Brijesh Ganjhu Encounter: यूपी ATS ने NIA की वॉन्टेड लिस्ट में शामिल कुख्यात नक्सली बृजेश गंझू को एनकाउंटर में ढेर कर दिया. पुलिस ने बताया कि वाराणसी में यूपी ATS, पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें उसे एक गोली लग गई और वह ढेर हो गया. बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का कमांडर था.
जवाबी फयारिंग में मौत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बृजेश अपने एक साथी के साथ बाइक पर टेंगरा मोड़ से मुगलसराय जा रहा था. पुलिस को मुखबिर से इसका जानकारी मिली. जब पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, तो वह बाइक से कूद गया और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने के बाद बृजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. एनकाउंटर के दौरान, गोलियां डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगीं.
पैसे वसूलता था बृजेश
दोनों पुलिसकर्मियों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिससे उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई. जवाबी फायरिंग में बृजेश गंझू को गोली लगी और वह दर्द से तड़पते हुए जमीन पर गिर पड़ा. पीछे बैठा उसका साथी मौके से भाग गया. घायल बृजेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया. मुठभेड़ के बाद पुलिस ने इलाके में सघन जांच और तलाशी अभियान शुरू किया. बृजेश गंजू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग इलाके का रहने वाला था. वह ट्रांसपोर्टर, कोयला माइनिंग कंपनियों और कॉन्ट्रैक्टरों से पैसे वसूलता था. आठ साल पहले उसके घर पर कब्जा कर लिया गया था.
30 लाख का इनामी था नक्सली
इस बीच, झारखंड पुलिस के IG ऑपरेशंस और प्रवक्ता नरेंद्र सिंह ने कहा कि, झारखंड पुलिस IG STF से मिली जानकारी के अनुसार, बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह आज सुबह वाराणसी में एक एनकाउंटर में मारा गया. बृजेश गंझू लंबे समय से झारखंड पुलिस और NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में था. वह झारखंड में आतंकवादी घटनाओं से जुड़े कई मामलों में नामजद है. बृजेश पर झारखंड सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये और NIA की तरफ से 5 लाख का इनाम था यानी कुल 30 लाख का इनाम.
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News Source: PTI
