Home Top News US-ईरान संघर्ष में कई भारतीयों ने गंवाई जान, PM Modi ने G7 में उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा

US-ईरान संघर्ष में कई भारतीयों ने गंवाई जान, PM Modi ने G7 में उठाया समुद्री सुरक्षा का मुद्दा

by Amit Dubey 17 June 2026, 7:45 AM IST (Updated 17 June 2026, 7:46 AM IST)
17 June 2026, 7:45 AM IST (Updated 17 June 2026, 7:46 AM IST)
PM Modi at G20 Summit

PM Modi at G20 Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 समिट में भाग लेने के लिए फ्रांस के दौरे पर हैं. भारत वैसे जी7 ग्रुप का सदस्य देश नहीं है, लेकिन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर विशेष अतिथि के रूप में पीएम मोदी इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं.

मालूम हो कि ग्रुप ऑफ 7 (जी7) विश्व की सात सबसे उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का एक ग्रुप है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका शामिल हैं. यूरोपीय संघ भी इस समूह का सदस्य है. फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस में आयोजित जी7 समिट में पीएम मोदी ने यूएस-ईरान संघर्ष में जान गंवाने वाले भारतीयों की आवाज उठाई और इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप सहित जी7 के सभी नेताओं के सामने समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया.

संघर्ष में कई भारतीय नागरिकों ने जान गंवाई- पीएम मोदी

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित जी7 नेताओं की एक सभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें.

प्रधानमंत्री ने जी7 शिखर सम्मेलन के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि संघर्षों के स्थायी समाधान केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही मिल सकते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार में व्यवधान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और इस संघर्ष में कई भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है.

समुद्री मार्ग और नाविकों की सुरक्षा जरूरी- प्रधानमंत्री

जी7 समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का हम स्वागत करते हैं. इस संघर्ष के कारण क्षेत्र के हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है.” उन्होंने आगे कहा, “वैश्विक समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें.”

आज सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति आपसी विश्वास- पीएम मोदी

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भू-राजनीतिक उथल-पुथल और घटनाक्रमों का विश्लेषण करते हुए देशों के बीच विश्वास की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने तर्क दिया कि आज सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति खनिज, प्रौद्योगिकी या बाजार नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज की दुनिया पहले से कहीं अधिक परस्पर जुड़ी हुई और एक-दूसरे पर निर्भर है. किसी राष्ट्र की ऊर्जा, भोजन, स्वास्थ्य और साइबर सुरक्षा, साथ ही उसकी आर्थिक समृद्धि, केवल उसकी सीमाओं के भीतर ही निर्धारित नहीं होती है. गतिशीलता, डेटा, पूंजी और प्रौद्योगिकी सभी हमें आपस में जोड़ते हैं.”

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News Source: PTI

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