Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज्यादा जंग के हो गए हैं. इसके बावजूद दोनों पक्ष अब तक किसी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच पाए हैं. समय बीतने के साथ संघर्ष और भीषण होता जा रहा है. इसी बीच रूस ने यूक्रेन पर एयरस्ट्राइक की है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस की इन एयरस्ट्राइक के जवाब में कीव रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाएगा. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाएगा.
एक नया डॉक्ट्रिन शुरू किया
रॉयटर्स को दिए अपने इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेनी इंटेलिजेंस सर्विसेज को ऐसे डॉक्यूमेंट मिले हैं जिनसे पता चलता है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सर्दियों के शुरू होने से पहले मिलिट्री हमले करने के लिए एक नया डॉक्ट्रिन शुरू किया है. उन्होंने आगे कहा कि हमने डॉक्यूमेंट देखे हैं और हमल जानते हैं कि वे उन्हें इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स पर हमला करने की इजाजत देते हैं. अब लोगों पर कीव समेत दूसरे शहरों को छोड़ने पर दबाव बनाया जा रहा है. यूक्रेनी लीडर के मुताबिक, स्ट्रैटेजी में यह बदलाव पुतिन की उस समय ताकत दिखाने की इच्छा से आया है जब उनकी मिलिट्री एक अहम फ्रंटलाइन इलाके में अपनी जमीन खो रही थी और अधिक से ज्यादा मौतें हो रही हैं.
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सिस्टमैटिक तरीके से रूस करेगा हमला
वहीं, रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि मास्को हाल के महीनों में रूस पर यूक्रेन के हमलों के बदले में सिस्टमैटिक तरीके से टारगेट पर हमला करता रहेगा. दोनों पक्ष जानबूझकर आम लोगों को निशाना बनाने से साफ इनकार करते हैं. हालांकि, सच यह है कि दोनों तरफ खासकर यूक्रेन का आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. जेलेंस्की ने बताया कि एक सफल यूक्रेनी जवाबी हमले के बाद डोनबास इलाके का करीब 140 स्क्वायर किलोमीटर कब्जा कर लिया गया है. दूसरी ओर रूस का कहना है कि किसी भी शांति समझौते की शर्त के तौर पर उसे डोनबास पर पूरा कंट्रोल करना होगा. हाल के हफ्तों में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चार साल से ज्यादा जारी जंग को खत्म करने के लिए बातचीत शुरू की, तो यूएस ने यूक्रेन से रूसी तेल प्लांट पर हमला न करने की अपील की.
दुनिया भर में एनर्जी का संकट खड़ा हो जाएगा
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अगर रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमला होता रहा तो दुनिया भर में एनर्जी संकट बढ़ जाएगा. वहीं, जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें रूस से कोई इशारा नहीं मिला है कि पुतिन शांति या एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीजफायर पर चर्चा करने में दिलचस्पी रखते हैं. पिछले हफ्ते यूक्रेन की राजधानी पर रूस ने ड्रोन और मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए थे. इनमें सबसे ज्यादा एनर्जी, टेलीकॉम, रोड और रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था. पहली बार रूस ने पूरब और पश्चिम कीव को जोड़ने वाले नीप्रो नदी पर बने पुलों को निशाना बनाया. कीव के जवाब के बारे में जानकारी देते हुए जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन, मास्को की टैक्टिक्स में बदलाव पर बिना सोचे-समझे सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाए बना रिएक्ट करेगा. उन्होंने आगे कहा कि हमें किसी भी तरह से जवाब देना होगा. हमारी एनर्जी पर हुए हमले का जवाब उनके एनर्जी सेक्टर पर हमला करके देना होगा.
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