Ashutosh-Saurav-Hearing: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नेताओं, सौरव दास और आशुतोष रांका द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान, हाई कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने अपने बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है. आशुतोष और सौरभ के वकील ने दलील दी कि 19 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट ने यह स्पष्ट नहीं किया था कि इन दोनों व्यक्तियों से किस तरह का खतरा है. इसके जवाब में जज ने कहा, “आपने एक बॉन्ड का उल्लंघन किया है- क्या यह काफी नहीं है? आजादी बहुत अहम है, लेकिन कुछ ऐसे नियम भी हैं जिनका पालन करना जरूरी है.”
याचिका वापस ली
सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी न्यायिक हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका वापस ले ली है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि आज मजिस्ट्रेट दोनों की न्यायिक हिरासत पर सुनवाई करेंगे. आप उनके फैसले का इंतजार कर सकते थे, लेकिन आप हाई कोर्ट आ गए. इस पर रांका और सौरभ के वकील ने कहा कि हम और 2 दिन जेल में क्यों रहेंगे? इस पर जज ने कहा आज स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने क्या होता है, यह देखें. अगर फिर भी शिकायत रहती है तो अपील दायर करें. इसके बाद सौरव और आशुतोष ने हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली.
कोर्ट ने उम्र पर उठाए सवाल
कार्यवाही के दौरान, अदालत ने उनकी उम्र पूछी, जिस पर उनके वकील ने बताया कि आशुतोष 31 साल का है और सौरभ 27 साल का है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि सौरव और आशुतोष, दोनों में से कोई भी ‘जेन जी’ (Gen Z) नहीं है. सुनवाई के दौरान, जब सौरभ और आशुतोष के वकील अभिक चिमनी ने कुछ कहना चाहा, तो अदालत ने पूछा, “क्या यह सवाल भी नहीं उठेगा कि आपका संगठन क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?” अदालत ने आगे कहा, “जुलाई में आप छात्रों की ओर से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. अब आप किसी दूसरे मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं और आगे चलकर शायद किसी और मुद्दे पर विरोध करें. तो क्या यह सवाल उठना जायज नहीं है कि आपका संगठन क्या है?
स्पेशल मजिस्ट्रेट के आदेश को दी थी चुनौती
कोर्ट ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर को ‘डीनोटिफाई’ (denotification) किए जाने के बाद, बिना अनुमति वहां जाने का मुद्दा भी विचार करने लायक है. खासकर इसलिए, क्योंकि इस डीनोटिफिकेशन को चुनौती देने वाली एक अलग याचिका अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और इस पर कोई स्टे ऑर्डर भी नहीं है. गौरतलब है कि दास और रांका ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती देने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसमें उनकी हिरासत की अवधि बढ़ा दी गई थी. दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करने के बाद गिरफ्तार किया गया था.
आशुतोष और सौरव की हिरासत के खिलाफ आज होगी सुनवाई? पुलिस ने क्राइम ब्रांच कौ सौंपी जांच
News Source: ANI
