US-Iran War: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध और संघर्ष खत्म होता नहीं दिख रहा है. दोनों देशों के बीच अंतरिम समझौते के बाद अमेरिका ने लगातार 9वीं रात भी ईरान पर अपने हमले को जारी रखा. इस हमले में तेहरान के कई सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है.
जॉर्डन पर ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद से वाशिंगटन तेहरान के प्रति और भी सख्त नजर आता है. न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक और अमेरिकी सैन्यकर्मी की मौत की घोषणा के बाद, संयुक्त राज्य अमेरिका ने सोमवार तड़के ईरान को निशाना बनाते हुए हवाई हमलों का एक नया दौर शुरू किया. वहीं, ईरान ने जॉर्डन की ओर मिसाइलें दागीं जिससे पड़ोसी इजरायल में संघर्ष के फैलने का खतरा पैदा हो गया है.
ईरान में पुलों और बिजली सुविधाओं पर हमला
अमेरिकी सेना ने कहा कि शनिवार को इराक में एक ईरानी ड्रोन को गिराए जाने के दौरान हुए “नियंत्रित विस्फोट” में एक सैन्यकर्मी की मौत हो गई. अमेरिका ने ईरान पर नौवीं रात के हमले जारी रखे. यूएस ने इस दौरान ईरान में पुलों और बिजली सुविधाओं को निशाना बनाया है.
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने सोमवार तड़के हमलों के एक नए दौर की घोषणा की; यह लगातार नौवीं रात थी जब हमले किए गए. सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा, “ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना जारी रखेंगे जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों (नाविकों) पर हमले के लिए किया जाता है.”
अमेरिकी सेना ने यह भी बताया, “CENTCOM ने ईरान की उन क्षमताओं को और कम करने के लिए ईरानी मिलिट्री कमांड सेंटर्स, एयर डिफेंस और कोस्टल सर्विलांस साइट्स, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स और कम्युनिकेशन नेटवर्क्स को निशाना बनाया, जिनसे वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों पर हमला कर सकता था.”
ओमान के तट के पास होर्मुज में एक जहाज में आग
वहीं, ब्रिटिश सेना के अनुसार, जैसे ही हमले शुरू हुए, सोमवार तड़के ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज में आग लग गई. यह साफ नहीं हो पाया कि ओमान के पास आग कैसे लगी; यह वह रास्ता है जिसका इस्तेमाल करने के लिए अमेरिकी सेना जहाजों को प्रोत्साहित करती रही है ताकि वे ईरान के नियंत्रण से बच सकें.
अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत
इससे पहले, अमेरिकी सेना ने कहा था कि उसने शुक्रवार को जॉर्डन में मारे गए सैनिकों के प्रतिशोध में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाया था. उस हमले के बाद एक सैनिक लापता हो गया था, और सेना के नए बयान में कहा गया है कि रविवार को “अज्ञात शव” मिले हैं जिनकी जांच की जा रही है. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुके हैं.
ईरान ने खाड़ी देशों पर की जवाबी कार्रवाई
वहीं, ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमला करके जवाबी कार्रवाई की है. बहरीन, जॉर्डन और कुवैत ने ईरान से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों के लिए हवाई सुरक्षा व्यवस्था फिर से सक्रिय कर दी है. सोमवार तड़के, बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि “ईरान राजधानी मनामा के मध्य में अज्ञात स्थानों को निशाना बनाने की कोशिश कर सकता है,” हालांकि दूतावास ने इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया.
इजरायल ने चेतावनी दी है कि पड़ोसी देश जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलों के कारण हफ्तों में पहली बार इजरायली क्षेत्र में आग फैल सकती है. ईरान का कहना है कि निर्माणाधीन परमाणु संयंत्र पर हमला हुआ है.
16 अमेरिकी सैनिकों की मौत, तेहरान के कई ठिकाने हुए तबाह! अंतरिम डील के बावजूद भीषण युद्ध
News Source: PTI
