Presidential Election: बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को होंगे. चुनाव आयोग ने गुरुवार को यह घोषणा की. शेख हसीना के करीबी रहे शहाबुद्दीन ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ दिया था. यह घोषणा राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के स्वास्थ्य कारणों से अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने से पहले इस्तीफा देने के दो सप्ताह बाद की गई है. 76 वर्षीय शहाबुद्दीन अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के लंबे समय से सहयोगी रहे हैं. चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने स्पीकर कैसर कमाल के साथ बातचीत करके तारीखें तय की हैं.
जातीय संसद के सत्र हॉल में होगा मतदान
संविधान के अनुसार, संसद सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं, लेकिन चुनाव आयोग देश के प्रमुख को चुनने की प्रक्रिया आयोजित करता है. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग सचिवालय के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने कहा कि मतदान 20 अगस्त को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक जातीय संसद (राष्ट्रीय संसद) के सत्र हॉल में होगा. नामांकन पत्र 13 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय में स्वीकार किए जाएंगे. नामांकन पत्रों की जांच 16 अगस्त को होगी. उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 18 अगस्त है. सांसद 20 अगस्त को संसद के भीतर नए राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट डालेंगे. हालांकि, आम सहमति से उम्मीदवार चुने जाने की स्थिति में कोई मतदान नहीं होगा.
अहमद बने कार्यवाहक राष्ट्रपति
सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के अनुसार, अहमद ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संसद स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद के साथ चर्चा के बाद की गई, जो संविधान के अनुसार 90 दिनों के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रहे हैं. 90 दिनों की समय सीमा के भीतर एक नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना आवश्यक है. अहमद ने कहा कि चुनाव के लिए वोटर लिस्ट तैयार कर ली गई है और बाकी प्रशासनिक प्रक्रियाएं चुनाव से पहले पूरी कर ली जाएंगी. 1971 के मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिक और निचली अदालत के पूर्व जज शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ली थी. उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को बताया. हालांकि, यह इस्तीफा ऐसे समय में आया जब ऐसी अटकलें थीं कि प्रधानमंत्री रहमान की सरकार देश के नाममात्र के प्रमुख से सहज नहीं थी.
पूर्व राष्ट्रपति से नाराज था सत्ताधारी दल
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि शहाबुद्दीन ने फोन पर हसीना से संपर्क किया था, जिससे सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नाराज हो गया था. पूर्व राष्ट्रपति ने इन रिपोर्टों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया था. उन्हें पिछली संसद ने सर्वोच्च पद के लिए चुना था और जुलाई-अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बाद हसीना की अवामी लीग सरकार के गिरने के काफी समय बाद भी वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो अपने संवैधानिक पद पर बने हुए थे. हसीना भारत भाग गईं और 5 अगस्त 2024 से वहीं रह रही हैं. प्रधानमंत्री रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जिसके पास अभी 350 सदस्यों वाली संसद में दो-तिहाई बहुमत है, ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभी तक किसी उम्मीदवार का फैसला नहीं किया है. कोई व्यक्ति अधिकतम दो कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति के तौर पर काम कर सकता है.
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News Source: PTI
