Home अंतरराष्ट्रीय भूख से जूझता अफगानिस्तान: हर तीसरे प्रांत में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे, फंडिंग की कमी बनी आफत

भूख से जूझता अफगानिस्तान: हर तीसरे प्रांत में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे, फंडिंग की कमी बनी आफत

by Neha Singh 5 August 2026, 11:30 AM IST (Updated 5 August 2026, 12:24 PM IST)
5 August 2026, 11:30 AM IST (Updated 5 August 2026, 12:24 PM IST)
भूख से जूझता अफगानिस्तान: हर तीसरे प्रांत में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे, फंडिंग की कमी बनी आफत

Afghanistan Malnutrition: अफगानिस्तान दशकों के संघर्ष और उथल-पुथल से जूझ रहा है. UN वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम ने मंगलवार को कहा कि अफगानिस्तान के एक तिहाई प्रांतों में बच्चों का कुपोषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है और उम्मीद है कि यह और भी खराब होगा. फंडिंग की कमी के कारण खाने के डिस्ट्रीब्यूशन और दूसरी मदद में कटौती करनी पड़ रही है. अफगानिस्तान में WFP के कंट्री डायरेक्टर जॉन आयलीफ ने एक बयान में कहा, “हमें बच्चों की बढ़ती मौतों को रोकने के लिए अभी कार्रवाई करनी चाहिए, जो इस संकट की वजह से बढ़ रही हैं. बहुत से लोगों के लिए पहले ही बहुत देर हो चुकी है.”

वेस्टिंग नाम की बीमारी से ग्रसित बच्चे

अफगानिस्तान में UN ह्यूमैनिटेरियन ऑफिस की प्रवक्ता ओल्गा चेरेवको ने कहा कि न्यूट्रिशन स्पेशलिस्ट की रिपोर्ट है कि “इस साल देश के तीन-चौथाई से ज्यादा हिस्से में बच्चों में वेस्टिंग की स्थिति और खराब हो गई है.” वेस्टिंग नाम की बीमारी से पीड़ित बच्चे बहुत ज़्यादा कुपोषित होते हैं, अपनी हाइट के हिसाब से बहुत पतले हो जाते हैं और उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत होती है. चेरेवको ने बताया कि “बहुत सारे बच्चे हेल्थ सेंटर्स में कुपोषित पहुंचते हैं, जबकि कुच पहुंचने से पहले ही मर जाते हैं.”

3.7 मिलियन अफगान बच्चों के कुपोषित होने का अनुमान

WFP ने कहा कि मदद में कटौती की वजह से 2025 में 142 हेल्थ सेंटर बंद हो गए और 13,000 से ज़्यादा बच्चों को पोषण चिकित्सा नहीं मिल पाई. इसमें किसी खास डोनर का जिक्र नहीं किया गया, जैसे कि यूनाइटेड स्टेट्स, जहां ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने विदेशी मदद में भारी कटौती की है. WFP के मुताबिक, इस साल लगभग 3.7 मिलियन अफगान बच्चों के तीव्र कुपोषण से पीड़ित होने का अनुमान है, साथ ही 1.2 मिलियन प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के भी कुपोषित होने का अनुमान है.

युद्ध के कारण कम हुई मदद

एजेंसी ने कहा कि 12 अफगान प्रांत एक्यूट चाइल्ड मालन्यूट्रिशन के क्रिटिकल लेवल पर पहुंच गए हैं. लड़ाई, बेरोजगारी, खाने की चीजों की बढ़ती कीमतें, बीमारियां फैलना, खराब पानी और सफाई और कम ह्यूमनिटेरियन फंडिंग का हवाला दिया गया. ईरान युद्ध और दूसरी लड़ाइयों की वजह से डिलीवरी में देरी हुई है. WFP ने कहा कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई की वजह से सप्लाई में कमी आई. पड़ोसियों के बीच लड़ाई की वजह से पाकिस्तान का बॉर्डर नौ महीने से बंद है, जिससे न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स की डिलीवरी में रुकावट आई है. इससे करीब 10 लाख कुपोषित महिलाओं और बच्चों को पांच महीने तक जरूरी न्यूट्रिशन नहीं मिला.

USD 540 मिलियन की जरूरत

WFP ने कहा कि उसे अगले छह महीनों में तुरंत USD 540 मिलियन की जरूरत है. अफगानिस्तान में ह्यूमनिटेरियन ग्रुप्स फंडिंग में भारी कटौती से जूझ रहे हैं. WFP की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, खाने की मदद के लिए 2022 से अब तक लगभग 59 परसेंट फंडिंग की कमी आई है, जबकि जरूरतें बढ़ गई हैं.

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News Source: PTI

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