Home Latest News & Updates सेना को मिली नई ताकत: जबलपुर में रक्षा प्रोजेक्ट का शिलान्यास, राजनाथ सिंह और CM ने किया भूमि-पूजन

सेना को मिली नई ताकत: जबलपुर में रक्षा प्रोजेक्ट का शिलान्यास, राजनाथ सिंह और CM ने किया भूमि-पूजन

by Nitin Thakur 27 August 2026, 7:22 PM IST (Updated 27 August 2026, 7:24 PM IST)
27 August 2026, 7:22 PM IST (Updated 27 August 2026, 7:24 PM IST)
सेना को मिली नई ताकत: जबलपुर में 475 करोड़ के रक्षा प्रोजेक्ट का शिलान्यास, राजनाथ सिंह और मोहन यादव ने किया भूमि-पूजन

MP News: रक्षाबंधन उत्सव से एक दिन पहले गुरुवार को संस्कारधानी जबलपुर से बॉर्डर की रक्षा के लिए नए प्रकल्प की शुरुआत हो रही है. टी-सीरीज टैंक के ओवरहॉल प्रोजेक्‍ट के माध्यम से भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है. जबलपुर की आर्मर्ड फैक्ट्री ने कर्म के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है. भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए और सेना की मजबूती के लिए मध्य प्रदेश में स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. आज जबलपुर को करीब 475 करोड़ से अधिक लागत की नई परियोजना की सौगात मिली है. इससे रक्षा कापरिदृश्य बदल जाएगा. ये बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कही.

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का हब बनेगा जबलपुर

डॉ. मोहन यादव जबलपुर स्थित आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की व्हीकल फैक्ट्री में आयोजित शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान सीएम डॉ. यादव एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल परियोजना का भूमि-पूजन कर शिलापट्ट का अनावरण किया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रक्षा के मामले में जबलपुर की अलग पहचान है. इसके नाम में ही बल लगा हुआ है. जबलपुर हमारा शहर है, यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है. कहा कि जबलपुर डिफेंस मैन्यफैक्चरिंग का हब बनेगा.

मोदी के नेतृत्व में बदल रहा है देश

कहा कि हमारी सेना पराक्रम की धनी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है. उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती, अमर शहीद राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह, स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से जबलपुर की विरासत गौरवशाली रही है. उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं रानी दुर्गावती का युद्ध और इस युद्ध में वे लगातार जीत रही थीं, लेकिन तकनीक की वजह से उनकी विजय का क्रम टूट गया. उस दौर में भारतीय राजानों ने पहली बार तोप देखी थी. विरोधी नए हथियार लेकर आए और दुर्भाग्य से हमारी वीरांगना ने बलिदान दिया.

आर्थिक समृद्धि की दिशा में बड़ी छलांग

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है. हमारे रक्षा मंत्री सिंह का संकल्प वज्र के समान कठोर है. रक्षा मंत्री सिंह के मार्गदर्शन से पिछली बार मध्यप्रदेश को भोपाल के पास बीईएमएल कारखाने की सौगात मिली. प्रदेश में वंदेभारत सहित कई ट्रेनों के कोच तैयार किए जाएंगे. राज्य के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार औद्योगीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेश का विदेशी निर्यात 76 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है.

सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा एमपी

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का दिन भारतीय सेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है. डायनैमिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में रक्षा मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है. भोपाल में हुई जीआईआएस 2025 के अवसर पर पारदर्शी एवं सुगम नीतियों को प्रदेश में लागू किया गया. यह उद्योग अनुकूल नीतियां राज्य को औद्योगिक केंद्र के रूप में आकर्षित कर रही हैं. ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में डिफेंस सेक्टर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और इसमें 16 हजार करोड़ से अधिक का निवेश राज्य की सोच को दर्शाता है.

स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि जबलपुर में ‘टी-सीरीज टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्‍ट इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जंग में इन्हीं टैंक के सहारे हमारे जवान दुश्मन को नष्ट कर देते हैं. यह परियोजना स्थानीय लोगों को रोजगार और छोटे उद्यमियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराएगी. वैश्विक स्तर पर युद्ध की नई तकनीक विकसित हो चुकी है. ऐसे में सेना को निरंतर अपग्रेड रखना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि आधुनिक जंग के तरीकों में ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक शामिल हैं. लेकिन, लड़ाई में आज भी टैंक की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि आधुनिक वॉरफेयर में सभी चीजों की आवश्यकता है.

आज आत्मनिर्भर होना जरूरी

केंद्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि हमारे नौजवान राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी बनेंगे. दुनिया में भारत को देखने का तरीका बदला है. पिछले 12 सालों में रक्षा क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है. वर्ष 2014 में हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन केवल 46 हजार करोड़ का था, जो आज 1 लाख 80 हजार करोड़ तक पहुंच गया है. 2014 में भारत का रक्षा निर्यात करीब 1000 करोड़ था, जो अब 39 हजार करोड़ हो गया है. उन्होंने कहा कि हमने वर्ष 2030 तक निर्यात को 50 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. हमारे टैंक ग्राउंड बैटल में दुश्मनों के लिए काल और आयरन वॉल बनकर खड़े हैं. पिछले वर्षों में भारतीय सेना को 4004 टैंक मिले हैं. उन्होंने कहा कि अब देश की कुल टैंक ओव्हरहॉल क्षमता प्रतिवर्ष 230 हो जाएगी. हमें दुनिया की नई चुनौतियों से सावधान रहना होगा. आने वाले समय में भारत डिफेंस मैन्यूफैक्चरिंग में दुनिया का हब बनेगा.

शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन में उतरे दिग्विजय सिंह, बोले- मांगें नहीं मानीं तो 5 सितंबर के बाद करेंगे भूख हड़ताल

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?