Home Top News मोदी 29 से उज्बेकिस्तान और किर्गिजस्तान दौरे पर, जिनपिंग, पुतिन के सामने रखेंगे भारत का पक्ष

मोदी 29 से उज्बेकिस्तान और किर्गिजस्तान दौरे पर, जिनपिंग, पुतिन के सामने रखेंगे भारत का पक्ष

by Sanjay Kumar Srivastava 27 August 2026, 6:44 PM IST (Updated 27 August 2026, 6:45 PM IST)
27 August 2026, 6:44 PM IST (Updated 27 August 2026, 6:45 PM IST)
मोदी 29 से उज्बेकिस्तान और किर्गिजस्तान दौरे पर, पुतिन, जिनपिंग के सामने रखेंगे भारत का पक्ष

PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज़्बेकिस्तान के साथ संबंध मज़बूत करने और किर्गिज़स्तान में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सालाना शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए 29 अगस्त से चार दिन की यात्रा शुरू करेंगे. विदेश मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के पहले चरण में मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज़्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद जाएंगे, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके. मंत्रालय ने कहा कि उज़्बेकिस्तान के बाद प्रधानमंत्री दो दिन की यात्रा पर किर्गिज़स्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे और SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उम्मीद है कि इस सम्मेलन में क्षेत्र में बदलती सुरक्षा स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी.

सुरक्षा, कनेक्टिविटी पर जोर

मंत्रालय के अनुसार, SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भाषण देंगे और सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं पर ज़ोर देंगे. इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने वाले नेताओं में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के शामिल होने की संभावना है. यह शिखर सम्मेलन SCO की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर हो रहा है. भारत 2017 से इसका पूर्ण सदस्य रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे और वहां सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों से जुड़ी भारत की प्राथमिकताओं पर ज़ोर देंगे.

‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में होंगे शामिल

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि SCO की स्थापना मुख्य रूप से आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ का मुकाबला करने के मकसद से की गई थी, जो आज भी एक चुनौती बने हुए हैं. मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान SCO नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. जिन नेताओं के साथ प्रधानमंत्री द्विपक्षीय बैठकें करेंगे, उनमें पुतिन भी शामिल होंगे. प्रधानमंत्री छठे ‘वर्ल्ड नोमैड गेम्स’ के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे, जो मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जश्न है. उज़्बेकिस्तान की प्रधानमंत्री की यात्रा का मुख्य मकसद द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना होगा. जॉर्ज ने कहा कि उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री 29 और 30 अगस्त को ताशकंद की राजकीय यात्रा करेंगे. यह प्रधानमंत्री की उज़्बेकिस्तान की चौथी यात्रा होगी.

व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और शिक्षा पर भी चर्चा

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और आगे की राह के लिए एजेंडा तय करेंगे. मंत्रालय ने कहा कि मोदी और मिर्जियोयेव ‘विकसित भारत 2047’ और ‘उज्बेकिस्तान-2030’ के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर भी अपने विचार साझा करेंगे. प्रधानमंत्री के ताशकंद में लाल बहादुर शास्त्री स्मारक और ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ़ ओरिएंटल स्टडीज़ में महात्मा गांधी केंद्र का दौरा करने की भी उम्मीद है.

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News Source: PTI

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