Himachal Pradesh Rain Alert: हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन बारिश का रौद्र रूप दिखने वाला है. मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है. अधिकारियों ने रविवार को जानकारी दी कि भारी वर्षा, आंधी-तूफान, बिजली गिरने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की संभावना है, जिसके कारण हिमाचल के कांगड़ा जिले में सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट 20 और 21 जुलाई को बंद रहेंगे. मौसम विभाग ने सोमवार के लिए चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों और मंगलवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए रेड वॉर्निंग जारी की है.
दो दिन तक बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान
कांगड़ा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट और डिप्टी कमिश्नर हेम राज बैरवा ने 20 और 21 जुलाई को जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टिट्यूट बंद करने का आदेश दिया है. रविवार देर रात जारी एक आदेश में कहा गया है कि यह बंदी सभी स्कूल, कॉलेज, वोकेशनल और टेक्निकल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, आंगनवाड़ी सेंटर, क्रेच, हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी और बल्याहर में संस्कृत यूनिवर्सिटी पर लागू होगी. बैरवा ने यह भी निर्देश दिया कि 20 और 21 जुलाई को होने वाली परीक्षाएं टाल दी जाएं. हालांकि टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ भी ड्यूटी पर नहीं रहेंगे, लेकिन इमरजेंसी या डिजास्टर मैनेजमेंट ड्यूटी के लिए अगर जरूरत पड़ी तो डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन उनकी सेवाएं ले सकता है.
पुल श्रतिग्रस्त होने से टूटा संपर्क
रविवार को किन्नौर जिले में सांगला-चितकुल रास्ते पर रानी कांडा के पास तुबर नाले में अचानक आई तेज़ बाढ़ से भारी तबाही हुई. अधिकारियों ने बताया कि तिब्बत बॉर्डर इलाके को चितकुल के रास्ते उत्तराखंड से जोड़ने वाली एक जरूरी सड़क पूरी तरह से ब्लॉक हो गई है. तेज धार से तुबर नाले पर बना एक पुल भी डैमेज हो गया, जिससे आर्मी और ITBP का आगे की पोस्ट से संपर्क टूट गया. यह रास्ता स्ट्रेटेजिक रूप से बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे तिब्बत बॉर्डर के पास आर्मी और ITBP की आगे की पोस्ट तक सैनिकों और सामान की आवाजाही आसान होती है.
हाई अलर्ट पर प्रशासन
चार से पांच ज़िलों में भारी बारिश की चेतावनी के बाद हिमाचल प्रदेश के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं. इससे पहले, चीफ सेक्रेटरी कमलेश कुमार पंत ने सभी डिप्टी कमिश्नर (DCs) को 24×7 बेसिस पर डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर एक्टिवेट करने, लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़ और बादल फटने की संभावना वाली कमजोर जगहों की पहचान करने और बचाव के उपाय करने का निर्देश दिया था. कमिश्नरों को क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRTs), SDRF, NDRF, होम गार्ड्स, फायर सर्विस, पुलिस और एम्बुलेंस को पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया गया है.
लोगों से कहा गया है कि वे बेवजह यात्रा न करें, नदियों, झरनों, नालों और लैंडस्लाइड की संभावना वाली ढलानों से दूर रहें, और ओवरफ्लो हो रहे पुलों या पानी से भरी सड़कों को पार करने की कोशिश न करें. अधिकारियों ने लोगों से ऑफिशियल एडवाइजरी मानने और किसी भी इमरजेंसी में स्टेट इमरजेंसी हेल्पलाइन, 1070, या डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी हेल्पलाइन, 1077 पर संपर्क करने को कहा है.
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News Source: PTI
