Smit Machchhar: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार से फोन पर बात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि आप पूरी दुनिया के हीरो हैं. नेतन्याहू ने कहा कि मच्छार ने इजरायल जा रही एक फ्लाइट को क्रैश करने की को-पायलट की कथित कोशिश को नाकाम कर दिया था. लाउडस्पीकर पर हुई इस बातचीत का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है. बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने पायलट स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया. 38 वर्षीय मच्छार से बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कहा, ‘यह हमारे स्वतंत्रता दिवस पर दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है. आम तौर पर यह इजरायली नागरिकों के लिए होता है, लेकिन मुझे लगता है कि इस मामले में इजरायल के सभी नागरिक आपको अपना मानेंगे. हमें उम्मीद है कि हम आपसे जल्द ही इजरायल में मिलेंगे.’ बता दें कि बुधवार को जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, तभी कॉकपिट में को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया. इस हमले में मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
मच्छार ने बताई नई डरावनी बातें
इजरायल का स्वतंत्रता दिवस ‘योम हा-अत्ज़माउत’ हिब्रू महीने ‘इयार’ के पांचवें दिन मनाया जाता है. ये दिन अप्रैल के आखिर या मई की शुरुआत में आता है. आप इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए हीरो हैं. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आपको इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करता हूं. इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को एक्स की पोस्ट में लिखा था कि आज शाम हुई भावुक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर से पूछा कि यह सब कैसे शुरू हुआ और मच्छार ने कॉकपिट में हुई डरावनी घटनाओं के बारे में नई बातें बताईं. मच्छार ने बताया कि हमले से पहले को-पायलट प्रार्थना करना चाहता था. जब वह प्रार्थना कर रहा था, तो सम्मान के नाते मैं बस सामने देख रहा था, पीछे नहीं. इस दौरान अचानक करीब पांच मिनट बाद मेरे सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार हमला हुआ. भारतीय पायलट ने आगे कहा कि मुझे पहला ख्याल यही आया कि विमान को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है और कुछ गड़बड़ है. लेकिन फिर एक के बाद एक प्रहार होते रहे और तभी मुझे एहसास हुआ कि यह विमान की वजह से नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की वजह से हो रहा है जो मेरे साथ कॉकपिट में था. उन्होंने कहा कि मैंने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसके शुरुआती प्रहारों की वजह से मुझे लगभग कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. मेरी नजर पूरी तरह धुंधली हो गई थी.

आप पूरी दुनिया के हीरो हैं : नेतन्याहू
स्मित मच्छार ने बताया कि जब सामने दृश्य धुंधला होने लगा तो तब मुझे एहसास हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा था. साथ ही इसके आगे घटना के बारे में उनकी यादें ‘टूटे-फूटे हिस्सों’ के रूप में ही बची थीं. उन्होंने कहा कि वे एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, लेकिन को-पायलट ने उसे फिर से बंद कर दिया, जिससे वे कॉकपिट के फर्श पर ही रह गए. उस समय उन्हें विमान की आवाज और लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी. उन्होंने कहा कि मुझमें बस एक आखिरी कोशिश करने की हिम्मत बची थी. इसे निजी वजह कहें या लोगों के लिए किया गया काम. लेकिन सच तो यह है कि मैंने यह इसलिए किया क्योंकि मुझे पता था कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया, तो मैं मर जाऊंगा. भारतीय फ़्लाइट कैप्टन ने आगे कहा कि तभी मैंने पूरी ताकत लगा दी और दरवाजे की तरफ़ बढ़कर उसे खोल दिया. अच्छी बात यह थी कि लोग भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार थे. उन्होंने कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया और बाकी तो आप जानते ही हैं सर. नेतन्याहू ने उनसे कहा कि वे उनकी हिम्मत और मुश्किल हालात में भी शांत रहकर सही फैसला लेने की काबिलियत देखकर हैरान रह गए.
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नेतन्याहू ने मच्छार से यह भी कहा कि आपने बहुत से लोगों की जान बचाई. मुझे लगता है कि आपने उससे भी बड़ी चीज बचाई है. आपने दुनिया की हिम्मत और जज़्बे को बचाया है. यह ऐसी बात है जिसकी पूरी दुनिया में सही मायने में तारीफ हो रही है. आप इजरायल के हीरो हैं. आप भारत के हीरो हैं. आप पूरी दुनिया के हीरो हैं. नेतन्याहू ने कहा कि मुझे लगता है कि यह किस्मत और भरोसे का एक अनोखा मोड़ था और आपने जो किया वह वाकई काबिले-तारीफ है. मैंने इजरायली यात्रियों से सुना कि उसके बाद क्या हुआ था. आप एक महान हीरो हैं, आपके साथ भी हीरो थे और आपने उस मुश्किल घड़ी में सब कुछ संभाल लिया.

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घायल मच्छार को एयरलिफ्ट किया गया
वहीं, ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी की पहचान उस फ्लाईदुबई को-पायलट के तौर पर हुई है. इसमें मच्छार पर हमला किया और कथित तौर पर फ्लाइट पर कब्जा करने की कोशिश की. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-हम्मामी को पहले ओमान में उसकी कट्टरपंथी विचारधारा के कारण उड़ान भरने से रोक दिया गया था. उसने मच्छार पर क्रैश एक्स से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए. हालांकि, अभी तक हमले का मकसद साफ नहीं हो पाया है. 174 यात्रियों वाली इस फ्लाइट ने आपातकालीन सिग्नल भेजे और 34,000 फीट की ऊंचाई से तेज़ी से नीचे उतरते हुए 17,000 फीट से ज़्यादा की ऊंचाई तक आ गई. कैप्टन मच्छार कॉकपिट के फर्श पर घायल अवस्था में पड़े थे, तभी उन्हें एहसास हुआ कि प्लेन नीचे उतर रहा है. उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री हमलावर को काबू में कर सके. दो रिजर्व पायलटों ने सऊदी अरब के तबुक शहर में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज एयरपोर्ट पर विमान को सुरक्षित उतारा, जहां अल-हम्मामी को हिरासत में ले लिया गया और मच्छार को पास के अस्पताल ले जाया गया. इसके बाद उन्हें एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया.
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को-पायलट ने ‘आतंकवादी कृत्य’ को अंजाम देने की कोशिश की
दूसरी ओर जांच की अगुवाई कर रहे UAE ने शनिवार को बताया कि जांच से पता चला है कि को-पायलट ने ‘आतंकवादी कृत्य’ को अंजाम देने की कोशिश की थी. शुक्रवार को मच्छर ने पीएम मोदी से वीडियो कॉल पर बात की और हमले के बाद के डरावने पलों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहे थे, लेकिन दूसरों की जान नहीं जाने देने के लिए भी दृढ़ थे. UAE में भारतीय दूतावास ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि पायलट की हालत स्थिर है और लगातार उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है. दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शनिवार को अस्पताल में मच्छार से मुलाकात की और भारतीय पायलट की हिम्मत और जिम्मेदारी की भावना की तारीफ की. UAE के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और रक्षा मंत्री भी हमदान ने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलट ने हिम्मत, जिम्मेदारी और इंसानी जिंदगी की परवाह की सबसे ऊंची मिसाल पेश की है. इससे पहले नेतन्याहू उन चार इजरायली यात्रियों से मिले थे जिन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की थी. साथ ही विमान को बचाने के संघर्ष के बारे में उनकी बात सुनी थी. यात्रियों ने बताया कि को-पायलट को काबू करने के बाद उन्होंने उसे हेडफोन के तार से बांध दिया था.

तबाही को रोका और कई जानें बचाईं
इजरायल के PM ने उनकी बेहतरीन बहादुरी, सूझ-बूझ और भरोसे की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने एक बड़ी तबाही को रोका और कई जानें बचाईं. उन्होंने यह भी कहा कि यात्री इजरायल के आजादी के दिन नागरिक बहादुरी की मशाल जलाएंगे. बुधवार शाम नेतन्याहू ने कहा कि घायल पायलट, यात्रियों और क्रू के दूसरे सदस्यों ने ‘9/11 जैसी तबाही को रोकने में कामयाबी हासिल की.’ गुरुवार को फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए इजरायल के PM ने कहा कि फ़्लाइट में काबू किए जाने के बाद हमलावर चिल्ला रहा था ‘मुझे मार डालो, मुझे मार डालो!’, यह बात बताती है कि हमलावर खुदकुशी करना चाहता था और ऐसा लगता है कि उसका इरादा प्लेन को गिराने का था. उन्होंने यह भी कहा कि हमलावर ‘इस्लामिक कट्टरपंथी सोच से प्रभावित’ था. इस बीच मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया और इज़राइल के अधिकारी ओमान के को-पायलट के ऑस्ट्रेलिया से कनेक्शन और इस बात की जांच कर रहे हैं कि वह तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट के क्रू का हिस्सा कैसे बना, जबकि UAE की अगुवाई वाली जांच टीम उसके मकसद और कनेक्शन की पड़ताल कर रही है.

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