Monsoon: गुजरात में मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है. राज्य सरकार की ओर से जारी 2 अगस्त की सुबह 10 बजे तक के मानसून रिपोर्ट के अनुसार, 2 अगस्त की सुबह 6 बजे तक पूरे गुजरात में 623.29 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत बारिश का 68.58 प्रतिशत है. लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं. जलाशयों में तेजी से पानी की आवक हो रही है. प्रशासन ने राहत एवं बचाव व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है.
मोरबी तालुका में सबसे अधिक बारिश
रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में गुजरात के 34 जिलों के 257 तालुकाओं में बारिश दर्ज की गई. इस दौरान राज्य की औसत वर्षा 35.51 मिमी रही. सबसे अधिक बारिश मोरबी जिले के मोरबी तालुका में 223 मिमी रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा टंकारा में 194 मिमी, सुरेंद्रनगर के ध्रांगध्रा में 176 मिमी, मोरबी के हलवद में 163 मिमी तथा सुरेंद्रनगर के वढवाण में 157 मिमी बारिश दर्ज की गई.
सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच अरवल्ली के मोडासा में 24 मिमी, सूरत के बारडोली तथा वलसाड के कपराडा में 14-14 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई. क्षेत्रवार वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण गुजरात सबसे आगे है. यहां अब तक 1465.39 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो औसत का 95.03 प्रतिशत है. पूर्व-मध्य गुजरात में 65.06 प्रतिशत, सौराष्ट्र में 53.68 प्रतिशत, उत्तर गुजरात में 50.12 प्रतिशत और कच्छ में 28.29 प्रतिशत बारिश दर्ज हुई है. इससे स्पष्ट है कि दक्षिण गुजरात में मानसून सबसे अधिक प्रभावी बना हुआ है. लगातार बारिश का असर राज्य के बांधों पर भी दिखाई दे रहा है.
24 बांध पूरी तरह भरे
सरदार सरोवर बांध 76.33 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है, जबकि राज्य के अन्य 206 जलाशयों में 57.55 प्रतिशत जल संग्रह दर्ज किया गया है. राज्य में फिलहाल 24 बांध पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 33 बांध हाई अलर्ट, 8 बांध अलर्ट और 10 बांध वार्निंग की स्थिति में हैं. प्रशासन इन सभी बांधों पर लगातार निगरानी रखे हुए है. प्रमुख बांधों की स्थिति भी तेजी से बदल रही है. ब्रह्मणी, मच्छू-2 और शेत्रुंजी बांध 100 प्रतिशत क्षमता तक भर चुके हैं. उकाई बांध 65.68 प्रतिशत, करजन 60.10 प्रतिशत और हाथमती 63.34 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है. कई ओवरफ्लो जलाशयों से नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है ताकि निचले क्षेत्रों में किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न न हो.
NDRF टीमें, 33 SDRF
भारी बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को और तेज कर दिया है. गुजरात के विभिन्न जिलों में 17 NDRF टीमें, 33 SDRF प्लाटून और 6 सेना की टुकड़ियां तैनात हैं. अहमदाबाद, सूरत, नवसारी, वडोदरा, मोरबी, भरूच, आनंद, अमरेली सहित संवेदनशील जिलों में बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं. मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए 2 अगस्त को मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी जारी की है.
बारिश से 4635 गांव प्रभावित
वहीं बिजली आपूर्ति पर भी बारिश का असर देखने को मिला है. GUVNL के अनुसार राज्य के 4635 गांव प्रभावित हुए थे, जिनमें से 4629 गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि शेष गांवों में मरम्मत कार्य जारी है. राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करें. लगातार सक्रिय मानसून को देखते हुए आने वाले दिनों में भी प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर बना हुआ है.
कर्नाटक में भारी बारिश बनी आफत, भूस्खलन से 3 साल के बच्चे समेत तीन लोगों की मौत
