Venezuela Earthquake : वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने चारों तरफ तबाही मचा दी है. रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच प्रत्येक दिन मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और अब तक 2,295 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इसके अलावा देश में 189 इमारतें भूकंप के तेज झटकों की वजह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. उत्तरी तट पर स्थित ‘ला गुएरा’ 24 जून को आए भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. इस दौरान हैरान करने वाली बात यह है कि काफी दिनों से इमारतों में दबे शवों को अपने लोग ही नहीं पहचान पा रहे हैं. साथ ही इतनी भारी संख्या में मौत होने के बाद अधिकारियों को उन्हें इकट्ठा करने, उनकी पहचान और उन्हें सुरक्षित रखने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. बता दें कि अभी तक हजारों की संख्या में लोग लापता हैं.
मृतकों की ढंग से नहीं हो पा रही पहचान
बताया जा रहा है कि अभी शवों की संख्या बढ़ सकती है. 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप आने के बाद से फोरेंसिक टेक्नीशियन जोएल मिराबल लगातार दिनों से काम कर रहे हैं. 45 वर्षीय मिराबल ने बताया कि 60 से 70 प्रतिशत मामलों जब अधिकारी शव लेने के लिए जाते हैं तो वहां पर उनका रिश्तेदार जरूर मौजूद रहता है. उन्होंने कहा कि फिर भी यह एक मुश्किल काम है, क्योंकि लोग सिर्फ उनके शरीर टैटू या फिर कपड़ों से पहचान करते हैं. पीड़ितों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे असल में वह उसके 10 प्रतिशत भी नहीं दिख रहे हैं.
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तीन महीने तक का लग सकता है समय
साथ ही अगर शवों की पहचाान ढंग से नहीं हो पा रही है तो उसे ला गुआइरा बंदरगाह पर काम करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञों के पास भेजा जाता है. साथ ही शवों को सुरक्षित रखने के लिए प्राइवेट कंपनियों में भी कूलिंग कंटेनर दान दिए हैं. हालांकि, अब दिक्कतें इसलिए भी बढ़ती जा रही हैं क्योंकि शवों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसी बीच मिराबल ने कहा कि अब सच्चाई यही है कि सामूहिक क्रबें बनानी होंगी. तबाही बहुत बड़ी है और शव मलबे की कई परतों के नीचे दबे हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि दूसरे फोरेंसिक टेक्नीशियनों को शवों को निकालने में तीन महीने तक लग सकते हैं.
स्थानीय लोगों ने की शवों को बाहर निकालने में मदद
उन्होंने बताया कि वह हर दिन प्रभावित इलाकों का दौरा कर रह हैं, जिसमें वह शवों की तलाश कर रहे हैं और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. मिराबल ने यह भी बताया कि प्रभावित इलाकों में बचाव का ज्यादा कार्य आम लोगों ने ही किया है और इस दौरान उन्होंने शवों को निकालने में भी काफी मदद की. दूसरी तरफ देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगोज सोशल मीडिया पर कहा कि बुधवार की शाम 6 बजे से सात दिनों के लिए राष्ट्रीय शोक घोषित करने का फैसला किया है. भारी दुख की इस घड़ी में हम पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हैं और उनकी रक्षा करने का अपना वादा निभाते हैं.
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News Source: PTI
