Home Latest News & Updates ‘बार-बार मरने से बेहतर…’ सहारनपुर में कॉलेज अकाउंटेंट ने खुद को मारी गोली; भांजी को भेजा सुसाइड नोट

‘बार-बार मरने से बेहतर…’ सहारनपुर में कॉलेज अकाउंटेंट ने खुद को मारी गोली; भांजी को भेजा सुसाइड नोट

by Sachin Kumar 2 August 2026, 2:23 PM IST (Updated 2 August 2026, 3:19 PM IST)
2 August 2026, 2:23 PM IST (Updated 2 August 2026, 3:19 PM IST)
UP Saharanpur College accountant shoots self

UP Crime : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रेलवे रेलवे रोड निवासी डिग्री कॉलेज में एक 55 वर्षीय देवदत्त शर्मा ने तमंचा से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. पत्नी के चिल्लाने के बाद पड़ोसी भागकर आए और राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे. वहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. घटना से पहले देवदत्त ने अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट भी भेजा था. वहीं, घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मौके से एक देसी कट्टा और खोखा भी बरामद किया.

अपने घर में भी चलाते थे जिम

पुलिस ने बताया कि यह घटना शनिवार को रात सरसावा पुलिस स्टेशन इलाके के सलेमपुर गांव में हुई. उनके मुताबिक, देवदत्त शनिवार की शाम को काम से घर लौटे, खाना खाया और बाद में कथित तौर पर सिर पर गोली मार ली. सर्कल ऑफिसर पवन कुमार ने बताया कि अपने सुसाइड नोट में भावानात्मक परेशानी और अपनी आखिरी इच्छाओं का जिक्र किया. साथ ही अभी मैसेज की जांच की जा रही है. इसके अलावा पवन कुमार ने यह भी कहा कि देवदत्त शर्मा बालाजी कॉलेज ऑफ लॉ में अकाउंटेंट का काम करते थे और अपने घर के एक हिस्से में जिम भी चलाते थे.

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33 साल पहले हुई थी देवदत्त की शादी

परिजनों के मुताबिक, 33 साल पहले देवदत्त की शादी सीमा से हुई थी. हालांकि, पिछले कुछ दिनों से दोनों के रिश्ते अच्छे से नहीं चल रहे थे. देवदत्त और सीमा के दो बेटे हैं. बड़ा बेटा अभिषेक सऊदी अरब में काम करता है, जबकि छोटा बेटा आदित्य चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहा है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले के हर पहलू से जांच की जा रही है और अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

अब सहन नहीं होता अपमान

सुसाइड करने से पहले देवदत्त ने अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर एक लंबा मैसेज लिखकर भेजा. शाम करीब सात बजे भेजे इस सुसाइड नोट में लिखा कि अब अपमान सहन नहीं होता है. बार-बार मरने से बेहतर है कि मैं एक ही बार में मर जाऊं. उन्होंने आगे लिखा कि वह कायर नहीं हैं, लेकिन बार-बार अपमान ने उनकी आत्मा को तोड़कर रख दिया है. भांजी को उन्होंने मैसेज दिया कि वह अपनी मां का ख्याल रखें. इसके अलावा उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा जाहिर करते हुए लिखा कि मेरी मौत के बाद किसी भी धार्मिक अनुष्ठान पर कोई रुपये खर्च न किए जाएं. साथ ही दाह संस्कार में उपलों का उपयोग न किया जाए और उनकी आत्मा की शांति के लिए किसी भी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन न हो. वह चाहते हैं कि उनकी आत्मा भटकती रहे और मृत शरीर से पत्नी को दूर रखने की भी बात कही गई है.

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