Gujarat News : गुजरात में कोडीन घटक वाली दवाओं के अवैध इस्तेमाल, अनधिकृत भंडारण और बिक्री के खिलाफ खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र ने बड़ी कार्रवाई की है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया के निर्देश पर 1 सितंबर 2026 को राज्यभर में विशेष जांच अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान दवा के थोक और खुदरा कारोबारियों के यहां जांच कर कोडीनयुक्त दवाओं के स्टॉक, खरीद-बिक्री के बिल, रिकॉर्ड और वितरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई.
दवा का सैंपल परीक्षण के लिए लिया गया
इस कार्रवाई में अहमदाबाद ग्रामीण-गांधीनगर क्षेत्र स्थित बालाजी फार्मा से कोडीन घटक वाली Rexton-T Syrup की 37,762 बोतलें मिलीं. प्रत्येक बोतल की MRP 220 रुपये है और पूरे स्टॉक की अनुमानित कीमत 83 लाख 7 हजार 640 रुपये बताई गई है. इस स्टॉक को आगे बिक्री और इस्तेमाल से रोकने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. साथ ही दवा का सैंपल परीक्षण के लिए लिया गया है. खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच में फर्म द्वारा मुख्य रूप से कोडीनयुक्त दवाओं का कारोबार किए जाने की जानकारी सामने आई. जांच में मिली कमियों को लेकर फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
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दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया गया
गांधीनगर के कलोल स्थित हेल्थ प्वाइंट फार्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. 31 अगस्त को हुई जांच के दौरान सामने आई कमियों को लेकर फर्म से जवाब मांगा गया था. फर्म का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद उसका दवा बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिया गया. इसके अलावा चांगोदर की फार्मालिन लाइफसाइंसेस, सांतेंज की रेन रेमेडीज, महेसाणा के विसनगर की कैपिटल फार्मा और अहमदाबाद-1 की HRDM ग्लोबल सॉल्यूशंस सहित अन्य फर्मों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. अहमदाबाद-1 की जय अंबे डिस्ट्रीब्यूटर्स में जांच के दौरान कोडीनयुक्त R Tuss TD Syrup की 57 बोतलें मिलीं. प्रत्येक बोतल की MRP 158 रुपये है और पूरे स्टॉक की कीमत 9,006 रुपये है.
सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति
इस स्टॉक को भी आगे इस्तेमाल या बिक्री से रोकने के लिए प्रतिबंधित किया गया है. वहीं, अहमदाबाद के कठवाड़ा स्थित कृष्णा फार्मा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया जारी है. कुल मिलाकर 7 फर्मों को नोटिस देकर आगे की कार्रवाई की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कहा है कि कोडीनयुक्त दवाओं के अवैध भंडारण, अनधिकृत बिक्री और दुरुपयोग के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है. नियमों का उल्लंघन करने वाली फर्मों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी दवाओं का इस्तेमाल केवल वैध चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन और कानूनी प्रक्रिया के तहत हो.
सदस्यता भी रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी
गुजरात केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रमुख जसवंत पटेल ने भी ऐसी दवाओं का गलत तरीके से कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों का लाइसेंस रद्द होना चाहिए. साथ ही ऐसे लोगों की फेडरेशन से सदस्यता भी रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. खाद्य एवं औषधि नियमन तंत्र की ओर से साफ किया गया है कि कोडीनयुक्त दवाओं की खरीद-बिक्री, स्टॉक, बिल और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी है. जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई हो सकती है.
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