US-Iran War: अमेरिका-ईरान के बीच जंग एक बार फिर बढ़ रही है. युद्धविराम असफल होने के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों को दौर शुरु हो गया है. US मिलिट्री ने कहा कि उसने अपने वॉरशिप पर हुए नए हमलों के जवाब में मंगलवार को ईरान के पांच तेल टैंकर तबाह कर दिए. US ने ईरान के मुख्य तेल एक्सपोर्ट हब खार्ग द्वीप और ओमान की खाड़ी में इन टैंकरों को निशाना बनाया. इससे पहले 5 सितंबर को भी US ने तीन ईरानी टैंकरों को नष्ट कर दिया था. इसके जवाब में तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया.
सेंट्र कमांड ने दी जानकारी
US सेंट्रल कमांड ने कहा कि मिलिट्री ने मंगलवार को टैंकरों पर हमला किया, क्योंकि इससे पहले रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पिछले दो दिनों में दो बार नेवी के एक वॉरशिप को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. एक बयान में कहा गया, “US वॉरशिप ने ईरानी हमलों की कोशिश को सफलतापूर्वक चकमा दिया और इलाके के पानी में गश्त करता रहा. किसी भी अमेरिकी कर्मचारी को कोई नुकसान नहीं हुआ.” इसमें कहा गया कि मंगलवार को ओमान की खाड़ी में नष्ट किए गए ईरानी टैंकर किविक, चारमीनार, होराइजन 1 और रीस्को थे. US मिलिट्री ने डेर्या नाम के जहाज़ को भी नष्ट कर दिया, जो होर्मुज स्ट्रेट में खार्ग आइलैंड के पास था. बयान में कहा गया कि हमलों से पहले पांच जहाजों के क्रू को जहाज छोड़ने के लिए कहा गया था.
M/T Riesco sinks in the Gulf of Oman, Sept. 8, after being destroyed by CENTCOM forces in response to attempted IRGC attacks on a U.S. Navy warship. pic.twitter.com/EkmG8uyMT9
— U.S. Central Command (@CENTCOM) September 9, 2026
शनिवार को US फोर्स ने ईरान के तीन तेल टैंकरों को तबाह किया था, जब ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक US एयरक्राफ्ट कैरियर और डिस्ट्रॉयर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरी हुआ, तो वे ईरान के सीमित और खुले तेल बेड़े को नष्ट कर देंगे.
ईरान ने जॉर्डन में अमरिकी ठिकानों को निशाना बनाया
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने भी US हमलों की रिपोर्ट दी, जिसमें कहा गया कि US सेना ने जास्क के दक्षिणी बंदरगाह और फारस की खाड़ी में खार्ग आइलैंड के पास ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया. ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि अमेरिकी हमलों के बाद, ईरान ने जॉर्डन में US ठिकानों पर मिसाइलें दागीं. जॉर्डन की मिलिट्री ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके इलाके की ओर दागी गई 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया और दो दूसरी ऐसी जगहों पर गिरीं जहां कोई नहीं रहता. जॉर्डन में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. जॉर्डन US का एक पक्का साथी है जो अमेरिकी सेना की मेजबानी करता है. इसी कारण किंगडम के मिलिट्री बेस बार-बार ईरानी हमलों का निशाना बन रहे हैं.
ईरानी एयरलाइंस पर बैन
ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को ईरान की एविएशन इंडस्ट्री के कुछ और हिस्सों पर भी बैन लगा दिए. इसके तहत दो दर्जन से ज़्यादा कमर्शियल और प्राइवेट एयरलाइंस के साथ-साथ विदेशी कार्गो सर्विस प्रोवाइडर्स को टारगेट किया गया. यह तेहरान को उसके बाकी ट्रेडिंग पार्टनर्स से अलग करने की नई कोशिश है. US और ईरान दोनों होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल करना चाहते हैं, जहाँ से युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता था. नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले एनर्जी की बढ़ती कीमतें ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक दिक्कतें खड़ी कर रही हैं. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने वाली डील भी असफल हो गई. दोनों अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं.
युद्ध की मार झेल रहे ईरान ने बढ़ाए पेट्रोल के रेट, ज्यादा खपत करने वालों को देना होगा दोगुना दाम
News Source: PTI
