Home Top News भारत पर 100 % टैरिफ लगाएंगे ट्रंप! US सदन में आज होगी सैंक्शन बिल पर फाइनल वोटिंग

भारत पर 100 % टैरिफ लगाएंगे ट्रंप! US सदन में आज होगी सैंक्शन बिल पर फाइनल वोटिंग

by Neha Singh 16 September 2026, 1:10 PM IST (Updated 24 September 2026, 12:42 PM IST)
16 September 2026, 1:10 PM IST (Updated 24 September 2026, 12:42 PM IST)
US Tariff on India

US Tariff on India: अमेरिका भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है- इस खबर ने देश में खलबली मचा दी है. US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (प्रतिनिधि सभा) ने एक बिल को आगे बढ़ाने के लिए वोट किया, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने पर भारत और दूसरे देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देगा. इस बिल का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है, जिस पर मंगलवार शाम को अमेरिकी संसद में वोट किया गया.

आज होगी फाइनल वोटिंग

प्रतिनिधि सभा में दो डेमोक्रेटिक सांसदों ने पार्टी से अलग होकर रिपब्लिकन के पक्ष में वोट किया, जिससे इस बिल ने एक चरण पार लिया है. आज बुधवार को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में इस बिल पर फाइनल वोटिंग होगी. अगर आज यह पास हो जाता है, तो भारत समेत कई देशों पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगेगा. US का मानना ​​है कि रूस से तेल खरीदने वाले देश उसे यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने में मदद कर रहे हैं. यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन और भारत समेत रूस के टॉप ऑयल ट्रेडिंग पार्टनर्स पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देता है.

ट्रंप को मिलेगा असीमित टैरिफ लगाने का अधिकारी

डेमोक्रेटिक कांग्रेसी ग्रेगरी मीक्स, जो हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के रैंकिंग मेंबर हैं, ने सोमवार को रशिया सैंक्शन बिल का विरोध करते हुए कहा कि इससे राष्ट्रपति ट्रंप को बिना किसी रोक-टोक के टैरिफ लगाने का बिना अधिकार मिल जाएगा. पिछले महीने, US सीनेट ने इस बिल को 86-11 के भारी बहुमत से पास किया था. यह बिल न सिर्फ रूस की लीडरशिप और एनर्जी सेक्टर पर, बल्कि उन जहाजों के “शैडो फ्लीट” पर भी बैन लगाने की कोशिश करता है, जो मॉस्को को तेल डिलीवरी पर बैन से बचने में मदद करते हैं.

राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

7 अगस्त को US सीनेट से पास हुए बिल में रूस के ट्रेडिंग पार्टनर्स का नाम नहीं है, लेकिन वॉल्यूम के हिसाब से तेल और गैस के पांच सबसे बड़े इंपोर्टर्स का जिक्र है. बिल को राष्ट्रपति के पास साइन के लिए भेजने से पहले प्रतिनिधि सभा से पास होना जरूरी है. सभा गुरुवार को जल्दी छुट्टी पर चला जाएगी. मिडटर्म चुनाव के बाद 9 नवंबर को सभा के फिर से शुरू होने की उम्मीद है. इस बीच जब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब इस बार में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा”…मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूं कि जहां तक ​​भारत द्वारा ऊर्जा स्रोतों का सवाल है, हमारा फैसला भारत के राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखेगा…”

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