Home Top News ‘भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश…’, पीएम मोदी और ताकाइची की बड़ी बातें; जानें जापान से ट्रेड के आंकड़े

‘भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश…’, पीएम मोदी और ताकाइची की बड़ी बातें; जानें जापान से ट्रेड के आंकड़े

by Amit Dubey 2 July 2026, 9:48 PM IST (Updated 2 July 2026, 9:50 PM IST)
2 July 2026, 9:48 PM IST (Updated 2 July 2026, 9:50 PM IST)
India Japan Relations

India Japan Relations: जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं. बुधवार देर शाम वह राजधानी नई दिल्ली पहुंची, जहां एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. वहीं, आज गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की पीएम सनाए ताकाइची की मुलाकात हुई. इस दौरान भारत और जापान के बीच रिश्ते व व्यापार को और अधिक बढ़ाने के लिए कई विषयों पर चर्चा हुई.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के हैदराबाद हाउस में जापान के प्रधानमंत्री के साथ जॉइंट प्रेस वक्तव्य जारी किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री को अपनी छोटी बहन कहकर संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा, “Your Excellency, और मेरी छोटी बहन प्रधानमंत्री ताकाइची जी, दोनों देशों के delegates…नमस्कार!” इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपना पूरा प्रेस वक्तव्य दिया.

भारत और जापान के रिश्ते काफी मजबूत और शानदार रहे हैं. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार भी अच्छा-खासा रहा है. वाणिज्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और जापान का कुल व्यापार 2 लाख 42 हजार 781.26 करोड़ रुपये का रहा है.

अब आइए जानते हैं कि आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की पीएम सनाए ताकाइची के बीच हुई बैठक में क्या कुछ बड़े फैसले लिए गए हैं. इसके साथ ही दोनों देशों के रिश्तों पर नजर डालते हुए बीते कुछ वर्षों में जापान और भारत के कुल ट्रेड के आंकड़ों को भी जानेंगे.

जापान भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार- मोदी

आज गुरुवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के बीच शिखर वार्ता हुई. उसके बाद भारत और जापान ने कई ऐतिहासिक पहलों का अनावरण किया, जिनमें एक आर्थिक साझेदारी ढांचा, सैन्य हार्डवेयर के सह-विकास के लिए एक रक्षा समझौता और तेल संकट से निपटने के लिए ऊर्जा संबंधों को बढ़ाने के कदम शामिल हैं.

बैठक के प्रमुख परिणामों में आर्थिक सुरक्षा पर एक घोषणा, एआई के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक संयुक्त बयान और एनर्जी सप्लाई चैन में भागीदारी को मजबूत करने के लिए एक दस्तावेज शामिल थे. दोनों पक्षों ने जहाज निर्माण, विमानन और रसद में सहयोग के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करने हेतु एक गतिशीलता ढांचा भी अंतिम रूप दिया.

जॉइंट प्रेस वक्तव्य के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई बड़ी बातें कहीं. इस दौरान उन्होंने कहा, “इंडिया-जापान ऐन्यूअल समिट के लिए, प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है. वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं. इतना ही नहीं, वे जापान के नारा प्रीफेक्चर से आती हैं, जो भारत-जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक बहुत महत्वपूर्ण केंद्र है.”

पीएम ने आगे कहा, “पिछले कई दशकों में, Automotive से लेकर इलेक्ट्रानिक्स तक, जापान ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार बनकर दोस्ती और विश्वास की एक अमूल्य पूंजी बनाई है. और आज प्राइम मिनिस्टर ताकाइची की यात्रा से, हम अपनी स्पेशल स्ट्रेटीजिक एण्ड ग्लोबल पार्ट्नर्शिप के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं.”

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AI विकास को नई गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारत और जापान, दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी इकोनॉमी में से हैं. एक free, prosperous, और rules-based Indo-Pacific हमारी साझा प्राथमिकता है.”

उन्होंने कहा, “भारतीय एआई इकोसिस्टम के कई प्रमुख संस्थानों ने भी आज अपने Japanese partners के साथ agreements किए हैं. जापान की precision technology और भारत की software क्षमता का संगम वैश्विक AI विकास को नई गति और शक्ति देगा.”

डिफेंस समेत इन क्षेत्रों में भी डील

पीएम मोदी ने कहा, “डिफेंस के क्षेत्र में आज हमने भारत और जापान के पहले co-development project पर agreement किया है. Naval Radio Antenna का यह project हमारी defence technology partnership में एक नया अध्याय खोलेगा. अब हम ऐसी defence technologies को साथ मिलकर विकसित करेंगे, जो regional peace, maritime security और rules-based order को मजबूत करेंगी.”

उन्होंने आगे कहा, “फार्मा, मेडिकल डिवाइसेज और bio-tech में आज किए गए agreements से हम global health security में भी योगदान देंगे. भारत का scale और जापान की quality को जोड़कर, हम affordable, reliable, और advanced health solutions दुनिया तक पहुंचाने के लिए काम करेंगे.”

भारत में 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत-जापान Investment Partnership निरंतर सुदृढ़ हो रही है. पिछले एक वर्ष में 100 से अधिक नए business agreements हुए हैं, जिनसे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक Japanese investment आएगा. आज financial services agencies के बीच agreement से capital और investment flows और सुगम होंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य स्पष्ट है- अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन (करीब 5.84 लाख करोड़ रुपये) निवेश और भारत में Japanese companies की संख्या दोगुनी करना. भारत में लगातार हो रहे रिफॉर्म्स से ease of doing business बढ़ा है, जापान की कंपनीज भी इसका लाभ उठा सकती हैं.

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भारत में लगेंगे एक हजार बायोगैस प्लांट

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और जापान ने ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए हैं. भारत-जापान बायोगैस पहल के जरिए हम भारत में एक हजार बायोगैस और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर प्लांट लगाएंगे. उन्होंने कहा कि इससे भारत के गांवों में सस्टेनेबिलिटी, समृद्धि और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती मिलेगी.

मोदी और ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, साफ ऊर्जा, अहम टेक्नोलॉजी और रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े अहम समझौतों के आदान-प्रदान को देखा. मोदी ने भारत-जापान संबंधों की ताकत और महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि भारत-जापान साझेदारी इस कसौटी पर पूरी तरह से खरी उतरी है.

साल 2027 में भारत-जापान रिश्ते के 75 साल पूरे

बता दें कि अगले साल भारत और जापान के रिश्ते (राजनयिक संबंधों) के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं. जैसे-जैसे दोनों देश 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ के करीब पहुंच रहे हैं, व्यापार और निवेश, आर्थिक सुरक्षा, रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति और जन-संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और गहराता जा रहा है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत और जापान ने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए आयोजित होने वाली गतिविधियों की सूची पर भी सहमति जताई है. अपने संबोधन में मोदी ने भारत-जापान संबंधों की मजबूती और महत्व पर भी प्रकाश डाला. पीएम मोदी ने कहा, “हमारे संबंधों की बड़ी ताकत हमारी people-to-people ties हैं. हम टैलेंट मोबिलिटी, स्किलिंग और टेक्निकल इंटर्नशिप प्रोग्राम्स के अवसर भी बढ़ा रहें हैं. और दोनों देशों के बीच रिसर्च, एजुकेशन और स्टार्ट-अप सहयोग भी सुदृढ़ कर रहें हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हमें बहुत खुशी है कि अगले वर्ष हम भारत-जापान diplomatic relations की 75th anniversary मनाने जा रहे हैं. इस महत्वपूर्ण अवसर पर हम कल्चर, टुरिज्म और क्रिएटिव इकोनॉमी सहयोग से आपसी कनेक्ट और प्रगाढ़ करेंगे.”

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पीएम सनाए ताकाइची ने क्या कहा?

वहीं, भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि दोनों पक्ष निवेश और नवाचार सहयोग के माध्यम से आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “मैं एक मजबूत अर्थव्यवस्था को साकार करने और 17 रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश के माध्यम से जापान की आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं.”

जापान की पीएम ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत की शुरुआत की है, जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का राष्ट्रीय लक्ष्य है और वे भारत की विकास यात्रा को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं.” सनाए ताकाइची ने कहा, “इस तरह हम भविष्य में निवेश के माध्यम से अपने देशों को मजबूत और समृद्ध बनाने के लक्ष्य को साझा करते हैं.”

बीते 5 वर्षों में भारत और जापान के ट्रेड

India Japan Relations

अब भारत और जापान के बीच ट्रेड की बात करते हैं. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में दोनों देशों के बीच कुल ट्रेड 1 लाख 53 हजार 339.39 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 46,041.99 करोड़ रुपये और जापान से भारत में आयात 1 लाख 7 हजार 297.40 करोड़ रुपये का रहा है.

वित्त वर्ष 2022-23 में भारत और जापान के बीच कुल ट्रेड 1 लाख 76 हजार 449.08 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 43,834.30 करोड़ रुपये और इंपोर्ट 1 लाख 32 हजार 614.78 करोड़ रुपये का रहा है.

अब वित्त वर्ष 2023-24 की बात करते हैं. इसमें भारत और जापान के बीच कुल ट्रेड 1 लाख 89 हजार 181.73 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 42,693.23 करोड़ रुपये और इंपोर्ट 1 लाख 46 हजार 488.49 करोड़ रुपये का रहा है.

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और जापान के बीच कुल ट्रेड 2 लाख 12 हजार 835.45 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 52,910.31 करोड़ रुपये और इंपोर्ट 1 लाख 59 हजार 925.14 करोड़ रुपये का रहा है.

अब हम वित्त वर्ष 2025-26 की बात करते हैं. इसमें भारत और जापान के बीच कुल ट्रेड 2 लाख 42 हजार 781.26 करोड़ रुपये का रहा है. इनमें भारत का एक्सपोर्ट 53,438.27 करोड़ रुपये और इंपोर्ट 1 लाख 89 हजार 342.99 करोड़ रुपये का रहा है.

आज गुरुवार को पीएम मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की बीच हुई बैठक के बाद कई अहम फैसले लिए गए. इससे दोनों देशों के बीच रिश्तों के साथ ट्रेड में और अधिक बढ़ोतरी होने वाली है.

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