Home Top News वायु सेना प्रमुख ने भविष्य की पीढ़ी के लिए दिया चरित्र, संस्कार, जिम्मेदारी और अनुशासन का संदेश

वायु सेना प्रमुख ने भविष्य की पीढ़ी के लिए दिया चरित्र, संस्कार, जिम्मेदारी और अनुशासन का संदेश

by Rajeev Ojha 27 August 2026, 4:58 PM IST (Updated 27 August 2026, 5:01 PM IST)
27 August 2026, 4:58 PM IST (Updated 27 August 2026, 5:01 PM IST)
वायु सेना प्रमुख ने भविष्य की पीढ़ी के लिए दिया चरित्र, संस्कार और अनुशासन का संदेश

Air Chief Marshal: गोरखपुर के ग्राम माथाबारी में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह का प्रेरणादायी दौरा शिक्षा, ग्रामीण विकास, युवा आकांक्षाओं, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला रहा. इस अवसर पर उन्होंने रामाश्रय ग्राम विकास केंद्र एवं सरस्वती गुरुकुल का भ्रमण किया तथा विद्यार्थियों, बच्चों और ग्रामीण समुदाय के साथ आत्मीय एवं सार्थक संवाद किया.

50 से अधिक गांवों के लोग हुए शामिल

कार्यक्रम में 50 से अधिक गांवों से आए विद्यार्थी एवं ग्रामीण सहभागी बने. दौरे का प्रमुख आकर्षण ग्रामीण बालिकाओं के लिए स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ का उद्घाटन रहा. यह केंद्र ग्रामीण बेटियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों, पुस्तकों, ज्ञान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ को केवल एक डिजिटल पुस्तकालय के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण बालिकाओं के सपनों, प्रतिभा, आत्मविश्वास और संभावनाओं को नई उड़ान देने के माध्यम के रूप में विकसित किया गया है.

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें बच्चे

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वायु सेना प्रमुख ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है. शिक्षा के साथ संस्कार, चरित्र, अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित होना भी आवश्यक है. उन्होंने युवाओं से अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करने तथा स्वयं को जिम्मेदार एवं सच्चे भारतीय नागरिक के रूप में विकसित करने का आह्वान किया. उन्होंने विशेष रूप से जेन अल्फा के बच्चों एवं युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और आज की पीढ़ी तकनीकी युग में आगे बढ़ रही है, लेकिन तकनीकी दक्षता के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और मजबूत चरित्र का होना भी उतना ही आवश्यक है.

कठिन परिस्थितियों में भी विचलित न हों युवा

वायु सेना प्रमुख ने युवाओं से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, उसके लिए रणनीति बनाकर अनुशासित ढंग से निरंतर प्रयास करने और कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प से विचलित न होने का आह्वान किया. उन्होंने सफलता के मूल मंत्र के रूप में ‘एक सपना, एक लक्ष्य, एक प्रतिबद्धता और एक उद्देश्यपूर्ण जीवन’ की भावना पर विशेष जोर दिया. उन्होंने ग्रामीण समुदाय को भी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने तथा एकजुटता, सामाजिक सद्भाव, ईमानदारी, अनुशासन और कानून के प्रति सम्मान जैसे मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया.

ग्राम विकास की नई किरण है रामाश्रय केंद्र

अपने जन्मस्थान और मातृभूमि के प्रति कृतज्ञता को जनसेवा से जोड़ने की भावना से स्थापित रामाश्रय ग्राम विकास केंद्र का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023 में किया गया था. यह केंद्र ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास की विभिन्न पहलों का केंद्र बन रहा है. यहां बैंकिंग सुविधा, सुरक्षित पेयजल, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं एवं निःशुल्क दवाएं, कक्षा 7 तक का विद्यालय, डिजिटल एवं पुस्तकालय सुविधाएं, कंप्यूटर केंद्र, आम एवं अमरूद के बाग, महिलाओं के कौशल एवं आत्मनिर्भरता कार्यक्रम तथा आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक गतिविधियों जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं. इसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को शिक्षा, अवसर और आत्मनिर्भरता के माध्यम से बेहतर जीवन की दिशा में सशक्त बनाना है.

बताया जीवन जीने का उद्देश्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने जीवन के उद्देश्य और उसकी सार्थकता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि केवल जन्म लेना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति अपने जीवन को किस उद्देश्य के साथ जीता है और समाज एवं राष्ट्र के लिए क्या योगदान देता है. उन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन का उदाहरण देते हुए युवाओं से अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रखने तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया.

संवाद का अवसर बना सेना प्रमुख का दौरा

वायु सेना प्रमुख का यह दौरा मात्र एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर नई पीढ़ी और राष्ट्र निर्माण के नेतृत्व के बीच प्रेरणादायी संवाद का अवसर बना. ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ का शुभारंभ, विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद, सरस्वती गुरुकुल की मूल्य-आधारित शिक्षा और ग्रामीण समुदाय की व्यापक सहभागिता ने पूरे आयोजन को शिक्षा, सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बना दिया.

उद्देश्यपूर्ण जीवन को बनाएं अपना मंत्र

विकास केंद्र की आगामी योजनाओं में शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल क्षमता, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास से जुड़ी अनेक पहलें प्रस्तावित हैं. उद्देश्य है कि यह केंद्र सामाजिक उत्तरदायित्व, मानवीय गरिमा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा का स्थायी प्रतीक बने. पूरे आयोजन का मूल संदेश रहा कि बड़ा सपना देखा जाए, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया जाए, पूरी प्रतिबद्धता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ा जाए, चरित्र एवं संस्कार को जीवन का आधार बनाया जाए और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं ऊर्जा से समाज और राष्ट्र के लिए जीवन को सार्थक बनाया जाए.

ये रहे मौजूद

50 से अधिक गांवों से आए विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता ने इस आयोजन को व्यापक जनसंवाद का स्वरूप प्रदान किया. समारोह में गोरखपुर मंडल के कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी पुलिस राम कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही. अधिकारियों ने क्षेत्रवासियों के साथ संवाद स्थापित कर प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय एवं संवाद को मजबूत किया.

27 को गोरखपुर के माथाबारी गांव में रहेंगे वायु सेना प्रमुख, ग्रामीणों और विद्यार्थियों से करेंगे बातचीत

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?