Flydubai Co-Pilot: पिछले बुधवार को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट क्रैश होने से बच गई. फ्लाइट के को-पायलट ने उसे क्रैश करने की योजना बनाई थी, हालांकि उसकी साजिश नाकाम हो गई, क्योंकि भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने समय रहते कॉकपिट का दरवाजा और खोल दिया. इससे विमान की कमान क्रू सदस्यों को मिल गई और यात्रियों ने हमलावर को पकड़ लिया. अब जांच के दौरान हमलावर पायलट के बारे कई चौंकाने वाले खलासे हो रहे हैं.
एयरपोर्ट पर क्रैश की थी योजना
इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाईदुबई के हमलावर पायलट अल-हम्मामी ने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश करने की योजना बनाई थी, इसलिए उसने फ्लाइट के कॉकपिट में अपने साथी पर हमला किया. इजरायली न्यूज साइट ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि पायलट की योजना इजरायल के मुख्य एयरपोर्ट पर किसी इमारत या दूसरे विमान से टकराकर 9/11 जैसा क्रैश करने की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, उसने जॉर्डन के ऊपर कैप्टन पर हमला किया, जब विमान इजरायल की ओर बढ़ रहा था.
प्लान B और C भी था तैयार
रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं को बताया कि अगर वह विमान को इजरायल नहीं ले जा पाता, तो उसके पास प्लान B और C भी तैयार था. अगर किसी वजह से एयरपोर्ट पर क्रैश करना मुमकिन नहीं हो पाता, तो दूसरा प्लान यह था कि प्लेन को तेल अवीव के बीचों-बीच ले जाकर किसी ऊंची बिल्डिंग से टकरा दिया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान जा सके. इतना ही नहीं अगर वह इजराइल के एयरस्पेस में घुस ही नहीं पाता, तो उसका तीसरा बैकअप प्लान प्लेन को जॉर्डन के एयरस्पेस में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस से टकराने का था
जुलाई में ही क्रैश करने वाला था को-पायलट
जांचकर्ताओं ने मीडिया आउटलेट को बताया कि पायलट ने जुलाई में हमले की योजना बनाई थी, लेकिन क्रू के एक सदस्य के साथ निजी संबंध होने के कारण उसने ऐसा नहीं किया और प्लान को टाल दिया. इजरायली यात्रियों की कार्रवाई और भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के संघर्ष के कारण अल-हम्ममी का विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने का प्लान नाकाम हो गया.
खबरों के मुताबिक, उसने 2015 से 2017 के बीच मेलबर्न में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, इसलिए ऑस्ट्रेलिया भी इस मामले की जांच कर रहा है. वहीं ओमान को उसके खतरनाक इरादों के बारे में पहले से ही पता था. ओमान ने उसके कट्टरपंथी विचारों के कारण पहले ही उसकी फ्लाइंग पर रोक लगा दी थी. ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इसके बावजूद वह को-पायलट की नौकरी पाने में कैसे कामयाब रहा.
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News Source: ANI
