चा तेल भी है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है. ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल महंगा होता है, तो भारतीय कंपनियों को ज्यादा डॉलर खरीदने पड़ते हैं. इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपये पर दबाव आता है. केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया ने भी कहा कि ग्लोबल फैक्टर्स फिलहाल रुपये की दिशा तय कर रहे हैं. मजबूत डॉलर, बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड, 101.50 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली रुपये को कमजोर कर रही है.

कहां तक जा सकता है रुपया?

अजय केडिया के मुताबिक, अगर रुपया 96.40 के नीचे टिकता है तो 96.90 से 97.20 तक कमजोरी देखने को मिल सकती है. हालांकि, RBI की तरफ से बाजार में हस्तक्षेप किए जाने पर गिरावट को सीमित किया जा सकता है. RBI ने फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो रेट बढ़ाया है. इससे पहले 2025 में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कुल 1.25 फीसदी की कटौती की थी. यानी इस समय RBI के फैसले के बावजूद रुपये पर ग्लोबल मार्केट का दबाव ज्यादा भारी पड़ता नजर आ रहा है.

News Source: ANI

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